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मध्यप्रदेश: केंद्रीय विद्यालय की प्राचार्य तीन लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार, सीबीआई भोपाल की कार्रवाई
Fri, 09 Oct 2026 08:15 AM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Fri, 09 Oct 2026 08:15 AM IST
सार
मध्यप्रदेश के इटारसी स्थित केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-1 की प्राचार्य श्रद्धा पाठक को तीन लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए सीबीआई भोपाल की टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि स्कूल में नवीनीकरण का काम करने वाली फर्म से बिलों के भुगतान के बदले रिश्वत मांगी गई थी। कार्रवाई के बाद इटारसी और आगरा में तलाशी लेकर संपत्ति से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
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- फोटो : cbi.gov.in/
विस्तार
केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-1, ऑर्डिनेंस फैक्ट्री इटारसी में सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी), भोपाल ने कार्रवाई करते हुए विद्यालय की प्राचार्य श्रद्धा पाठक को तीन लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। मामले में विद्यालय के एक अन्य कर्मचारी की भूमिका भी सामने आई है। प्राचार्य श्रद्धा पाठक पर एक फर्म के बकाया बिलों का भुगतान कराने के एवज में तीन लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है। सीबीआई की टीम ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच की और कार्रवाई को अंजाम दिया।
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बिल पास कराने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप
मिली जानकारी के अनुसार, भोपाल की एक फर्म को केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-1 में रेनोवेश्पन का काम मिला था। आरोप है कि केंद्रीय विद्यालय की प्राचार्य ने फर्म से तीन लाख रुपए की अनुसचित राशि की मांग की थी, जिस फर्म को स्कूल में नवीनीकरण का काम मिला था। इस फर्म को सरकारी ई-मार्केटप्लेस के माध्यम से जारी वर्क ऑर्डर के तहत काम करना था। आरोप है कि काम के बकाया बिलों का भुगतान जारी करने के बदले भी रिश्वत मांगी गई थी।
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शिकायत के सत्यापन के बाद कार्रवाई
शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने पहले आरोपों का सत्यापन किया। इसके बाद टीम ने जाल बिछाकर कार्रवाई की। प्राचार्य को तीन लाख रुपये की रिश्वत स्वीकार करते हुए पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद जांच एजेंसी ने आरोपियों के इटारसी और आगरा स्थित आवासीय व कार्यालय परिसरों में तलाशी ली। इस दौरान संपत्ति से संबंधित दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
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बिल पास कराने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप
मिली जानकारी के अनुसार, भोपाल की एक फर्म को केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-1 में रेनोवेश्पन का काम मिला था। आरोप है कि केंद्रीय विद्यालय की प्राचार्य ने फर्म से तीन लाख रुपए की अनुसचित राशि की मांग की थी, जिस फर्म को स्कूल में नवीनीकरण का काम मिला था। इस फर्म को सरकारी ई-मार्केटप्लेस के माध्यम से जारी वर्क ऑर्डर के तहत काम करना था। आरोप है कि काम के बकाया बिलों का भुगतान जारी करने के बदले भी रिश्वत मांगी गई थी।
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शिकायत के सत्यापन के बाद कार्रवाई
शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने पहले आरोपों का सत्यापन किया। इसके बाद टीम ने जाल बिछाकर कार्रवाई की। प्राचार्य को तीन लाख रुपये की रिश्वत स्वीकार करते हुए पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद जांच एजेंसी ने आरोपियों के इटारसी और आगरा स्थित आवासीय व कार्यालय परिसरों में तलाशी ली। इस दौरान संपत्ति से संबंधित दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
