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MP News: 56 किमी सड़क के बीच आया पहाड़, लागत बढ़ी तो 200 करोड़ खर्च करने के बाद अटकी चार KM सड़क
Thu, 13 Apr 2023 07:05 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Thu, 13 Apr 2023 07:05 PM IST
सार
मध्य प्रदेश के सरकारी इंजीनियरों ने बिना योजना ही सड़क का निर्माण करा डाला। एक पहाड़ के दोनों तरफ सड़क निर्माण पर 200 करोड़ खर्च कर डाले। अब पहाड़ पर सड़क बनाने बढ़ी लागत का प्रस्ताव भेजा तो वित्त विभाग ने स्वीकृति देने से मना कर दिया।
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त्योथर की तरफ पहाड़ तक ही बनी सड़क
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश के रीवा जिले में बिना प्लानिंग के ही इंजीनियरों ने सड़क का निर्माण कर दिया। इस पर 200 करोड़ रुपये खर्च भी कर दिए, लेकिन उसका जनता का कोई फायदा नहीं मिल रहा है। यह मामला रीवा जिले के चाकघाट से सोनौरी होकर हनुमाना जाने वाली सड़क का है। यहां पर मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ( एमपीआरडीसी) और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के इंजीनियरों ने चौरा घाट के एक तरफ 25 किमी और दूसरी तरफ 27 किमी सड़क का 200 करोड़ में निर्माण करा दिया। इसके बावजूद इस सड़क का उपयोग जनता नहीं कर पा रही है, क्योंकि चौराघाट पहाड़ पर चार किमी सड़क का निर्माण अटक गया है।
दरअसल, एमपीआरडीसी ने दोनों तरफ सड़क निर्माण के बाद पहाड़ पर निर्माण का काम लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को सौंप दिया है। पीडब्ल्यूडी ने पहाड़ के ऊपर चार किलोमीटर की सड़क बनाने की संशोधित लागत 64 करोड़ निकालकर प्रस्ताव विभाग को भेज दिया। जहां से फाइल अनुमति के लिए वित्त विभाग के पास पहुंची। वित्त विभाग के अधिकारियों ने 19 करोड़ रुपये की जगह लागत 64 करोड़ रुपये होने पर आपत्ति जताते हुए विभाग से जवाब मांगा। इसके बाद विभाग की तरफ से जवाब भेजा गया, लेकिन वित्त विभाग जवाब से संतुष्ट नहीं है। इसके चलते सड़क का निर्माण अटक गया है।
लागत बढ़ने दिया यह तर्क
अधिकारियों का कहना है कि वन विभाग की तरफ से पहाड़ पर सड़क निर्माण के लिए दो से तीन साल बाद अनुमति जारी की गई। जिसमें आठ मीटर सड़क बनाने की ही अनुमति दी गई है। पहाड़ पर खाई की तरफ सड़क के किनारे चार किलोमीटर की रिटेनिंग वॉल बननी है। वहीं, तीन पुलों का भी निर्माण होना है। इस वजह से निर्माण लागत बढ़ी है।
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बड़ी संख्या में लोगों को फायदा होगा
रीवा जिले की त्योंथर विधानसभा सीट से विधायक श्याम लाल द्विवेदी का कहना है कि मैंने वन विभाग से लेकर सभी एजेंसियों से अनुमतियां दिलाईं। अब वित्त विभाग की तरफ सड़क निर्माण के बजट को लेकर आपत्तियां जताई जा रही हैं। जबकि पहाड़ के दोनों तरफ सड़क का निर्माण हो चुका है। इसके बनने से बड़ी संख्या में लोगों को फायदा होगा।
जिम्मेदारों ने दिया यह जवाब
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दरअसल, एमपीआरडीसी ने दोनों तरफ सड़क निर्माण के बाद पहाड़ पर निर्माण का काम लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को सौंप दिया है। पीडब्ल्यूडी ने पहाड़ के ऊपर चार किलोमीटर की सड़क बनाने की संशोधित लागत 64 करोड़ निकालकर प्रस्ताव विभाग को भेज दिया। जहां से फाइल अनुमति के लिए वित्त विभाग के पास पहुंची। वित्त विभाग के अधिकारियों ने 19 करोड़ रुपये की जगह लागत 64 करोड़ रुपये होने पर आपत्ति जताते हुए विभाग से जवाब मांगा। इसके बाद विभाग की तरफ से जवाब भेजा गया, लेकिन वित्त विभाग जवाब से संतुष्ट नहीं है। इसके चलते सड़क का निर्माण अटक गया है।
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लागत बढ़ने दिया यह तर्क
अधिकारियों का कहना है कि वन विभाग की तरफ से पहाड़ पर सड़क निर्माण के लिए दो से तीन साल बाद अनुमति जारी की गई। जिसमें आठ मीटर सड़क बनाने की ही अनुमति दी गई है। पहाड़ पर खाई की तरफ सड़क के किनारे चार किलोमीटर की रिटेनिंग वॉल बननी है। वहीं, तीन पुलों का भी निर्माण होना है। इस वजह से निर्माण लागत बढ़ी है।
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बड़ी संख्या में लोगों को फायदा होगा
रीवा जिले की त्योंथर विधानसभा सीट से विधायक श्याम लाल द्विवेदी का कहना है कि मैंने वन विभाग से लेकर सभी एजेंसियों से अनुमतियां दिलाईं। अब वित्त विभाग की तरफ सड़क निर्माण के बजट को लेकर आपत्तियां जताई जा रही हैं। जबकि पहाड़ के दोनों तरफ सड़क का निर्माण हो चुका है। इसके बनने से बड़ी संख्या में लोगों को फायदा होगा।
जिम्मेदारों ने दिया यह जवाब
- वित्त विभाग के एसीएस अजीत कुमार केशरी ने कहा कि रोड़ के अनुसार बताना मुश्किल हैं। आप संबंधित सड़क के बारे में पीडब्ल्यूडी से जानकारी ले लीजिए।
- पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर-इन- चीफ नरेंद्र कुमार ने बताया कि हमने रिवाइज प्रस्ताव बनाकर दोबारा भेजा है। सड़क की एक तरफ रिटेनिंग वॉल और तीन पुल बनने से लागत बढ़ी है।
