फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   MP News: OBC reservation at a decisive turn: Supreme Court hears daily from today, government and OBC Mahasabh

MP News: ओबीसी आरक्षण निर्णायक मोड़ पर: सुप्रीम कोर्ट में आज से रोजाना सुनवाई, सरकार और ओबीसी महासभा की एकराय

Wed, 24 Sep 2025 07:49 AM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Wed, 24 Sep 2025 07:49 AM IST
सार

मध्यप्रदेश में ओबीसी आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने 24 सितंबर बुधवार यानी आज से रोजाना सुनवाई शुरू होगी। इससे लंबे समय से अटका 27% आरक्षण विवाद सुलझने की उम्मीद जगी है।
 

विज्ञापन
MP News: OBC reservation at a decisive turn: Supreme Court hears daily from today, government and OBC Mahasabh
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का मामला अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रकरण को टॉप ऑफ द बोर्ड श्रेणी में शामिल कर 24 सितंबर 2025 से दैनिक सुनवाई करने का फैसला किया है। अदालत ने संकेत दिया है कि अंतिम निर्णय होने तक यह सुनवाई लगातार जारी रहेगी। इस मामले में सरकार, ओबीसी महासभा और याचिकाकर्ता अभ्यर्थियों के वकील एकजुट होकर कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखेंगे। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  MP News: MP में ड्रोन सिस्टम को लेकर HQ IDS का बड़ा सैन्य अभ्यास, ऑपरेशन सिंदूर से मिले सबक होंगे लागू; जानें
विज्ञापन


मध्य प्रदेश में ओबीसी वर्ग को 14 प्रतिशत आरक्षण प्राप्त है, जिसे 2019 में अध्यादेश के माध्यम से बढ़ाकर 27 प्रतिशत किया गया था। हालांकि, मामला न्यायालय में लंबित होने से 13 प्रतिशत आरक्षण प्रभावी नहीं हो पाया है। यदि शीघ्र निर्णय आता है, तो इससे वे विद्यार्थी भी लाभान्वित होंगे जो इस अतिरिक्त कोटे में आते हैं और आयु सीमा पार कर चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  MP मंत्रि परिषद बैठक: पर्यटक स्थलों को जोड़ने शुरू होगी हेलीकॉप्टर सेवा, डॉक्टरों के पद भरे जाएंगे

इससे पहले विधानसभा में हुई सर्वदलीय बैठक में सभी दलों ने ओबीसी आरक्षण को 27 प्रतिशत किए जाने पर सहमति जताई थी। बैठक में यह संकल्प भी पारित हुआ कि अन्य पिछड़े वर्ग को उनका उचित हक दिलाने के लिए सभी दल एकजुट रहेंगे। बता दें, ओबीसी आरक्षण वृद्धि का प्रस्ताव पहली बार कमलनाथ सरकार ने पारित किया था। इसके बाद मामला अदालत में चला गया। अब सुप्रीम कोर्ट के दैनिक सुनवाई के निर्णय से उम्मीद है कि वर्षों से लंबित यह विवाद जल्द सुलझेगा और राज्य में आरक्षण व्यवस्था स्पष्ट हो जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed