{"_id":"673621a714cbd8a54803e68a","slug":"mp-news-after-voting-in-the-by-election-apart-from-the-candidates-the-credibility-of-six-veterans-of-the-st-2024-11-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP News: उपचुनाव में वोटिंग के बाद प्रत्याशियों के अलावा प्रदेश के छह दिग्गजों की साख भी दांव पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP News: उपचुनाव में वोटिंग के बाद प्रत्याशियों के अलावा प्रदेश के छह दिग्गजों की साख भी दांव पर
Thu, 14 Nov 2024 09:43 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Thu, 14 Nov 2024 09:43 PM IST
सार
बुधनी और विजयपुर सीटों पर भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों के अलावा प्रदेश के छह दिग्गज नेताओं की साख भी दांव पर लगी है। वोटिंग के बाद से ही हार जीत को लेकर सियासी गणित का लेखा जोखा शुरू हो गया है।
विज्ञापन
भाजपा और कांग्रेस
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
मध्य प्रदेश की दो विधानसभा सीटों बुधनी और विजयपुर में बुधवार को उपचुनाव का मतदान हो गया। बुधनी में 77.07 प्रतिशत और विजयपुर में 77.76 प्रतिशत मतदान हुआ। अब इन सीटों के 23 नवंबर को परिणाम आएंगे। इन सीटों पर भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों के अलावा प्रदेश के छह दिग्गज नेताओं की साख भी दांव पर लगी है। वोटिंग के बाद से ही हार जीत को लेकर सियासी गणित का लेखा जोखा शुरू हो गया है। पिछली बार विजयपुर में कांग्रेस और बुधनी में भाजपा को जीत मिली थी। इन सीटों की हार जीत से केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और विजयपुर से भाजपा प्रत्याशी वन मंत्री रामनिवास रावत की प्रतिष्ठा दांव पर है।
बुधनी में शिवराज की साख दांव पर
बुधनी सीट पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के लोकसभा चुनाव जीतने के बाद इस्तीफा देने से खाली हुई है। इस सीट पर भाजपा ने पूर्व सांसद रमाकांत भार्गव को प्रत्याशी बनाया है। वहीं, कांग्रेस की तरफ से पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल प्रत्याशी हैं। रमाकांत को टिकट मिलने के बाद पार्टी में विरोध शुरू हो गया था। इसके बाद खुद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चुनाव की कमान संभल ली। दरअसल, बुधनी सीट हारे या कम वोट से जीते तो शिवराज सिंह चौहान की साख गिरेगी। इसलिए बुधनी में अच्छे वोटों से भाजपा प्रत्याशी का जीतना उनके लिए अहम है।
सीएम मोहन की प्रतिष्ठा पर भी सवाल
डॉ. मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद मध्य प्रदेश में भाजपा ने लोकसभा की 29 में से 29 सीटें जीती हैं। अमरवाड़ा उपचुनाव में भी पार्टी को जीत मिली है। अब विजयपुर और बुधनी सीट पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रतिष्ठा दाव पर लगी है। उन्होंने रावत को कैबिनेट में शामिल करवा कर वन मंत्री बनाया। विजयपुर सीट पर लगातार मुख्यमंत्री चुनाव जीतने के लिए जोर लगाते रहे। यहां पर आदिवासी वोटर अब तक कांग्रेस को वोट करता आया है। ऐसे में विजयपुर सीट सीएम के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बनी हुई है।
विज्ञापन
नरेंद्र सिंह तोमर के लिए विजयपुर अहम
भाजपा में ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में नरेंद्र सिंह तोमर बड़ा नाम है। वर्तमान में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के हाथ ही में अघोषित रूप से विजयपुर चुनाव की कमान थी। रामनिवास रावत को भाजपा में शामिल कराने के पीछे अहम भूमिका तोमर ने ही निभाई थी। ऐसे में यदि रावत चुनाव हारते हैं तो उनको भाजपा में शामिल कराने पर ही सवाल खड़े हो जाएंगे। यही वजह है कि नरेंद्र सिंह तोमर लगातार विजयपुर में चुनाव की कमान संभाले रहे।
वीडी शर्मा के लिए भी उपचुनाव अहम
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के लिए भी बुधनी और विजयपुर की सीट के चुनाव को बेहद अहम माना जा रहा है। अभी तक भाजपा वीडी शर्मा के कार्यकाल में हर चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करते आई है। अब भाजपा संगठन के चुनाव हो रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि भाजपा दोनों सीटें जीतती है तो उनके कद में इजाफा होगा। शर्मा के लिए नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे।
जीतू पटवारी का बढ़ सकता है कद
विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद जीतू पटवारी को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली थी। उनके नेतृत्व में पार्टी को लोकसभा चुनाव और इससे पहले हुए छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा उपचुनाव में हार मिली। यहां कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए कमलेश शाह जीते थे और कांग्रेस प्रत्याशी धीरन शाह हार गए थे। ताजा उपचुनाव में जीतू पटवारी ने दोनों ही सीटें बुधनी और विजयपुर को जीतने के लिए पूरा जोर लगा दिया। यदि पटवारी दो में से एक भी सीट जीतने में सफल होते हैं तो उनका कद दिग्विजय सिंह और कमलनाथ से प्रदेश में ऊपर हो जाएगा। इससे उनके नेतृत्व की कार्यकर्ताओं में स्वीकार्यकता बढ़ेगी।
रामनिवास रावत की बढ़ेगी ताकत
लोकसभा चुनाव के समय कांग्रेस छोड़कर रामनिवास रावत भाजपा में शामिल हो गए थे। उनको वन मंत्री बनाने के बाद भाजपा ने विजयपुर से अपना प्रत्याशी बनाया। अब उपचुनाव में रावत को यह साबित करना है कि उनकी लोकप्रियता क्षेत्र में कम नहीं हुई है। रावत की जीत के लिए भाजपा ने भी पूरी ताकत लगाई है।
विज्ञापन
बुधनी में शिवराज की साख दांव पर
बुधनी सीट पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के लोकसभा चुनाव जीतने के बाद इस्तीफा देने से खाली हुई है। इस सीट पर भाजपा ने पूर्व सांसद रमाकांत भार्गव को प्रत्याशी बनाया है। वहीं, कांग्रेस की तरफ से पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल प्रत्याशी हैं। रमाकांत को टिकट मिलने के बाद पार्टी में विरोध शुरू हो गया था। इसके बाद खुद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चुनाव की कमान संभल ली। दरअसल, बुधनी सीट हारे या कम वोट से जीते तो शिवराज सिंह चौहान की साख गिरेगी। इसलिए बुधनी में अच्छे वोटों से भाजपा प्रत्याशी का जीतना उनके लिए अहम है।
विज्ञापन
सीएम मोहन की प्रतिष्ठा पर भी सवाल
डॉ. मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद मध्य प्रदेश में भाजपा ने लोकसभा की 29 में से 29 सीटें जीती हैं। अमरवाड़ा उपचुनाव में भी पार्टी को जीत मिली है। अब विजयपुर और बुधनी सीट पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रतिष्ठा दाव पर लगी है। उन्होंने रावत को कैबिनेट में शामिल करवा कर वन मंत्री बनाया। विजयपुर सीट पर लगातार मुख्यमंत्री चुनाव जीतने के लिए जोर लगाते रहे। यहां पर आदिवासी वोटर अब तक कांग्रेस को वोट करता आया है। ऐसे में विजयपुर सीट सीएम के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बनी हुई है।
विज्ञापन
नरेंद्र सिंह तोमर के लिए विजयपुर अहम
भाजपा में ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में नरेंद्र सिंह तोमर बड़ा नाम है। वर्तमान में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के हाथ ही में अघोषित रूप से विजयपुर चुनाव की कमान थी। रामनिवास रावत को भाजपा में शामिल कराने के पीछे अहम भूमिका तोमर ने ही निभाई थी। ऐसे में यदि रावत चुनाव हारते हैं तो उनको भाजपा में शामिल कराने पर ही सवाल खड़े हो जाएंगे। यही वजह है कि नरेंद्र सिंह तोमर लगातार विजयपुर में चुनाव की कमान संभाले रहे।
वीडी शर्मा के लिए भी उपचुनाव अहम
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के लिए भी बुधनी और विजयपुर की सीट के चुनाव को बेहद अहम माना जा रहा है। अभी तक भाजपा वीडी शर्मा के कार्यकाल में हर चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करते आई है। अब भाजपा संगठन के चुनाव हो रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि भाजपा दोनों सीटें जीतती है तो उनके कद में इजाफा होगा। शर्मा के लिए नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे।
जीतू पटवारी का बढ़ सकता है कद
विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद जीतू पटवारी को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली थी। उनके नेतृत्व में पार्टी को लोकसभा चुनाव और इससे पहले हुए छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा उपचुनाव में हार मिली। यहां कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए कमलेश शाह जीते थे और कांग्रेस प्रत्याशी धीरन शाह हार गए थे। ताजा उपचुनाव में जीतू पटवारी ने दोनों ही सीटें बुधनी और विजयपुर को जीतने के लिए पूरा जोर लगा दिया। यदि पटवारी दो में से एक भी सीट जीतने में सफल होते हैं तो उनका कद दिग्विजय सिंह और कमलनाथ से प्रदेश में ऊपर हो जाएगा। इससे उनके नेतृत्व की कार्यकर्ताओं में स्वीकार्यकता बढ़ेगी।
रामनिवास रावत की बढ़ेगी ताकत
लोकसभा चुनाव के समय कांग्रेस छोड़कर रामनिवास रावत भाजपा में शामिल हो गए थे। उनको वन मंत्री बनाने के बाद भाजपा ने विजयपुर से अपना प्रत्याशी बनाया। अब उपचुनाव में रावत को यह साबित करना है कि उनकी लोकप्रियता क्षेत्र में कम नहीं हुई है। रावत की जीत के लिए भाजपा ने भी पूरी ताकत लगाई है।
