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MP News: एमपी भाजपा में संगठनात्मक बदलाव, हितानंद शर्मा को नई जिम्मेदारी, सह-बौद्धिक प्रमुख नियुक्त किया
Sat, 31 Jan 2026 09:27 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sat, 31 Jan 2026 09:27 PM IST
सार
मध्य प्रदेश भाजपा में बड़ा संगठनात्मक बदलाव किया गया है। प्रदेश संगठन महामंत्री रहे हितानंद शर्मा को नई जिम्मेदारी देते हुए मध्य क्षेत्र का सह-बौद्धिक प्रमुख बनाया गया है, जिनका केंद्र जबलपुर रहेगा।
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हितानंद शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश भाजपा ने अपने संगठन में बड़ा बदलाव किया है। प्रदेश संगठन महामंत्री रहे हितानंद शर्मा को अब मध्य क्षेत्र का सह-बौद्धिक प्रमुख बनाया गया है और उनकी कार्यस्थली जबलपुर रहेगी। संगठन सूत्रों के अनुसार यह बदलाव दीर्घकालिक रणनीति के तहत किया गया है। हितानंद शर्मा अशोकनगर के रहने वाले हैं, जो चंबल क्षेत्र का हिस्सा है। वे लंबे समय से विद्या भारती से जुड़े रहे हैं और संघ पृष्ठभूमि की वजह से संगठन में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। संगठनात्मक फेरबदल के तहत तीन प्रचारकों की जिम्मेदारियों में भी बदलाव हुआ है। सुरेंद्र मिश्रा को अब पूर्व सैनिक सेवा परिषद में काम सौंपा गया है, जबकि मुकेश त्यागी को ग्राहक पंचायत की जिम्मेदारी दी गई है। ब्रजकिशोर भार्गव को क्षेत्र गो सेवा प्रमुख के रूप में नियुक्त किया गया है। भाजपा से पहले हितानंद शर्मा करीब एक दशक तक विद्या भारती से जुड़े रहे। उसके पूर्व वे तहसील प्रचारक, जिला प्रचारक और विभाग प्रचारक जैसे दायित्व निभा चुके हैं। उनके पास संगठनात्मक अभियानों की विस्तृत जानकारी और अनुभव रहा है, जो उनके कामकाज में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
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संघ पृष्ठभूमि और संगठन में लंबा अनुभव
प्रदेश संगठन महामंत्री बनने से पहले हितानंद शर्मा सह-संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी निभा चुके हैं। वर्ष 2020 में उन्हें यह दायित्व सौंपा गया था और 2022 में उन्होंने सुहास भगत की जगह प्रदेश संगठन महामंत्री का पद संभाला था। खासकर ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में संघ और संगठन पर उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। संगठन के भीतर उन्हें अनुशासन, कैडर प्रबंधन और रणनीतिक कार्यशैली के लिए जाना जाता है। तहसील प्रचारक के रूप में शुरुआत करने वाले हितानंद शर्मा जिला और विभाग स्तर पर काम करते हुए प्रदेश महामंत्री तक पहुंचे।
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चुनावी सफलता में अहम भूमिका
उनके कार्यकाल में संगठनात्मक मजबूती के साथ-साथ चुनावी रणनीतियों को भी नई दिशा मिली। बूथ सशक्तिकरण अभियान के तहत उन्होंने जमीनी स्तर तक पहुंचकर तैयारियां कराईं। तकनीक के प्रभावी उपयोग को भाजपा संगठन में एक नया प्रयोग माना गया। मंडल स्तर तक लगातार प्रवास कर उन्होंने संगठन की नब्ज को मजबूत किया। विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत और लोकसभा चुनाव में प्रदेश की सभी 29 सीटों पर विजय के पीछे उनकी पर्दे के पीछे की रणनीतिक भूमिका को अहम माना जाता है।
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संघ पृष्ठभूमि और संगठन में लंबा अनुभव
प्रदेश संगठन महामंत्री बनने से पहले हितानंद शर्मा सह-संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी निभा चुके हैं। वर्ष 2020 में उन्हें यह दायित्व सौंपा गया था और 2022 में उन्होंने सुहास भगत की जगह प्रदेश संगठन महामंत्री का पद संभाला था। खासकर ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में संघ और संगठन पर उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। संगठन के भीतर उन्हें अनुशासन, कैडर प्रबंधन और रणनीतिक कार्यशैली के लिए जाना जाता है। तहसील प्रचारक के रूप में शुरुआत करने वाले हितानंद शर्मा जिला और विभाग स्तर पर काम करते हुए प्रदेश महामंत्री तक पहुंचे।
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