फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   MP News: CM Dr. Yadav said – along with increasing health facilities, efforts should be made to remove the sho

MP News: सीएम डॉ. यादव बोले- स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने के साथ कमियों को दूर करने का करें प्रयास

Tue, 07 Oct 2025 06:03 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Tue, 07 Oct 2025 06:03 PM IST
सार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के ‘स्वास्थ्य एवं पोषण’ सत्र में कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए निरंतर कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आयुष्मान कार्ड धारकों को योजनाओं का पूरा लाभ मिले, यह जिला कलेक्टर सुनिश्चित करें।

विज्ञापन
MP News: CM Dr. Yadav said – along with increasing health facilities, efforts should be made to remove the sho
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने  कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के प्रथम दिन द्वितीय सत्र 'स्वास्थ्य एवं पोषण' को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में अनेक नई सुविधाए प्रारंभ की गई हैं। कमियों को दूर करने का पूरा प्रयास किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला कलेक्टर्स से आयुष्मान कार्ड धारकों को पूरा लाभ दिलाने और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं पहुंच को आसान बनाने की बात कही। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा विभिन्न जिलों में मेडिकल कॉलेज प्रारंभ किये जा रहे हैं। पीपीपी मॉडल पर भी अनेक कॉलेज प्रारंभ हुए हैं। वर्तमान में तीस से अधिक मेडिकल कॉलेज हैं। शीघ्र इनकी संख्या 50 हो जाएगी। प्रदेश के लगभग प्रत्येक जिले के नागरिकों को मेडिकल कॉलेज की सुविधाओं का लाभ प्राप्त हो रहा है। जिन जिलों में मेडिकल कॉलेज के लिए भूमि आवंटन की कार्यवाही प्रचलन में है, उसे अंतिम रूप देकर भूमि आवंटन का कार्य पूर्ण किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में नागरिकों के हित में सर्वाधिक अनुकूल वातावरण निर्माण का प्रयास है। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  MP News: भोपाल में दो दिनी कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस आज से, पांच सर्वश्रेष्ठ और पांच कमजोर जिलों की होगी समीक्षा
विज्ञापन


गर्भवती महिलाओं की नियमित हीमोग्लोबिन जांच सुनिश्चित करें 
स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव संदीप यादव ने राज्य में स्वास्थ्य एवं पोषण की स्थिति को सुदृढ़ करने कलेक्टर्स के साथ विस्तृत चर्चा की। सत्र में मातृ-शिशु स्वास्थ्य, गैर-संचारी रोग (एनसीडी), क्षय उन्मूलन और सिकल सेल उन्मूलन के लिए ठोस रणनीति पर विमर्श किया गया। प्रमुख सचिव यादव ने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की दिशा में एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत शिशुओं, किशोरियों, गर्भवती और धात्री महिलाओं की नियमित हीमोग्लोबिन जांच सुनिश्चित की जाए। जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस (VHSND) में गुणवत्तापूर्ण जांच, टीकाकरण और ANMOL 2.0 पर सटीक डेटा एंट्री की व्यवस्था की जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान, उपचार और बर्थ वेटिंग होम्स में सुरक्षित प्रसव की अनिवार्यता पर जोर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस 2025 : सीएम बोले-प्राकृतिक एवं जैविक खेती को करें प्रोत्साहित, कृषि को उद्यमिता से जोड़ें

योजनाओं का भुगतान समयबद्धता से करें 
प्रमुख सचिव ने कहा कि पोषण ट्रैकर के प्रभावी उपयोग, छह माह तक केवल स्तनपान, मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्द्धन कार्यक्रम (MMBASK) के अंतर्गत कुपोषित बच्चों के प्रबंधन तथा आशा, एएनएम और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा गृह आधारित सेवाओं को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि जननी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और प्रसूति सहायता योजनाओं के भुगतान में समयबद्धता बनाए रखना सुनिश्चित करें। गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) की रोकथाम के लिए प्रमुख सचिव ने उच्च रक्तचाप, मधुमेह, फैटी लीवर और तीन प्रमुख कैंसर की स्क्रीनिंग को अनिवार्य बताया। उन्होंने एनसीडी पोर्टल पर सभी प्रविष्टियों की अद्यतन स्थिति बनाए रखने, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता, ईट राइट अभियान, तेल की खपत में 10 प्रतिशत कमीं, फिट इंडिया और योग जैसी गतिविधियों के माध्यम से जनजागरूकता बढ़ाने पर बल दिया।


ये भी पढ़ें-  MP News: सीएम डॉ. यादव बोले- जनता का विश्वास हमारी सबसे बड़ी पूंजी है, हमें यह विश्वास बनाए रखना है

काउंसलिंग पर विशेष ध्यान दें 
प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने कहा कि क्षय उन्मूलन के लिए एक्स-रे और अन्य मशीनों से जांच की जाए, निक्षय पोर्टल पर सभी प्रकरणों की सूचना दर्ज हो, उपचार और फॉलो-अप सुनिश्चित किया जाए तथा निक्षय मित्रों के माध्यम से पोषण सहायता और डीबीटी समय पर प्रदान की जाए। इसी प्रकार, सिकल सेल उन्मूलन अभियान के अंतर्गत स्क्रीनिंग, कार्ड वितरण, हाइड्रोक्सीयूरिया दवा की उपलब्धता, न्यूमोकोकल वैक्सीनेशन और सिकल मित्र पहल के माध्यम से जनभागीदारी और काउंसलिंग पर विशेष ध्यान दिया जाए। 

ये भी पढ़ें-  यह सिर्फ आपकी नहीं, हम सबकी पीड़ा, सीएम ने परासिया में मृत बच्चों के परिजनों को घर जाकर दी सांत्वना

जन-जागरूकता बढ़ाने की पहल करें 
उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर स्वास्थ्य और महिला बाल विकास विभागों के बीच संयुक्त कार्ययोजना बनाकर समन्वय को सशक्त करें। VHSND के गुणवत्तापूर्ण आयोजन, उपकरणों के सार्थक उपयोग, e-KYC और DBT सक्षमता, PMSMA संचालन, नवजातों के गृह आधारित फॉलो-अप, मातृ एवं शिशु मृत्यु की शत-प्रतिशत रिपोर्टिंग, ईट राइट, फिट इंडिया, योग और खेलकूद के माध्यम से जन-जागरूकता बढ़ाने पर बल दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि सुपोषित ग्राम पंचायतों के लिए स्थानीय खाद्य विविधता को प्रोत्साहित करने, आंगनवाड़ी केंद्रों के नियमित संचालन, डेटा सत्यापन, और सिकल मित्र तथा निक्षय मित्र के माध्यम से फूड बास्केट वितरण जैसी गतिविधियों को परिणाममुखी बनाया जाये।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिलों ने दीं अपनी प्रस्तुतियां
बालाघाट ने शिशु एवं मातृ मृत्यु दर नियंत्रण पर, झाबुआ ने स्वास्थ्य एवं पोषण सुधार प्रयासों और मंदसौर ने सम्पूर्ण स्वास्थ्य मॉडल पर प्रेजेन्टेशन देते हुए अपने अनुभव साझा किए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed