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MP News: तानसेन की धरती पर सुरों का उत्सव, 101वें तानसेन समारोह का सीएम ने किया शुभारंभ,दिग्गज कलाकार सम्मानित
Mon, 15 Dec 2025 09:53 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Mon, 15 Dec 2025 09:53 PM IST
सार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्वालियर में 101वें तानसेन संगीत समारोह का वर्चुअली शुभारंभ किया। समारोह के दौरान पं. राजा काले और पं. तरुण भट्टाचार्य को तानसेन अलंकरण तथा साधना परमार्थिक संस्थान समिति मंडलेश्वर और रागायन संगीत समिति ग्वालियर को राजा मानसिंह तोमर सम्मान प्रदान किया गया।
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101वें तानसेन संगीत समारोह का शुभारंभ
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में सांस्कृतिक अभ्युदय हो रहा है। आज दुनिया भारत की ओर देख रही है और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश अपनी सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित कर रहा है। राज्य सरकार कला और संस्कृति के संरक्षण के साथ विकास के पथ पर निरंतर अग्रसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअली भारतीय शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र के सर्वाधिक प्रतिष्ठित आयोजन 101वें तानसेन संगीत समारोह का शुभारंभ किया।
तानसेन समारोह मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक
उन्होंने कहा कि तानसेन समारोह मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। संगीत सम्राट तानसेन की सुर-तान ने ग्वालियर को विश्व स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई। तानसेन भारतीय शास्त्रीय संगीत के शिखर पुरुष थे, जिन्होंने गुरु स्वामी हरिदास के सान्निध्य में संगीत को नए आयाम दिए। उनकी ख्याति से प्रभावित होकर सम्राट अकबर ने उन्हें अपने नवरत्नों में स्थान दिया।
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राष्ट्रीय तानसेन अलंकरण और राजा मानसिंह तोमर सम्मान भी प्रदान किए
समारोह के शुभारंभ अवसर पर राष्ट्रीय तानसेन अलंकरण और राजा मानसिंह तोमर सम्मान भी प्रदान किए गए। वर्ष 2024 के लिए प्रख्यात शास्त्रीय गायक पं. राजा काले (मुंबई) और वर्ष 2025 के लिए सुप्रसिद्ध संतूर वादक पं. तरुण भट्टाचार्य को तानसेन अलंकरण से सम्मानित किया गया। वहीं, वर्ष 2024 के लिए साधना परमार्थिक संस्थान समिति, मंडलेश्वर तथा वर्ष 2025 के लिए रागायन संगीत समिति, ग्वालियर को राजा मानसिंह तोमर सम्मान प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री ने सभी सम्मानित विभूतियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
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15 से 19 दिसंबर तक तानसेन संगीत समारोह
उल्लेखनीय है कि ग्वालियर में 15 से 19 दिसंबर तक तानसेन संगीत समारोह आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान ग्वालियर की फिजाएं सुर, ताल और राग की मधुर ध्वनियों से सराबोर रहेंगी। इस वर्ष समारोह में कुल 10 संगीत सभाएं होंगी। 18 दिसंबर को बटेश्वर (मुरैना) में समानांतर संगीत सभा आयोजित की जाएगी, जबकि 19 दिसंबर को प्रातःकालीन सभा तानसेन की जन्मस्थली बेहट में और समापन सभा सायंकाल गूजरी महल परिसर में आयोजित होगी। कार्यक्रम में संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री धर्मेंद्र लोधी, विधायक मोहन ठाकुर, विधायक सुरेश राजे, महापौर शोभा सिकरवार, संचालक संस्कृति एनपी नामदेव सहित बड़ी संख्या में कला प्रेमी उपस्थित रहे।
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तानसेन समारोह मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक
उन्होंने कहा कि तानसेन समारोह मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। संगीत सम्राट तानसेन की सुर-तान ने ग्वालियर को विश्व स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई। तानसेन भारतीय शास्त्रीय संगीत के शिखर पुरुष थे, जिन्होंने गुरु स्वामी हरिदास के सान्निध्य में संगीत को नए आयाम दिए। उनकी ख्याति से प्रभावित होकर सम्राट अकबर ने उन्हें अपने नवरत्नों में स्थान दिया।
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राष्ट्रीय तानसेन अलंकरण और राजा मानसिंह तोमर सम्मान भी प्रदान किए
समारोह के शुभारंभ अवसर पर राष्ट्रीय तानसेन अलंकरण और राजा मानसिंह तोमर सम्मान भी प्रदान किए गए। वर्ष 2024 के लिए प्रख्यात शास्त्रीय गायक पं. राजा काले (मुंबई) और वर्ष 2025 के लिए सुप्रसिद्ध संतूर वादक पं. तरुण भट्टाचार्य को तानसेन अलंकरण से सम्मानित किया गया। वहीं, वर्ष 2024 के लिए साधना परमार्थिक संस्थान समिति, मंडलेश्वर तथा वर्ष 2025 के लिए रागायन संगीत समिति, ग्वालियर को राजा मानसिंह तोमर सम्मान प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री ने सभी सम्मानित विभूतियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
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15 से 19 दिसंबर तक तानसेन संगीत समारोह
उल्लेखनीय है कि ग्वालियर में 15 से 19 दिसंबर तक तानसेन संगीत समारोह आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान ग्वालियर की फिजाएं सुर, ताल और राग की मधुर ध्वनियों से सराबोर रहेंगी। इस वर्ष समारोह में कुल 10 संगीत सभाएं होंगी। 18 दिसंबर को बटेश्वर (मुरैना) में समानांतर संगीत सभा आयोजित की जाएगी, जबकि 19 दिसंबर को प्रातःकालीन सभा तानसेन की जन्मस्थली बेहट में और समापन सभा सायंकाल गूजरी महल परिसर में आयोजित होगी। कार्यक्रम में संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री धर्मेंद्र लोधी, विधायक मोहन ठाकुर, विधायक सुरेश राजे, महापौर शोभा सिकरवार, संचालक संस्कृति एनपी नामदेव सहित बड़ी संख्या में कला प्रेमी उपस्थित रहे।
