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MP News: सीधी में गर्भवती महिला को लेने नहीं पहुंची एंबुलेंस, हाथ ठेले पर प्रसव, सरकार ने की सख्त कार्रवाई
Mon, 04 Nov 2024 11:47 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Mon, 04 Nov 2024 11:47 PM IST
सार
सीधी में गर्भवती महिला को समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने पर सरकार ने सेवा प्रदाता के 4.56 लाख रुपए काटने की कार्रवाई की है। साथ ही दोषी अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए है। इस मामले में नेता प्रतिपक्ष ने भी सरकार पर तंज कसा था।
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सीधी में हाथ ठेले पर हुआ प्रसव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सीधी में समय पर एंबुलेंस सेवा न मिलने पर हाथ ठेले पर महिला के प्रसव और नवजात की मौत के मामले में सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने मामले में संज्ञान लेते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि सरकार की प्राथमिकता त्वरित और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। किसी भी प्रकार की लापरवाही अस्वीकार्य है। संबंधित एंबुलेंस वाहनों के एक माह की परिचालन व्यय राशि 4,56,917/- रुपये सेवा प्रदाता के देयकों से काटी जाएगी, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। संचालक एनएचएम ने कटौती के आदेश जारी कर दिए हैं।
साथ ही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सीधी, सिविल सर्जन सीधी, जिला टीकाकरण अधिकारी एवं प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा खंड चिकित्सा अधिकारी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करते हुए विभागीय जांच शुरू की गई है। मामले की पूरी गंभीरता से जांच कर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।
बता दें एक नवंबर की रात गर्भवती महिला उर्मिला रजक को अचानक पेट में दर्द होने पर उनके पति ने रात 10:30 बजे से 108 एंबुलेंस सेवा के कॉल सेंटर पर कई बार संपर्क किया। हालांकि, गंभीर स्थिति के बावजूद जिले में उपलब्ध एंबुलेंस सेवा को तत्काल असाइन नहीं किया गया। गर्भवती महिला को सीधी जिले में संचालित 108/जननी एंबुलेंस के बजाय अन्य लोकेशन की एंबुलेंस असाइन की गई, जो कि पहले से ही एक अन्य केस में व्यस्त थी। एंबुलेंस पहुंचने में देरी के चलते, प्रसूता के पति को मजबूरन हाथ ठेले के माध्यम से गर्भवती पत्नी को अस्पताल की ओर ले जाना पड़ा। रास्ते में ही महिला का प्रसव हुआ और अस्पताल पहुंचने से पहले नवजात शिशु की मृत्यु हो गई।
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वहीं, इस मामले में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार को घेरते हुए कहा कि एक और लाड़ली बहना स्वास्थ्य अव्यवस्था की लापरवाही का शिकार हुई। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को संबोधित करते हुए कहा कि हर मंच पर लाडली बहना के नाम पर घड़ियाली आंसू बहाया करते हैं, लेकिन असलियत में सरकार ऐसा कुछ नहीं कर रही कि लाड़ली बहना का उद्वार हो। उन्होंने कहा कि सीधी में एक गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेस नहीं मिली। परिवार को उसे सब्जी के ठेले पर अस्पताल लेकर जाना पड़ा। रास्ते में ही महिला का प्रसव हो गया और बच्चे को नहीं बचाया जा सका। उन्होंने कहा कि जब स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला के गृह जिले में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की हालत इतनी बदतर है तो पूरे प्रदेश की हालत को समझा जा सकते हैं। उन्होंने सीएम को संबोधित करते हुए कहा कि आप तो एयर एंबुलेंस तक की हवा हवाई बातें करते हैं। पहले कम से कम एंबुलेंस की व्यवस्था तो सुधारिए।
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साथ ही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सीधी, सिविल सर्जन सीधी, जिला टीकाकरण अधिकारी एवं प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा खंड चिकित्सा अधिकारी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करते हुए विभागीय जांच शुरू की गई है। मामले की पूरी गंभीरता से जांच कर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।
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बता दें एक नवंबर की रात गर्भवती महिला उर्मिला रजक को अचानक पेट में दर्द होने पर उनके पति ने रात 10:30 बजे से 108 एंबुलेंस सेवा के कॉल सेंटर पर कई बार संपर्क किया। हालांकि, गंभीर स्थिति के बावजूद जिले में उपलब्ध एंबुलेंस सेवा को तत्काल असाइन नहीं किया गया। गर्भवती महिला को सीधी जिले में संचालित 108/जननी एंबुलेंस के बजाय अन्य लोकेशन की एंबुलेंस असाइन की गई, जो कि पहले से ही एक अन्य केस में व्यस्त थी। एंबुलेंस पहुंचने में देरी के चलते, प्रसूता के पति को मजबूरन हाथ ठेले के माध्यम से गर्भवती पत्नी को अस्पताल की ओर ले जाना पड़ा। रास्ते में ही महिला का प्रसव हुआ और अस्पताल पहुंचने से पहले नवजात शिशु की मृत्यु हो गई।
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वहीं, इस मामले में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार को घेरते हुए कहा कि एक और लाड़ली बहना स्वास्थ्य अव्यवस्था की लापरवाही का शिकार हुई। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को संबोधित करते हुए कहा कि हर मंच पर लाडली बहना के नाम पर घड़ियाली आंसू बहाया करते हैं, लेकिन असलियत में सरकार ऐसा कुछ नहीं कर रही कि लाड़ली बहना का उद्वार हो। उन्होंने कहा कि सीधी में एक गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेस नहीं मिली। परिवार को उसे सब्जी के ठेले पर अस्पताल लेकर जाना पड़ा। रास्ते में ही महिला का प्रसव हो गया और बच्चे को नहीं बचाया जा सका। उन्होंने कहा कि जब स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला के गृह जिले में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की हालत इतनी बदतर है तो पूरे प्रदेश की हालत को समझा जा सकते हैं। उन्होंने सीएम को संबोधित करते हुए कहा कि आप तो एयर एंबुलेंस तक की हवा हवाई बातें करते हैं। पहले कम से कम एंबुलेंस की व्यवस्था तो सुधारिए।
