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MP News: भारत रत्न डॉ. अंबेडकर की जयंती पर संविधान प्रस्तावना का पाठ कर BJP ने बाबा साहब को याद किया
Mon, 14 Apr 2025 04:32 PM IST
आनंद पवार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Mon, 14 Apr 2025 04:32 PM IST
सार
भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर पूरे मध्यप्रदेश में श्रद्धा और सम्मान के साथ विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। राजधानी भोपाल से लेकर महू तक, सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने बाबा साहब के विचारों और योगदान को याद करते हुए उन्हें याद किया गया।
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर सोमवार को मध्यप्रदेश में विभिन्न आयोजनों के माध्यम से उन्हें याद किया गया। राजधानी भोपाल से लेकर उनकी जन्मस्थली महू तक सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने कार्यक्रम आयोजित किए। भाजपा ने स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में चल रहे आयोजनों की श्रृंखला में दीपोत्सव और संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ कर बाबा साहेब को नमन किया। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने सोमवार को भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर बोर्ड ऑफिस चौराहे पर स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया और नगर निगम द्वारा स्थापित सार्वजनिक प्याऊ का शुभारंभ किया एवं संविधान को नमन कर अजा मोर्चा द्वारा आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज बाबा साहब अंबेडकर की जयंती हम सभी के लिए अत्यंत महत्वूपर्ण है। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए बाबा साहब की जयंती सिर्फ 14 अप्रैल तक सीमित नहीं रहती बल्कि ये अखिल भारतीय स्तर के कार्यक्रमों में शामिल है और बूथ-बूथ पर पार्टी कार्यकर्ता डॉ. अंबेडकर की जयंती मनाते हैं। डॉ. अंबेडकर एक विजनरी नेता थे और उन्होंने अपने बड़े मन से देश की एकता-अखंडता के लिए काम करते हुए संविधान के माध्यम से देश को एक सूत्र में बांधने का काम किया।
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शर्मा ने कहा कि आजादी के बाद कांग्रेस पार्टी ने देश में 55 वर्षों तक शासन किया। कांग्रेस ने अपने नेताओं को तो सम्मान दिया, लेकिन बाबा साहब अंबेडकर को सम्मान देने के स्थान पर उनका अपमान किया और चुनाव हराने का काम किया। पहली बार अटलजी के नेतृत्व में बनी एनडीए की सरकार ने यह कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर को भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए। शर्मा ने कहा कि देश की आजादी के बाद जब पं. जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में पहली सरकार बनी, तो पं. नेहरू ने जम्मू-कश्मीर में धारा 370 लगाने का प्रावधान हमारे संविधान में कर दिया। इसमें ये प्रावधान था कि जम्मू-कश्मीर का संविधान अलग होगा, वहां का प्रधानमंत्री अलग होगा और वहां का झंडा भी अलग होगा। इसके साथ ही इसमें यह भी प्रावधान भी था कि अगर किसी सफाईकर्मी का बच्चा योग्य भी है, तब भी वह कुछ और नहीं बन सकेगा, उसे अपना परंपरागत व्यवसाय ही करना होगा। इस भेदभाव का डॉ. अंबेडकर ने पुरजोर विरोध किया। देश की आजादी के बाद 75 वर्षों तक किसी ने इस भेदभाव की चिंता नहीं की। प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को हटाकर दलित भाई-बहनों के साथ हो रहे भेदभाव को खत्म किया और उन्हें अधिकार प्रदान किए।
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कार्यक्रम स्थल पर सुबह से ही बड़ी संख्या में आम नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के लिए एकत्र हुए। बसपा, भाजपा और कांग्रेस सहित कई संगठनों के कार्यकर्ताओं ने बाबा साहब को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प दोहराया। इस अवसर पर मंत्री चेतन कश्यप, कृष्णा गौर, पार्टी के प्रदेश महामंत्री व विधायक भगवानदास सबनानी, हरिशंकर खटीक, महापौर मालती राय, जिला अध्यक्षरविन्द्र यति, जिला प्रभारी महेन्द्र यादव, पूर्व जिला अध्यक्ष सुमित पचौरी, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी सहित पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में संविधान के मूल मूल्यों को आत्मसात करने का संकल्प लिया गया।
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शर्मा ने कहा कि आजादी के बाद कांग्रेस पार्टी ने देश में 55 वर्षों तक शासन किया। कांग्रेस ने अपने नेताओं को तो सम्मान दिया, लेकिन बाबा साहब अंबेडकर को सम्मान देने के स्थान पर उनका अपमान किया और चुनाव हराने का काम किया। पहली बार अटलजी के नेतृत्व में बनी एनडीए की सरकार ने यह कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर को भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए। शर्मा ने कहा कि देश की आजादी के बाद जब पं. जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में पहली सरकार बनी, तो पं. नेहरू ने जम्मू-कश्मीर में धारा 370 लगाने का प्रावधान हमारे संविधान में कर दिया। इसमें ये प्रावधान था कि जम्मू-कश्मीर का संविधान अलग होगा, वहां का प्रधानमंत्री अलग होगा और वहां का झंडा भी अलग होगा। इसके साथ ही इसमें यह भी प्रावधान भी था कि अगर किसी सफाईकर्मी का बच्चा योग्य भी है, तब भी वह कुछ और नहीं बन सकेगा, उसे अपना परंपरागत व्यवसाय ही करना होगा। इस भेदभाव का डॉ. अंबेडकर ने पुरजोर विरोध किया। देश की आजादी के बाद 75 वर्षों तक किसी ने इस भेदभाव की चिंता नहीं की। प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को हटाकर दलित भाई-बहनों के साथ हो रहे भेदभाव को खत्म किया और उन्हें अधिकार प्रदान किए।
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कार्यक्रम स्थल पर सुबह से ही बड़ी संख्या में आम नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के लिए एकत्र हुए। बसपा, भाजपा और कांग्रेस सहित कई संगठनों के कार्यकर्ताओं ने बाबा साहब को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प दोहराया। इस अवसर पर मंत्री चेतन कश्यप, कृष्णा गौर, पार्टी के प्रदेश महामंत्री व विधायक भगवानदास सबनानी, हरिशंकर खटीक, महापौर मालती राय, जिला अध्यक्षरविन्द्र यति, जिला प्रभारी महेन्द्र यादव, पूर्व जिला अध्यक्ष सुमित पचौरी, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी सहित पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में संविधान के मूल मूल्यों को आत्मसात करने का संकल्प लिया गया।
