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MP News: जल संरक्षण में आदर्श बना गुना, राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय जल पुरस्कार से सम्मानित किया
Tue, 18 Nov 2025 10:38 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Tue, 18 Nov 2025 10:38 PM IST
सार
जल संरक्षण के क्षेत्र में बेहतरीन काम और जनभागीदारी की मिसाल पेश करने पर गुना नगर पालिका परिषद को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा सम्मान मिला है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित समारोह में गुना को छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार से सम्मानित किया।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सम्मानित करते हुए
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जल संचय के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य और जनभागीदारी की अनूठी पहल के लिए गुना नगरीय निकाय को छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार में सम्मानित किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में गुना नगर पालिका परिषद को पुरस्कृत किया। इस उपलब्धि के साथ गुना देश के श्रेष्ठ 50 शहरी निकायों में स्थान बनाने में सफल रहा। कार्यक्रम में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल भी मौजूद रहे। नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने गुना नगर पालिका परिषद और उसकी टीम को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान प्रभावी क्रियान्वयन और सामुदायिक सहयोग का परिणाम है।
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लक्ष्य से अधिक रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर बनाए
केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने जल संरक्षण और जनभागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्तर पर जल पुरस्कारों की घोषणा की थी। इस अभियान के अंतर्गत गुना नगर पालिका परिषद ने जल संचय के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की और पूरे नगरीय क्षेत्र में 2,231 रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के जियो टैग फोटो पोर्टल पर अपलोड किए, जो निर्धारित लक्ष्य से अधिक हैं। इसके साथ ही शहर के कुंओं और बावड़ियों का जीर्णोद्वार कर उनके पुनर्जीवन का कार्य भी व्यापक स्तर पर किया गया। जल संरक्षण अभियान को सफल बनाने के लिए नगर पालिका ने विशेष दल का गठन किया। इस दल ने मई महीने में सरकारी और निजी परिसरों, स्कूल-कॉलेजों, छात्रावासों, कॉलोनियों और मल्टी स्टोरी बिल्डिंग का सर्वे किया। सर्वे के आधार पर जनभागीदारी से रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाए गए और पहले से मौजूद प्रणालियों की मरम्मत भी सुनिश्चित की गई।
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राष्ट्रीय स्तर पर मध्य प्रदेश का उत्कृष्ट प्रदर्शन
जल संरक्षण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर अपना नेतृत्व भी दर्ज कराया है। 'कैच द रेन अभियान' के अंतर्गत साउथ जोन श्रेणी-एक में पूर्वी निमाड़ जिले को पहला पुरस्कार मिला, वहीं शहरी निकायों की श्रेणी में गुना को दूसरी रैंक हासिल हुई। इसी श्रेणी में बैतूल, धार, देवास, सिवनी और खरगोन भी पुरस्कृत हुए हैं।
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जल समृद्ध भारत की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
राष्ट्रीय जल पुरस्कारों की शुरुआत वर्ष 2018 में लोगों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने और उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित करने के उद्देश्य से की गई थी। वर्ष 2024 के लिए कुल 751 आवेदनों में से विशेषज्ञ समिति और केंद्रीय जल आयोग के मूल्यांकन के बाद 46 विजेताओं का चयन किया गया।
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लक्ष्य से अधिक रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर बनाए
केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने जल संरक्षण और जनभागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्तर पर जल पुरस्कारों की घोषणा की थी। इस अभियान के अंतर्गत गुना नगर पालिका परिषद ने जल संचय के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की और पूरे नगरीय क्षेत्र में 2,231 रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के जियो टैग फोटो पोर्टल पर अपलोड किए, जो निर्धारित लक्ष्य से अधिक हैं। इसके साथ ही शहर के कुंओं और बावड़ियों का जीर्णोद्वार कर उनके पुनर्जीवन का कार्य भी व्यापक स्तर पर किया गया। जल संरक्षण अभियान को सफल बनाने के लिए नगर पालिका ने विशेष दल का गठन किया। इस दल ने मई महीने में सरकारी और निजी परिसरों, स्कूल-कॉलेजों, छात्रावासों, कॉलोनियों और मल्टी स्टोरी बिल्डिंग का सर्वे किया। सर्वे के आधार पर जनभागीदारी से रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाए गए और पहले से मौजूद प्रणालियों की मरम्मत भी सुनिश्चित की गई।
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राष्ट्रीय स्तर पर मध्य प्रदेश का उत्कृष्ट प्रदर्शन
जल संरक्षण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर अपना नेतृत्व भी दर्ज कराया है। 'कैच द रेन अभियान' के अंतर्गत साउथ जोन श्रेणी-एक में पूर्वी निमाड़ जिले को पहला पुरस्कार मिला, वहीं शहरी निकायों की श्रेणी में गुना को दूसरी रैंक हासिल हुई। इसी श्रेणी में बैतूल, धार, देवास, सिवनी और खरगोन भी पुरस्कृत हुए हैं।
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जल समृद्ध भारत की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
राष्ट्रीय जल पुरस्कारों की शुरुआत वर्ष 2018 में लोगों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने और उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित करने के उद्देश्य से की गई थी। वर्ष 2024 के लिए कुल 751 आवेदनों में से विशेषज्ञ समिति और केंद्रीय जल आयोग के मूल्यांकन के बाद 46 विजेताओं का चयन किया गया।
