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MP Election: कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में 121 सीट पर सिंगल नाम, 16 विधायकों की उम्मीदवारी अधर में
सार
MP Election 2023: कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक मंगलवार को संपन्न हुई। बैठक में 121 सीट पर सिंगल नाम और 16 विधायकों की उम्मीदवारी अधर में मानी जा रही है। श्राद्ध पक्ष के बाद कांग्रेस अपने प्रत्याशियों के टिकट घोषित करेगी। माना जा रहा है, जिनकी उम्मीदवारी तय हो गई है, उन्हें एक-दो दिन के अंदर चुनाव में उतरने के संकेत मिल जाएंगे।
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कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने 121 नामों को अंतिम रूप दे दिया है। इन सीट पर सिंगल नाम पर सहमति बन गई है। केंद्रीय नेतृत्व द्वारा गठित स्क्रीनिंग कमेटी ने मंगलवार को दिन भर चली बैठक के बाद इन नामों को हरी झंडी दे दी है।अब केंद्रीय चुनाव समिति के अनुमोदन के बाद उम्मीदवारी की घोषणा होगी। अभी तक हो गया है कि उम्मीदवारों की अधिकृत घोषणा श्राद्ध पक्ष खत्म होने के बाद ही की जाएगी।
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स्क्रीनिंग कमेटी ने 16 को छोड़ बाकी सभी वर्तमान विधायकों को फिर से मौका देने का फैसला लिया है, जिन 16 विधायकों को होल्ड पर रखा गया है उनके बारे में स्क्रीनिंग कमेटी में एक बार फिर से चर्चा होगी। इन 16 सीट पर पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ द्वारा करवाए गए सर्वे में वर्तमान विधायकों की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई है।
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बता दें कि मंगलवार को दिल्ली में स्क्रीनिंग कमेटी की प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह, सदस्य अजय लल्लू, सप्त्गिरी उल्का, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ, नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, कांतिलाल भूरिया, सुरेश पचौरी, अरुण यादव और अजय सिंह के साथ ही प्रभारी महासचिव रणदीप सुरजेवाला भी मौजूद रहे। प्रदेश चुनाव अभियान समिति के सहसंयोजक विधायक जीतू पटवारी भी कुछ देर के लिए स्कैनिंग कमेटी की बैठक में शामिल हुए।
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस ने पहली सूची श्राद्ध पक्ष खत्म होने के बाद जारी करने का निर्णय लिया है। लेकिन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ और प्रभारी महासचिव रणदीप सुरजेवाला को यह जिम्मेदारी सौंप है कि जिन सीट पर सिंगल नाम है, वहां संबंधित नेता को उम्मीदवारी का संकेत दे दिया जाए, ताकि वह तैयारी में लग जाएं।
मालवा-निमाड़ के अधिकांश वर्तमान विधायकों को फिर मौका मिलेगा
स्क्रीनिंग कमेटी ने मालवा-निमाड़ के अधिकांश वर्तमान विधायकों को फिर मौका देने का निर्णय दिया है, जिन वर्तमान विधायकों की उम्मीदवारी खतरे में दिख रही है, उनमें बड़नगर के विधायक मुरली मोरवाल, धरमपुरी के विधायक पाछी लाल मेडा, पेटलावद के विधायक वाल सिंह मेडा के नाम शामिल है। हालांकि, इन तीनों में विधानसभा क्षेत्र के लिए जो पैनल बने हैं, उनमें दूसरे दावेदारों की तुलना में यह तीनों विधायक ही वरीयता पर हैं। मोरवाल पर उनके पुत्र के अपराधिक प्रकरण भारी पड़ रहे हैं तो धरमपुरी सीट पर पूर्व सांसद गजेंद्र सिंह राजू खेड़ी मेडा को बराबरी की टक्कर दे रहे हैं।
पेटलावद में अकमल मालू भूरिया और रूप सिंह दावेदारी भी कमजोर नहीं है। इसके अलावा पानसेमल की विधायक चंद्रभागा किराड़े की उम्मीदवारी भी खतरे में पड़ सकती है। सेंधवा सीट को लेकर भी पार्टी में अलग-अलग राय सामने आ रही है। भगवानपुर में पिछले चुनाव में निर्दलीय जीते केदार डाबर को कांग्रेस ने प्राथमिकता पर रखा है। वहीं, बुरहानपुर में अरुण यादव के विरोध के बावजूद सुरेंद्र सिंह शेरा को प्राथमिकता दी जा रही है। मालवा-निमाड़ की एक दो आदिवासी सीटों पर जयस से जुड़े नेताओं को भी कांग्रेस मौका दे सकती है।
इंदौर के नौ में से पांच विधानसभा क्षेत्र में स्थिति स्पष्ट
स्क्रीनिंग कमेटी ने इंदौर के नौ में से पांच विधानसभा क्षेत्र में सिंगल नाम का अनुमोदन किया है। तीनों वर्तमान विधायक इंदौर एक से संजय शुक्ला, राऊ से जीतू पटवारी और देपालपुर से विशाल पटेल के साथ ही सांवेर से रीना बोरासी और इंदौर दो से चिंटू चौकसे का टिकट पक्का है। इंदौर तीन, इंदौर चार, इंदौर पांच और महू के टिकट को लेकर अभी स्क्रीनिंग कमेटी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। अगली बैठक में इन सीटों पर नए सिरे से विचार होगा।
कमलनाथ के सर्वे को तवज्जो पर गोविंद सिंह और अजय सिंह भी अड़े
स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक के दौरान कई बार विवाद की स्थिति भी बनी। ज्यादातर सीटों पर कमलनाथ की बात मानी गई। विवाद उस समय हुआ जब कमलनाथ में बाकी नेताओं से कहा कि वह अपने नाम मुझे दे दें, ताकि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर इन्हें अगली बैठक में चर्चा में लिया जा सके। लेकिन नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह और अजय सिंह राहुल इस पर सहमत नहीं हुए। उनका कहना था कि सभी के बीच इन पर चर्चा होना चाहिए। सूत्रों के मुताबिक, दिग्विजय सिंह, कमलनाथ और बाकी नेताओं के बीच मध्यस्थ की भूमिका में नजर आए।
