{"_id":"67e4390565e0a61585062732","slug":"mp-news-draft-report-of-master-plan-of-bhopal-and-indore-is-ready-will-be-published-soon-to-seek-claims-and-2025-03-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP: भोपाल और इंदौर के मास्टर प्लान की ड्रॉफ्ट रिपोर्ट तैयार, जनता से दावे-आपत्ति मांगने जल्द करेंगे प्रकाशित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP: भोपाल और इंदौर के मास्टर प्लान की ड्रॉफ्ट रिपोर्ट तैयार, जनता से दावे-आपत्ति मांगने जल्द करेंगे प्रकाशित
Thu, 27 Mar 2025 08:03 AM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, भोपाल, मध्य प्रदेश
न्यूज डेस्क, भोपाल, मध्य प्रदेश
Published by: आनंद पवार
Updated Thu, 27 Mar 2025 08:03 AM IST
सार
मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों भोपाल और इंदौर के लिए नया मास्टर प्लान का ड्रॉफ्ट तैयार हो गया है, जिसे जल्द ही जनता की दावे-आपत्ति के लिए प्रकाशित किया जाएगा।
विज्ञापन
भोपाल मेट्रो का रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के पास स्टील ब्रिज रखा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मध्य प्रदेश के भोपाल और इंदौर के मास्टर प्लान की ड्रॉफ्ट रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। यह रिपोर्ट मार्च महीने के अंत तक जारी करने का एलान नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा किया गया था। अब विभाग के अधिकारी जनता के दावे-आपत्ति मंगाने के लिए इसे जल्द ही प्रकाशित करेंगे। इंदौर का मास्टर प्लान ड्रॉफ्ट पहले जारी किया जाएगा, उसके बाद भोपाल का ड्रॉफ्ट प्रकाशित किया जाएगा। इस नए मास्टर प्लान में शहरों के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं, जिनमें सड़क निर्माण और हरियाली के अलावा अब विभिन्न वाणिज्यिक और सार्वजनिक सुविधाओं के लिए जोनिंग का भी प्रावधान किया गया है। मास्टर प्लान के तहत कॉलोनियों में चौड़ी सड़कों के साथ हाइराइज बिल्डिंग्स, मॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और आईटी हब जैसी सुविधाएं भी होंगी। इन बदलावों से शहरवासियों को बेहतर आवागमन और रोजगार की सुविधाएं मिल सकेंगी।
मास्टर प्लान का मुख्य उद्देश्य रोजगार आधारित विकास करना है, जिसमें नॉन-पॉल्यूटेड इंडस्ट्री और मल्टी-स्टोरी इंडस्ट्री के लिए जगह मिलेगी। कॉलोनियों में हरियाली को बढ़ावा देने के लिए पौधरोपण और ओपन स्पेस को महत्व दिया जाएगा। इसके साथ ही, जोन आधारित विकास के तहत नॉलेज जोन, आईटी जोन और मैकेनिकल मार्केट जैसे क्षेत्रों की पहचान की गई है। जल्द ही यह ड्रॉफ्ट रिपोर्ट दावे-आपत्ति के लिए प्रकाशित की जाएगी और लोगों से सुझाव लिए जाएंगे, ताकि मास्टर प्लान को और अधिक प्रभावी और लाभकारी बनाया जा सके।
19 साल से अटका है मास्टर प्लान
भोपाल का मास्टर प्लान 19 साल से अटका हुआ है। इस बीच चार बार भोपाल के मास्टर प्लान का प्रारूप जारी हो चुका है, लेकिन लागू होने के पहले ही कई बाधाएं सामने आ जाती हैं। ऐसे में बिना मास्टर प्लान के शहर का विकास हो रहा है। इससे आने वाले समय में जनता को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल, भोपाल का मास्टर प्लान 1995 में लागू हुआ था, जिसकी समय अवधि दिसंबर 2005 में समाप्त हो गई है। प्लान के लागू होने के समय शहर की आबादी 15 लाख के आसपास थी। ऐसे में उस समय के प्लान के अनुसार ही शहर में विकास हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मास्टर प्लान का मुख्य उद्देश्य रोजगार आधारित विकास करना है, जिसमें नॉन-पॉल्यूटेड इंडस्ट्री और मल्टी-स्टोरी इंडस्ट्री के लिए जगह मिलेगी। कॉलोनियों में हरियाली को बढ़ावा देने के लिए पौधरोपण और ओपन स्पेस को महत्व दिया जाएगा। इसके साथ ही, जोन आधारित विकास के तहत नॉलेज जोन, आईटी जोन और मैकेनिकल मार्केट जैसे क्षेत्रों की पहचान की गई है। जल्द ही यह ड्रॉफ्ट रिपोर्ट दावे-आपत्ति के लिए प्रकाशित की जाएगी और लोगों से सुझाव लिए जाएंगे, ताकि मास्टर प्लान को और अधिक प्रभावी और लाभकारी बनाया जा सके।
विज्ञापन
19 साल से अटका है मास्टर प्लान
भोपाल का मास्टर प्लान 19 साल से अटका हुआ है। इस बीच चार बार भोपाल के मास्टर प्लान का प्रारूप जारी हो चुका है, लेकिन लागू होने के पहले ही कई बाधाएं सामने आ जाती हैं। ऐसे में बिना मास्टर प्लान के शहर का विकास हो रहा है। इससे आने वाले समय में जनता को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल, भोपाल का मास्टर प्लान 1995 में लागू हुआ था, जिसकी समय अवधि दिसंबर 2005 में समाप्त हो गई है। प्लान के लागू होने के समय शहर की आबादी 15 लाख के आसपास थी। ऐसे में उस समय के प्लान के अनुसार ही शहर में विकास हो रहा है।
विज्ञापन
