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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   MP News: Even after 11 days, Delimitation Commission is waiting for office, demand raised to make Sironj a dis

MP News: 11 दिन बाद भी परिसीमन आयोग को ऑफिस का इंतजार, सिरोंज को जिला बनाने की उठी मांग

Sat, 21 Sep 2024 10:07 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Sat, 21 Sep 2024 10:07 PM IST
सार


प्रदेश में जिलों की सीमाओं की विसंगतियों को दूर करने के लिए परिसीमन आयोग के गठन को 11 दिन हो चुके हैं, लेकिन अब तक आयोग का ऑफिस तय नहीं हो सका है। इस बीच, जनता सीधे आयोग के प्रमुख से संपर्क कर रही है। सबसे पहले विदिशा जिले के सिरोंज लटेरी को स्वतंत्र जिला बनाने का लेकर प्रस्ताव आ गया है।

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MP News: Even after 11 days, Delimitation Commission is waiting for office, demand raised to make Sironj a dis
मंत्रालय - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने परिसीमन आयोग के गठन के साथ ही जिलों में विसंगतियों का जिक्र किया था। साथ ही सेवानिवृत्त आईएएस मनोज श्रीवास्तव को आयोग का प्रमुख बनाया है। उन्होंने कार्यभार ग्रहण भी कर लिया। हालांकि, अभी सरकार की तरफ से आयोग के कार्यालय से लेकर स्टाफ को लेकर कार्यवाही चल रही है। इस बीच लोग सीधे आयोग के प्रमुख से उनके आवास पर मिलने पहुंच रहे हैं। जानकारी के अनुसार सिंरोज क्षेत्र से लंबे समय से सिरोंज लटेरी को स्वतंत्र जिला बनाने की मांग की जा रही है। जिला बनाओ समिति भी लंबे समय से इस मुद्दे पर काम कर रही है। इस ग्रुप के लोगों ने सिंरोज लटेरी को स्वतंत्र जिला बनाने की मांग को लेकर अपना प्रतिवेदन आयोग के प्रमुख को दिया है। इसके अलावा भी तहसील और विकासखंड स्तर पर लोग अपनी मांग को लेकर पहुंच रहे हैं। बता दें, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य में जिलों की सीमा और प्रशासनिक ढांचे में मौजूद विसंगतियों को दूर करने के उद्देश्य से परिसीमन आयोग के गठन का निर्णय लिया था। उनका कहना है कि यह आयोग इन विसंगतियों को खत्म करने के लिए काम करेगा, जिससे प्रशासनिक कार्यों में सुधार हो सके।
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आयोग की प्रक्रिया पर विचार-विमर्श जारी
आयोग के प्रमुख मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि आयोग की कार्यप्रणाली तय होना है। उन्होंने बताया कि कई महत्वपूर्ण सवालों पर विचार किया जा रहा है, जैसे क्या प्रश्नावली तैयार करना जरूरी है या नहीं, और इस पर तीनों सदस्यों के आने के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा। आयोग लोगों से लिखित प्रस्ताव लेगा और उन्हें प्रजेंटेशन का समय भी दिया जाएगा। इसके साथ ही भ्रमण और जन सुनवाई की प्रक्रिया को लेकर भी अभी सब कुछ तय करना है। आयोग की प्रक्रिया तय होने के बाद लोगों के सुझाव और प्रस्तावों को प्राथमिकता से सुना जाएगा।
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