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MP News: किसानों की खुशहाली के लिए सिंचाई क्षेत्र बढ़ाने पर जोर, CM बोले- 3 साल में 100 लाख हेक्टेयर का लक्ष्य
Thu, 21 Aug 2025 08:12 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Thu, 21 Aug 2025 08:12 PM IST
सार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों की खुशहाली और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सिंचाई क्षेत्र को लगातार बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि आने वाले तीन साल में प्रदेश का सिंचाई क्षेत्र 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाया जाए। अभी प्रदेश में 52 लाख हेक्टेयर से ज्यादा जमीन शासकीय स्रोतों से सिंचित हो रही है।
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सीएम डॉ. यादव ने जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक की
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को जल संसाधन विभाग की समीक्षा की। बैठक में मुख्यमत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों की समृद्धि और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए सिंचाई क्षेत्र का निरंतर विस्तार बेहद आवश्यक है। सीएम ने बैठक में निर्देश दिए कि आने वाले तीन वर्षों में प्रदेश का सिंचाई क्षेत्र 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाया जाए। फिलहाल प्रदेश में शासकीय स्रोतों से 52 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र सिंचित हो रहा है। डॉ. यादव ने कहा कि जल केवल कृषि ही नहीं बल्कि उद्योग, पेयजल और ऊर्जा उत्पादन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसलिए जल संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए विभाग को लक्ष्य की दिशा में तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए।
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नदी जोड़ो परियोजनाओं से बदलेगी प्रदेश की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना और संशोधित पार्वती-काली-सिंध-चंबल लिंक जैसी अंतर्राज्यीय योजनाएं प्रदेश के लिए क्रांतिकारी साबित होंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऐसी परियोजनाओं के लिए 90% राशि केन्द्र से उपलब्ध कराई जा रही है। डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का नदियों को जोड़ने का सपना अब साकार हो रहा है और प्रदेश भी इसमें सक्रिय भूमिका निभाएगा। राज्य सरकार जल्द ही आंतरिक नदी जोड़ो परियोजनाओं के सर्वे और प्रस्ताव तैयार कर केन्द्र को भेजेगी।
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शिप्रा नदी पर 30 किमी लंबा घाट का निर्माण दो साल में होगा पूरा
बैठक के दौरान सिंहस्थ 2028 की तैयारियों की समीक्षा भी की गई। मुख्यमंत्री ने शिप्रा शुद्धिकरण, घाट निर्माण और बैराज निर्माण कार्यों की प्रगति जानी। वर्तमान में शिप्रा नदी पर 30 किलोमीटर लंबाई में घाट निर्माण कार्य जारी है, जिसे 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा। इन घाटों से सिंहस्थ के दौरान एक दिन में लगभग 5 करोड़ श्रद्धालुओं को स्नान की सुविधा मिलेगी।
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पांच साल में 38 परियोजनाएं पूरी होंगी
बैठक में बताया गया कि रबी 2023-24 में प्रदेश का सिंचित क्षेत्र 44.56 लाख हेक्टेयर था, जो रबी 2025-26 में बढ़कर 52.06 लाख हेक्टेयर हो गया है। बीते डेढ़ साल में सिंचाई क्षेत्र में 7.50 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है। इसमें जल संसाधन विभाग ने 2.39 और नर्मदा घाटी विकास विभाग ने 5.11 लाख हेक्टेयर क्षेत्र बढ़ाया। आगामी पांच वर्षों में 200 करोड़ से अधिक की लागत वाली 38 परियोजनाएं पूरी होंगी, जिससे 17.33 लाख हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित होगा।
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नदी जोड़ो परियोजनाओं से बदलेगी प्रदेश की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना और संशोधित पार्वती-काली-सिंध-चंबल लिंक जैसी अंतर्राज्यीय योजनाएं प्रदेश के लिए क्रांतिकारी साबित होंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऐसी परियोजनाओं के लिए 90% राशि केन्द्र से उपलब्ध कराई जा रही है। डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का नदियों को जोड़ने का सपना अब साकार हो रहा है और प्रदेश भी इसमें सक्रिय भूमिका निभाएगा। राज्य सरकार जल्द ही आंतरिक नदी जोड़ो परियोजनाओं के सर्वे और प्रस्ताव तैयार कर केन्द्र को भेजेगी।
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शिप्रा नदी पर 30 किमी लंबा घाट का निर्माण दो साल में होगा पूरा
बैठक के दौरान सिंहस्थ 2028 की तैयारियों की समीक्षा भी की गई। मुख्यमंत्री ने शिप्रा शुद्धिकरण, घाट निर्माण और बैराज निर्माण कार्यों की प्रगति जानी। वर्तमान में शिप्रा नदी पर 30 किलोमीटर लंबाई में घाट निर्माण कार्य जारी है, जिसे 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा। इन घाटों से सिंहस्थ के दौरान एक दिन में लगभग 5 करोड़ श्रद्धालुओं को स्नान की सुविधा मिलेगी।
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पांच साल में 38 परियोजनाएं पूरी होंगी
बैठक में बताया गया कि रबी 2023-24 में प्रदेश का सिंचित क्षेत्र 44.56 लाख हेक्टेयर था, जो रबी 2025-26 में बढ़कर 52.06 लाख हेक्टेयर हो गया है। बीते डेढ़ साल में सिंचाई क्षेत्र में 7.50 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है। इसमें जल संसाधन विभाग ने 2.39 और नर्मदा घाटी विकास विभाग ने 5.11 लाख हेक्टेयर क्षेत्र बढ़ाया। आगामी पांच वर्षों में 200 करोड़ से अधिक की लागत वाली 38 परियोजनाएं पूरी होंगी, जिससे 17.33 लाख हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित होगा।
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