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MP: विजय शाह के बयान से चौतरफा घिरी भाजपा, प्रदेश संगठन की रिपोर्ट पर केंद्रीय नेतृत्व ले सकता है कठोर फैसला
Thu, 15 May 2025 07:48 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, भोपाल, मध्य प्रदेश
न्यूज डेस्क, भोपाल, मध्य प्रदेश
Published by: आनंद पवार
Updated Thu, 15 May 2025 07:48 PM IST
सार
मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह द्वारा सेना की महिला अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी ने भारतीय जनता पार्टी को गहरे संकट में ला खड़ा किया है। एक ओर जहां मामला अदालत की निगरानी में पहुंच गया है, वहीं पार्टी पर चौतरफा दबाव बढ़ता जा रहा है।
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मंत्री विजय शाह
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मंत्री विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद भारतीय जनता पार्टी चौतरफा घिर गई है। हाईकोर्ट के स्वत: संज्ञान लेने और सुप्रीम कोर्ट की तीखी टिप्पणी के बावजूद अब तक शाह के खिलाफ पार्टी की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इस मामले में पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व नाराज है। ऐसे में भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व इस मसले पर कठोर निर्णय ले सकता है। पार्टी के भीतर और बाहर लगातार उठ रहे सवालों के बीच भाजपा की चुप्पी अब असहज स्थिति पैदा कर रही है। ऑपरेशन सिंदूर के खिलाफ बयान देने वाले विपक्षी नेताओं को भाजपा घेर रही थी, वह विजय शाह के बयान से उल्टा पार्टी पर ही भारी पड़ता दिख रहा है। बुधवार रात मुख्यमंत्री निवास पर इस मुद्दे पर प्रदेश संगठन के वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई, लेकिन कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकल सका। सूत्रों के अनुसार, पूरे घटनाक्रम पर आधारित रिपोर्ट दिल्ली स्थित केंद्रीय नेतृत्व को भेज दी गई है, माना जा रहा है कि पार्टी शाह को लेकर कोई बड़ा निर्णय जल्द ले सकती है।
कानूनी मोर्चे पर घिरे शाह, सुप्रीम कोर्ट में कल सुनवाई
हाईकोर्ट के निर्देश पर दर्ज एफआईआर के खिलाफ विजय शाह सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, लेकिन वहां से भी उन्हें अभी राहत नहीं मिली। कोर्ट ने उन्हें हाईकोर्ट जाने के लिए कहा दिया। अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को सुनवाई करेगा। वहीं, हाईकोर्ट ने एफआईआर की धाराओं को लेकर मध्य प्रदेश पुलिस पर भी नाराजगी जताई है और पूरे मामले की निगरानी स्वयं करने की बात कही है। इन परिस्थितियों में विजय शाह पर गिरफ्तारी की तलवार भी लटकती दिख रही है।
उमा भारती ने उठाई बर्खास्तगी की मांग
पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने इस मामले में स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा है कि कांग्रेस की आलोचना का कोई अर्थ नहीं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए राष्ट्रवाद और अनुशासन के संदेश को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विजय शाह का बयान अस्वीकार्य है और इससे पार्टी तथा देश की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है। उमा भारती ने या तो तत्काल बर्खास्तगी या फिर इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि इस तरह के व्यवहार की पार्टी में कोई जगह नहीं होनी चाहिए। इससे एक दिन पहले भी उमा भारती ने मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की बात कही थी।
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शाह के पक्ष में उतरे आदिवासी विधायक डोडियार
इस विवाद में भारत आदिवासी पार्टी के एकमात्र विधायक कमलेश डोडियार मंत्री विजय शाह के पक्ष में सामने आए हैं। उनका कहना है कि विजय शाह एक अनुभवी आदिवासी नेता हैं और जो बात उन्हें संयम से रखनी चाहिए थी, वह जोश में कह दी गई। डोडियार ने इसे आदिवासी पहचान पर हमला बताते हुए कहा कि शाह को निशाना इसलिए बनाया जा रहा है क्योंकि वे आदिवासी समुदाय से आते हैं।
पार्टी के लिए संकट, कड़ा फैसला संभव
वरिष्ठ पत्रकार प्रभु पटेरिया ने कहा है कि विजय शाह का बयान सेना और भारत की साझा विरासत के लिए नुकसानदायक है। इस बयान ने भाजपा की नैतिक छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका मानना है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए केंद्रीय नेतृत्व अब विजय शाह की मंत्री पद से छुट्टी कर सकता है। यह फैसला पार्टी के भीतर एक स्पष्ट संदेश देगा कि राष्ट्रहित के मामलों में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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कानूनी मोर्चे पर घिरे शाह, सुप्रीम कोर्ट में कल सुनवाई
हाईकोर्ट के निर्देश पर दर्ज एफआईआर के खिलाफ विजय शाह सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, लेकिन वहां से भी उन्हें अभी राहत नहीं मिली। कोर्ट ने उन्हें हाईकोर्ट जाने के लिए कहा दिया। अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को सुनवाई करेगा। वहीं, हाईकोर्ट ने एफआईआर की धाराओं को लेकर मध्य प्रदेश पुलिस पर भी नाराजगी जताई है और पूरे मामले की निगरानी स्वयं करने की बात कही है। इन परिस्थितियों में विजय शाह पर गिरफ्तारी की तलवार भी लटकती दिख रही है।
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उमा भारती ने उठाई बर्खास्तगी की मांग
पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने इस मामले में स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा है कि कांग्रेस की आलोचना का कोई अर्थ नहीं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए राष्ट्रवाद और अनुशासन के संदेश को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विजय शाह का बयान अस्वीकार्य है और इससे पार्टी तथा देश की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है। उमा भारती ने या तो तत्काल बर्खास्तगी या फिर इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि इस तरह के व्यवहार की पार्टी में कोई जगह नहीं होनी चाहिए। इससे एक दिन पहले भी उमा भारती ने मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की बात कही थी।
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शाह के पक्ष में उतरे आदिवासी विधायक डोडियार
इस विवाद में भारत आदिवासी पार्टी के एकमात्र विधायक कमलेश डोडियार मंत्री विजय शाह के पक्ष में सामने आए हैं। उनका कहना है कि विजय शाह एक अनुभवी आदिवासी नेता हैं और जो बात उन्हें संयम से रखनी चाहिए थी, वह जोश में कह दी गई। डोडियार ने इसे आदिवासी पहचान पर हमला बताते हुए कहा कि शाह को निशाना इसलिए बनाया जा रहा है क्योंकि वे आदिवासी समुदाय से आते हैं।
पार्टी के लिए संकट, कड़ा फैसला संभव
वरिष्ठ पत्रकार प्रभु पटेरिया ने कहा है कि विजय शाह का बयान सेना और भारत की साझा विरासत के लिए नुकसानदायक है। इस बयान ने भाजपा की नैतिक छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका मानना है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए केंद्रीय नेतृत्व अब विजय शाह की मंत्री पद से छुट्टी कर सकता है। यह फैसला पार्टी के भीतर एक स्पष्ट संदेश देगा कि राष्ट्रहित के मामलों में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
