{"_id":"69c5a26deed65d327c0d14f8","slug":"mp-news-aadhaar-cards-will-be-made-and-updated-in-schools-only-a-special-campaign-will-start-from-april-1-2026-03-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP News: स्कूलों में ही बनेंगे और अपडेट होंगे आधार कार्ड, 1 अप्रैल से शुरू होगा विशेष अभियान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP News: स्कूलों में ही बनेंगे और अपडेट होंगे आधार कार्ड, 1 अप्रैल से शुरू होगा विशेष अभियान
Fri, 27 Mar 2026 02:47 AM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Fri, 27 Mar 2026 02:47 AM IST
सार
मध्यप्रदेश के स्कूलों में अब बच्चों के आधार कार्ड बनेंगे और अपडेट भी यहीं होंगे। 1 अप्रैल से शुरू हो रहे इस अभियान में छात्रों को स्कूल में ही सभी सुविधाएं मिलेंगी।
विज्ञापन
अब स्कूलों में अपडेट होंगे आधार कार्ड
- फोटो : istock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मध्यप्रदेश के स्कूलों में अब विद्यार्थियों के आधार कार्ड से जुड़े काम वहीं पूरे किए जाएंगे। इसके लिए 1 अप्रैल से 15 मई 2026 तक विशेष शिविर लगाए जाएंगे, ताकि बच्चों को बाहर जाने की जरूरत न पड़े। राज्य शिक्षा केंद्र और स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा यूआईडीएआई के सहयोग से ‘विद्यार्थियों के लिए आधार, अब स्कूल के द्वार’ अभियान का अगला चरण शुरू किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों के लंबित बायोमेट्रिक अपडेट (एमबीयू) को पूरा करना है। इस पहल के तहत स्कूलों में ही आधार नामांकन और अपडेट की सुविधा मिलेगी। करीब 500 से अधिक ऑपरेटर्स को इसके लिए नियुक्त किया गया है। स्कूलों के प्राचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे यूडीआईएसई-प्लस पोर्टल पर ऐसे विद्यार्थियों की सूची अपडेट करें, जिनका आधार बायोमेट्रिक अपडेट लंबित है, और उनके लिए रोस्टर तैयार करें।
ये भी पढ़ें- भोपाल मेट्रोपॉलिटन एरिया: आष्टा और सोनकच्छ तक का इलाका शामिल, छह जिलों के 2500 गांव शामिल होंगे
बच्चों के लिए दो बार बायोमेट्रिक अपडेट जरूरी होता है। पहला 5 साल की उम्र में और दूसरा 15 साल की उम्र में। 15 से 17 वर्ष के बीच यह अपडेट मुफ्त है, जबकि इसके बाद शुल्क देना होता है। अपडेटेड आधार कार्ड स्कूल एडमिशन, प्रतियोगी परीक्षाओं, छात्रवृत्ति और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) जैसी योजनाओं के लिए जरूरी है। साथ ही, इससे छात्रों की अपार आईडी बनाना भी आसान हो जाता है, जिसमें उनके सभी शैक्षणिक रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रहते हैं।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- MP: स्कूल शिक्षा के बाद अब ट्राइबल शिक्षकों की बारी: 65 हजार शिक्षकों को देनी होगी पात्रता परीक्षा, बढ़ी चिंता
इससे पहले हुए अभियान में प्रदेश के 2000 से अधिक स्कूलों में शिविर लगाए गए थे, जिनमें 15 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों ने अपने आधार अपडेट कराए थे। अब सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक छात्रों को इस सुविधा का लाभ मिल सके।
ये भी पढ़ें- MP News: वन्यजीवों को बेचा, खरीदा या पाला तो 7 वर्ष की जेल, 313 कछुए जब्त करने के बाद वन विभाग की चेतावनी
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- भोपाल मेट्रोपॉलिटन एरिया: आष्टा और सोनकच्छ तक का इलाका शामिल, छह जिलों के 2500 गांव शामिल होंगे
विज्ञापन
बच्चों के लिए दो बार बायोमेट्रिक अपडेट जरूरी होता है। पहला 5 साल की उम्र में और दूसरा 15 साल की उम्र में। 15 से 17 वर्ष के बीच यह अपडेट मुफ्त है, जबकि इसके बाद शुल्क देना होता है। अपडेटेड आधार कार्ड स्कूल एडमिशन, प्रतियोगी परीक्षाओं, छात्रवृत्ति और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) जैसी योजनाओं के लिए जरूरी है। साथ ही, इससे छात्रों की अपार आईडी बनाना भी आसान हो जाता है, जिसमें उनके सभी शैक्षणिक रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रहते हैं।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- MP: स्कूल शिक्षा के बाद अब ट्राइबल शिक्षकों की बारी: 65 हजार शिक्षकों को देनी होगी पात्रता परीक्षा, बढ़ी चिंता
इससे पहले हुए अभियान में प्रदेश के 2000 से अधिक स्कूलों में शिविर लगाए गए थे, जिनमें 15 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों ने अपने आधार अपडेट कराए थे। अब सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक छात्रों को इस सुविधा का लाभ मिल सके।
ये भी पढ़ें- MP News: वन्यजीवों को बेचा, खरीदा या पाला तो 7 वर्ष की जेल, 313 कछुए जब्त करने के बाद वन विभाग की चेतावनी
