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MP News: किसानों को 10 घंटे बिजली आपूर्ति के लिए कंपनी कटिबद्ध, बोले-बिजली आपूर्ति में कोई कटौती नहीं
Tue, 04 Nov 2025 09:17 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Tue, 04 Nov 2025 09:17 PM IST
सार
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कहा है कि किसानों को रोजाना तय 10 घंटे की बिजली लगातार मिल रही है। कंपनी ने सोशल मीडिया पर चल रही बिजली आपूर्ति में कमी की खबरों को भ्रामक और पूरी तरह झूठा बताया है।
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बिजली बिल
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने स्पष्ट किया है कि किसानों को कृषि फीडरों पर प्रतिदिन 10 घंटे की नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। कंपनी ने सोशल मीडिया पर चल रही उन भ्रामक खबरों का खंडन किया है जिनमें कहा जा रहा था कि किसानों को बिजली आपूर्ति करने में कठिनाई आ रही हैं। कंपनी ने इसे पूरी तरह असत्य और तथ्यों से परे बताया है। कंपनी के अनुसार, राज्य शासन के निर्देशों के अनुरूप भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग के 16 जिलों के 9 लाख 92 हजार 171 कृषक उपभोक्ताओं को नियत समय पर 10 घंटे बिजली मिल रही है। वर्ष 2024-25 में कृषि उपभोक्ताओं के लिए 6465 करोड़ रुपये की सब्सिडी और वर्ष 2025-26 के लिए 2535 करोड़ रुपये की सब्सिडी शासन द्वारा स्वीकृत की गई है।
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कंपनी ने बताया कि किसानों को 10 घंटे से अधिक बिजली देने पर तकनीकी और आर्थिक समस्याएं उत्पन्न होती हैं। इससे अन्य फीडरों पर अधिक लोड आने से दुर्घटनाओं और घरेलू विद्युत आपूर्ति में बाधा जैसी दिक्कतें बढ़ती हैं। इसी कारण शासन ने 31 अगस्त 2020 के आदेश के तहत तय समयानुसार 10 घंटे आपूर्ति की व्यवस्था की थी। यदि किसी क्षेत्र में निर्धारित समय से अधिक बिजली दी जाती है, तो इससे न केवल कंपनी को आर्थिक नुकसान होता है बल्कि कई स्थानों पर ट्रांसफार्मर और वितरण लाइनों पर तकनीकी दबाव भी बढ़ता है। इसीलिए सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित समयसारिणी का पालन करें और फीडरों पर अतिरिक्त आपूर्ति न करें।
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कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि बिजली की आपूर्ति के घंटों की गणना के लिए मीटरिंग और तकनीकी प्रणाली को और सटीक बनाया गया है। किसी भी स्तर पर नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। कंपनी के प्रबंध संचालक क्षितिज सिंघल ने कहा कि कुछ सोशल मीडिया पोस्टों में यह भ्रामक दावा किया जा रहा है कि किसानों को बिजली नहीं मिल रही या आपूर्ति घटाई जा रही है। उन्होंने कहा कि “यह पूरी तरह गलत है। कंपनी और ऊर्जा विभाग किसानों को निर्धारित 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के लिए पूरी गंभीरता से कार्यरत हैं और इसकी लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने आगे बताया कि 3 नवंबर 2025 को एक बार फिर से स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि कृषि फीडरों पर 10 घंटे की विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित रहे और कोई भी अधिकारी या कर्मचारी इस नियम का उल्लंघन न करे।
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कंपनी ने बताया कि किसानों को 10 घंटे से अधिक बिजली देने पर तकनीकी और आर्थिक समस्याएं उत्पन्न होती हैं। इससे अन्य फीडरों पर अधिक लोड आने से दुर्घटनाओं और घरेलू विद्युत आपूर्ति में बाधा जैसी दिक्कतें बढ़ती हैं। इसी कारण शासन ने 31 अगस्त 2020 के आदेश के तहत तय समयानुसार 10 घंटे आपूर्ति की व्यवस्था की थी। यदि किसी क्षेत्र में निर्धारित समय से अधिक बिजली दी जाती है, तो इससे न केवल कंपनी को आर्थिक नुकसान होता है बल्कि कई स्थानों पर ट्रांसफार्मर और वितरण लाइनों पर तकनीकी दबाव भी बढ़ता है। इसीलिए सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित समयसारिणी का पालन करें और फीडरों पर अतिरिक्त आपूर्ति न करें।
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कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि बिजली की आपूर्ति के घंटों की गणना के लिए मीटरिंग और तकनीकी प्रणाली को और सटीक बनाया गया है। किसी भी स्तर पर नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। कंपनी के प्रबंध संचालक क्षितिज सिंघल ने कहा कि कुछ सोशल मीडिया पोस्टों में यह भ्रामक दावा किया जा रहा है कि किसानों को बिजली नहीं मिल रही या आपूर्ति घटाई जा रही है। उन्होंने कहा कि “यह पूरी तरह गलत है। कंपनी और ऊर्जा विभाग किसानों को निर्धारित 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के लिए पूरी गंभीरता से कार्यरत हैं और इसकी लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने आगे बताया कि 3 नवंबर 2025 को एक बार फिर से स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि कृषि फीडरों पर 10 घंटे की विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित रहे और कोई भी अधिकारी या कर्मचारी इस नियम का उल्लंघन न करे।
