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MP News: हिंदी में मेडिकल की किताबों की प्रिंटिंग और वितरण में देरी पर डीएमई डॉ. जितेन शुक्ला को हटाया

Tue, 04 Apr 2023 06:54 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Tue, 04 Apr 2023 06:54 PM IST
सार

चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्चास सारंग ने मेडिकल कॉलेजों में मेडिकल की पढ़ाई हिंदी में कराने की समीक्षा की। मेडिकल की पढ़ाई हिंदी में कराने के प्रोजेक्ट की समीक्षा में मेडिकल कोर्सेस की किताबों की हिंदी में प्रिंटिंग और वितरण में देरी की बात सामने आई। यह लेटलतीफी डीएमई डॉ. जितेन शुक्ला की तरफ से होना पाया गया।

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MP News: DME Dr. Jiten Shukla removed for delay in printing and distribution of medical books in Hindi
मध्य प्रदेश का वल्लभ भवन (भोपाल) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश में मेडिकल की पढ़ाई हिंदी में कराने के लिए हिंदी की किताबों की प्रिंटिंग और वितरण में देरी पर चिकित्सा शिक्षा संचालक (डीएमई) पर कार्रवाई की गई है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने डीएमई डॉ. जितेन शुक्ला को हटा दिया गया। उनकी जगह गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) के फार्माकोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. एके श्रीवास्तव को डीएमई बनाया गया है।
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इससे पहले चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्चास सारंग ने मेडिकल कॉलेजों में मेडिकल की पढ़ाई हिंदी में कराने की समीक्षा की। मेडिकल की पढ़ाई हिंदी में कराने के प्रोजेक्ट की समीक्षा में मेडिकल कोर्सेस की किताबों की हिंदी में प्रिंटिंग और वितरण में देरी की बात सामने आई। यह लेटलतीफी डीएमई डॉ. जितेन शुक्ला की तरफ से होना पाया गया।  इसके बाद चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने शुक्ला को डीएमई के पद से हटाने के निर्देश दिए। इसको लेकर चिकित्सा शिक्षा विभाग ने नए डीएमई के भी आदेश जारी कर दिये।
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बता दें अक्टूबर 2022 में भोपाल में एक कार्यक्रम में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने एमबीबीएस की पढ़ाई की हिंदी में बुक लांच की थी। एबीबीएस की प्रथम वर्ष की एनाटॉमी, मेडिकल फिजियोलॉजी, मेडिकल बायोकेमिस्ट्री की पुस्तकों का हिंदी में अनुवाद किया गया है। जानकारों के अनुसार 6 महीने बाद भी मेडिकल की हिंदी की किताबें कॉलेज में नहीं पहुंची है।
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