फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   MP News: Minister Tulsiram Silavat angry over water leakage from dam in Bhopal, four Eng. show cause notice to

MP News: मंत्री तुलसीराम सिलावट भोपाल में डैम से पानी रिसाव पर नाराज, चार इंजी. को शो कॉज नोटिस

Mon, 02 Jan 2023 10:08 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Mon, 02 Jan 2023 10:08 PM IST
सार

भोपाल स्थित घोड़ा पछाड़ डैम 1965 का बना हुआ है और इसमें 12 एमसीएम से अधिक पानी आता है। इसके पानी से लगभग 1400 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जाती है। मंत्री सिलावट सोमवार को डैम पहुंचे। यहां मंत्री ने बांध की दीवार पर सड़क बनाने के निर्देश दिए। उसके साथ ही मरम्मत का काम नहीं होने पर भी नाराजगी

विज्ञापन
MP News: Minister Tulsiram Silavat angry over water leakage from dam in Bhopal, four Eng. show cause notice to
जल संसाधन मंत्री तुलसी राम सिलावट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश में चुनावी साल के साथ ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ ही मंत्री भी एक्टिव हो गए हैं। सोमवार को जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने भोपाल में घोड़ा पछाड़ डैम का औचक निरीक्षण किया। मंत्री ने दो किमी पैदल चलकर डैम का निरीक्षण किया। मंत्री ने बांध दीवार में कमी पाए जाने पर अधिकारियों को जमकर फटकारा और चार अधिकारियों को शो कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन

 
भोपाल स्थित घोड़ा पछाड़ डैम 1965 का बना हुआ है और इसमें 12 एमसीएम से अधिक पानी आता है। इसके पानी से लगभग 1400 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जाती है। मंत्री सिलावट सोमवार को डैम पहुंचे। यहां मंत्री ने बांध की दीवार पर सड़क बनाने के निर्देश दिए। उसके साथ ही मरम्मत का काम नहीं होने पर भी  नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्य अभियंता कुसरे को निर्देश दिए कि वे जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री एसडीओ, दो सब इंजीनियर को शो काज नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब लें। सिलावट ने डैम की वॉल पर 2 किलोमीटर पैदल चलकर निरीक्षण किया और इसी के साथ डैम से निकलने वाली नहर का भी निरीक्षण किया। नहर से पानी के रिसाव पर चिंता व्यक्त करते हुए मंत्री ने कहा कि केनाल के रिसाव को ठीक किया जावे और उसका पानी वेस्टेज ना हो इसके लिए भी पर्याप्त उपाय किए जाएं। 
विज्ञापन

 
सिलावट ने बांध में मछली पालन की व्यवस्थाओं को भी देखा यहां पर 266 केज लगाए गए है, जिनमें मछली उत्पादन किया जा रहा है डायरेक्टर मछली पालन विभाग भरत सिंह ने बताया कि प्रत्येक केज में साल में 4 टन मछली पैदा हो रही है। इस प्रकार यहां एक हजार टन से अधिक मछली साल भर में पैदा की जा रही है। मछली की गुणवत्ता के लिए उच्च क्वालिटी स्टेंडर्ड फ्राई डाला जाता है। सिलावट ने बांध के पास बने निरीक्षण भवन का भी निरीक्षण और खाली जगह में वृक्षारोपण करने के निर्देश दिए। नहर के आस-पास यदि कोई अतिक्रमण है तो उसे जिला प्रशासन के साथ कार्रवाई कर तुरंत हटाया जाए। सिलावट ने स्थानीय विधायक और जन प्रतिनिधि के साथ बांध से पानी छोड़े जाने पर कार्यक्रम करने के निर्देश दिए ।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed