फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   MP News: NGT takes strict action on contaminated water, orders monitoring and improvement across the state, ci

MP News: जहरीले पानी पर NGT सख्त,पूरे प्रदेश में निगरानी और सुधार के आदेश,शहरों की जल आपूर्ति जांच के घेरे में

Thu, 15 Jan 2026 07:15 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Thu, 15 Jan 2026 07:15 PM IST
सार

NGT ने मध्यप्रदेश में दूषित पेयजल को गंभीर जन-स्वास्थ्य संकट मानते हुए इंदौर त्रासदी के बाद भोपाल समेत सभी शहरों की जल आपूर्ति को जांच के दायरे में लिया है। पूरे प्रदेश में 24×7 निगरानी, क्लोरीनेशन, पाइपलाइन सुधार और जवाबदेही तय करने के सख्त आदेश दिए गए हैं।

विज्ञापन
MP News: NGT takes strict action on contaminated water, orders monitoring and improvement across the state, ci
एनजीटी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्यप्रदेश में दूषित पेयजल से फैल रही बीमारियों और मौतों के मामलों को गंभीरता से लेते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की सेंट्रल जोन बेंच ने कड़ा रुख अपनाया है। इंदौर और प्रदेश के अन्य शहरों में सप्लाई हो रहे पानी में फीकल कोलिफॉर्म, ई-कोलाई और खतरनाक बैक्टीरिया पाए जाने को गंभीर पर्यावरणीय और जनस्वास्थ्य संकट मानते हुए ट्रिब्यूनल ने राज्य सरकार और सभी नगर निगमों को व्यापक निर्देश जारी किए हैं। NGT ने स्पष्ट कहा है कि यह समस्या केवल इंदौर तक सीमित नहीं है, बल्कि भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, रीवा, सतना और अन्य शहरों में भी पेयजल व्यवस्था में गंभीर खामियां सामने आई हैं। ट्रिब्यूनल ने इसे संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत स्वच्छ पेयजल के अधिकार का उल्लंघन माना है। यह आदेश याचिकाकर्ता राशिद नूर खान बनाम कलेक्टर, इंदौर एवं अन्य मामले में पारित किया गया।
विज्ञापन


इंदौर में पानी से मौतें, सिस्टम फेल होने की पुष्टि
NGT के समक्ष प्रस्तुत याचिकाओं में बताया गया कि दिसंबर 2025 के अंतिम सप्ताह में इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में अत्यधिक दूषित पानी की आपूर्ति के कारण बड़े पैमाने पर लोग बीमार पड़े, कई को ICU में भर्ती करना पड़ा और मौतें भी हुईं। लैब रिपोर्ट में पानी में वाइब्रियो कॉलरी, फीकल कोलिफॉर्म और ई-कोलाई की पुष्टि हुई, जिससे सीवेज के पानी के पेयजल पाइपलाइन में मिलने की बात सामने आई ।
विज्ञापन



यह भी पढ़ें-भोपाल में कर्मचारी संगठनों का प्रदर्शन, 11 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार पर बनाया दबाव
विज्ञापन
विज्ञापन



NGT ने राज्य सरकार और सभी नगर निगमों को दिए निर्देश 

- पेयजल की 24×7 मॉनिटरिंग के लिए वाटर ऐप विकसित किया जाए
- जल पाइपलाइनों और सीवेज नेटवर्क की GIS मैपिंग की जाए
- ओवरहेड टैंकों और सम्पवेल्स की नियमित सफाई और क्लोरीनेशन हो
- दूषित जल आपूर्ति पर तुरंत जनसूचना और अलर्ट सिस्टम लागू किया जाए
- अवैध कब्जे हटाए जाएं और जल स्रोतों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए
- पानी की गुणवत्ता की जानकारी बिल और मीडिया के जरिए जनता को दी जाए ।

यह भी पढ़ें-आरोपी असलम ने किसकी सह पर अपनी गाड़ियों में लिखा नगर निगम भोपाल; मेट्रो को दी गई जमीन भी कब्जे में

जांच के लिए हाई लेवल जॉइंट कमेटी गठित
ट्रिब्यूनल ने IIT इंदौर, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पर्यावरण विभाग और नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों की संयुक्त जांच समिति गठित की है। समिति को छह सप्ताह में साइट निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य PCB को नोडल एजेंसी बनाया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed