{"_id":"67af264a70599552b4008d5d","slug":"mp-news-cm-dr-yadav-s-big-gift-to-sikh-community-gwalior-nagar-gate-named-data-bandi-chhor-gate-2025-02-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP News: सीएम डॉ. यादव की सिख समाज को बड़ी सौगात, ग्वालियर नगर द्वार का नाम रखा ‘दाता बंदी छोड़ द्वार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP News: सीएम डॉ. यादव की सिख समाज को बड़ी सौगात, ग्वालियर नगर द्वार का नाम रखा ‘दाता बंदी छोड़ द्वार
Fri, 14 Feb 2025 04:47 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, भोपाल, मध्य प्रदेश
न्यूज डेस्क, भोपाल, मध्य प्रदेश
Published by: आनंद पवार
Updated Fri, 14 Feb 2025 04:47 PM IST
सार
सिख धर्म के छठवें गुरु हरगोविंद सिंह जी महाराज के नाम पर ग्वालियर नगर द्वार का ‘दाता बंदी छोड़ द्वार रखा जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की। गुरु हरगोविंद सिंह ग्वालियर के किले में ही बंदी के तौर पर रहे थे।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (फाइल फोटो)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिख समाज को एक बड़ी सौगात दी। उन्होंने ऐलान किया कि ग्वालियर के मुरैना मार्ग स्थित नगर द्वार का नाम पवित्र सिख धर्म के छठवें गुरु हरगोविंद सिंह जी महाराज के नाम पर ‘दाता बंदी छोड़ द्वार’ किया जाएगा। सीएम ने कहा कि ग्वालियर और चंबल संभाग में सिक्ख समुदाय का बड़ा प्राचीन गौरवशाली इतिहास रहा है। यहां बड़ी संख्या में सिख समुदाय के लोग निवास करते हैं।
52 हिंदू राजाओं को मुक्त कराकर ही गुरु साहिब आए थे बाहर
सीएम ने ग्वालियर के साथ जुड़े गुरु हरगोविंद सिंह जी महाराज के इतिहास को स्मरण करते हुए बताया कि मुगल शासक जहांगीर ने उन्हें धोखे से कैद कर लिया व ग्वालियर के किले में बंदी बनाकर रखा। गुरु हरगोविंद सिंह जी के साथ वहां 52 हिंदू राजा भी बंदी बनाकर रखे गए थे। जब जहांगीर को गुरु हरगोविंद जी के आध्यात्म, शौर्य, पराक्रम और सिख गुरुओं के बलिदान की जानकारी मिली तो उसे अपनी भूल का एहसास हुआ। इसके बाद जहांगीर ने गुरु साहिब को रिहा करने का आदेश दिया। लेकिन गुरु साहिब ने शर्त रखी कि वे तभी किले से बाहर आएंगे, जब वहां पहले से बंदी 52 हिंदू राजाओं को भी छोड़ा जाएगा। बंदी हिंदू राजाओं को मुक्त कराकर ही गुरु साहिब बाहर आये। इसे बंदीछोड़ दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। इसी महान गाथा की स्मृति में ग्वालियर के नगर द्वार का नाम अब दाता बंदी छोड़ द्वार के रुप में पहचाना जाएगा। साथ ही सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार और ग्वालियर स्मार्ट सिटी मिलकर इस गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए इस द्वार के माध्यम से देश-दुनिया तक ये गाथा पहुंचा रहे हैं।
विज्ञापन
52 हिंदू राजाओं को मुक्त कराकर ही गुरु साहिब आए थे बाहर
सीएम ने ग्वालियर के साथ जुड़े गुरु हरगोविंद सिंह जी महाराज के इतिहास को स्मरण करते हुए बताया कि मुगल शासक जहांगीर ने उन्हें धोखे से कैद कर लिया व ग्वालियर के किले में बंदी बनाकर रखा। गुरु हरगोविंद सिंह जी के साथ वहां 52 हिंदू राजा भी बंदी बनाकर रखे गए थे। जब जहांगीर को गुरु हरगोविंद जी के आध्यात्म, शौर्य, पराक्रम और सिख गुरुओं के बलिदान की जानकारी मिली तो उसे अपनी भूल का एहसास हुआ। इसके बाद जहांगीर ने गुरु साहिब को रिहा करने का आदेश दिया। लेकिन गुरु साहिब ने शर्त रखी कि वे तभी किले से बाहर आएंगे, जब वहां पहले से बंदी 52 हिंदू राजाओं को भी छोड़ा जाएगा। बंदी हिंदू राजाओं को मुक्त कराकर ही गुरु साहिब बाहर आये। इसे बंदीछोड़ दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। इसी महान गाथा की स्मृति में ग्वालियर के नगर द्वार का नाम अब दाता बंदी छोड़ द्वार के रुप में पहचाना जाएगा। साथ ही सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार और ग्वालियर स्मार्ट सिटी मिलकर इस गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए इस द्वार के माध्यम से देश-दुनिया तक ये गाथा पहुंचा रहे हैं।
विज्ञापन
