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जल जीवन में खेला: 3.85 करोड़ का पूरा भुगतान करने के बाद जांच में टूटी टंकी, घरों में नल नदारद; केस दर्ज

Tue, 22 Sep 2026 08:04 PM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Tue, 22 Sep 2026 08:04 PM IST
सार

मऊगंज में जल जीवन मिशन के कामों की जांच में कई जगह निर्माण अधूरा और नल कनेक्शन नहीं मिलने की बात सामने आई है। करीब 3.85 करोड़ रुपये के भुगतान के मामले में ईओडब्ल्यू ने पीएचई के तीन अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
 

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MP Jal Jeevan Mission: Rs 3.85 Crore Paid, Tank Collapsed, No Taps in Homes; EOW Files FIR
ईओडब्ल्यू - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मऊगंज जिले के नईगढ़ी विकासखंड में जल जीवन मिशन के तहत कराए गए नल-जल कार्यों में गड़बड़ी को लेकर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ( ईओडब्ल्यू) ने पीएचई के तत्कालीन अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। ईओडब्ल्यू की जांच में काम अधूरा और गुणवत्ता में कमी मिलने के बावजूद ठेकेदार को 3 करोड़ 85 लाख 900 रुपये का पूरा भुगतान किए जाने का आरोप है। एफआईआर में तत्कालीन कार्यपालन यंत्री जेपी (जनार्दन प्रसाद) द्विवेदी, तत्कालीन सहायक यंत्री संजय पांडे, तत्कालीन उपयंत्री एपी तिवारी और ठेकेदार मेसर्स शिवेंद्र कुमार तिवारी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। 
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पांच साल बाद भी अधूरे काम
जल जीवन मिशन के तहत वर्ष 2021 में नईगढ़ी विकासखंड के अलग-अलग गांवों में पानी की टंकियां बनाने, पाइपलाइन बिछाने और हर घर नल कनेक्शन देने का काम कराया जाना था। जांच में आरोप है कि निर्धारित काम के मुकाबले कई स्थानों पर निर्माण अधूरा रहा और ग्रामीणों को अब तक नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी। योजना के तहत पानी की टंकी, सबमर्सिबल मोटर पंप, पाइपलाइन, पंप हाउस, बाउंड्रीवाल, वाल्व चैंबर, ऑटोमेटिक वाटर लेवल इंडिकेटर, बिजली फिटिंग और घरों में नल कनेक्शन सहित कई काम किए जाने थे। 
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पहली बार पानी भरते ही टूट गई टंकी
ईओडब्ल्यू की जांच में नईगढ़ी तहसील के खटखरी गांव में बनाई गई नई पानी की टंकी के निर्माण पर भी सवाल उठे हैं। जांच के अनुसार टंकी पहली बार पानी भरने के दौरान ही टूटकर गिर गई। योजना के प्राक्कलन में 4400 मीटर पाइपलाइन और 315 घरेलू नल कनेक्शन का प्रावधान था, लेकिन आरोप है कि पाइपलाइन केवल गांव के बाहर तक बिछाई गई। घरों के अंदर नल फिटिंग और कंक्रीट के सर्कुलर स्टैंड पोस्ट भी नहीं बनाए गए। इसके बावजूद भुगतान किए जाने की बात जांच में सामने आई है। 


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740 कनेक्शन का दावा, घरों में एक भी फिटिंग नहीं
ग्राम करह में पांच मोटर पंप के स्थान पर केवल एक सबमर्सिबल मोटर पंप मिलने का उल्लेख जांच में है। वहीं 740 घरेलू कनेक्शन के दावे के बावजूद जांच के दौरान एक भी घर के अंदर नल फिटिंग नहीं मिली। शिवराजपुर गांव में ओवरहेड टैंक और संपवेल का निर्माण भी अधूरा पाया गया। इसी तरह जुड़मनिया रघुनाथ गांव में मुख्य पाइपलाइन तो डाली गई, लेकिन घरों तक कनेक्शन नहीं किए गए और मुख्य पाइपलाइन भी पूरे गांव में नहीं बिछाई गई। 

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नौ महीने का काम, पांच साल बाद भी अधूरा
जांच में यह भी सामने आया कि पानी की टंकी, पंप, पाइपलाइन फिटिंग, पंप हाउस और बाउंड्रीवाल समेत विभिन्न निर्माण कार्यों को करीब नौ महीने में पूरा किया जाना था। आरोप है कि करीब पांच साल बीतने के बाद भी कई काम अधूरे हैं। ईओडब्ल्यू के अनुसार ठेकेदार को न्यूनतम निविदा दर से 4.26 प्रतिशत कम दर पर काम का ठेका दिया गया था। इसके लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, मऊगंज संभाग की ओर से 3.85 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया। 

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अधिकारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में
ईओडब्ल्यू ने आरोप लगाया है कि ठेकेदार द्वारा गुणवत्ता विहीन और अधूरे काम कराए जाने के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने उनका सत्यापन किया और भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई। इसी आधार पर चारों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कर जांच में लिया गया है।
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