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सत्ता का संग्राम: अमर उजाला पहुंचा भोपाल, महिलाओं ने चर्चा में कहा- सरकार हमें स्वच्छ जल मुहैया कराए
Sun, 05 Nov 2023 06:03 PM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Sun, 05 Nov 2023 06:03 PM IST
सार
MP Election 2027: चुनावी मुद्दों पर खुलकर चर्चा करने के लिए अमर उजाला पहुंच गया है मध्य प्रदेश के महिला मतदाताओं के बीच। जहां रविवार को भोपाल में 'सत्ता का संग्राम' हुआ, जिसमें महिला वोटरों ने कई मुद्दों पर अपनी रखी।
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सत्ता का संग्राम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश में चुनावी बिसात बिछ चुकी है। चुनाव से पहले अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' प्रदेश भर के मतदाताओं का मन टटोलने निकला है। आज हमारा कारवां भोपाल पहुंचा है। जहां हमने महिला वोटरों से बात कर उनके मूल मुद्दों को जानने की कोशिश की।
इसी कड़ी में अंशी गुप्ता ने अपनी बात रखते हुए कहा कि वैसे तो देश में महिलाओं की आधी आबादी है, और अगर आधी आबादी की बात आती है तो मुद्दे भी हमसे को-रिलेटेड होने चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे लिए हमें अच्छा पेयजल मुहैया कराया जाये। हमारे बच्चों के लिए अच्छे प्लेग्राउंड हो। इसके साथ ही महिलाओं के के सोशल स्ट्रक्चर, उनकी सिक्योरिटी पर बात होनी चाहिए।
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सड़क बनवाने के लिए करना पड़ा संघर्ष
वहीं एक और महिला ने अपनी बात रखते हुए कहा कि हम भोपाल में साल 1996 से रह रहे है, लेकिन हमारे इलाके में पार्क अधूरा बना पड़ा है, इसपर जल्दी कार्य होना चाहिए। जिससे की हम अपने बच्चों को वहां लेकर जा सके। इसी कड़ी में एक और महिला ने अपनी बात रखते हुए कहा कि हम जिस कॉलोनी में रहते है, ये 45 एकड़ में फैली हुई है। लेकिन अफसोस की बात ये है कि ये राजधानी भोपाल की पिछड़ी कॉलोनी में से एक है। यहां सड़कें बहुत संघर्ष करने के बाद बनी है, लेकिन पानी की बहुत ज्याद दिक्कत है।
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इसी कड़ी में अंशी गुप्ता ने अपनी बात रखते हुए कहा कि वैसे तो देश में महिलाओं की आधी आबादी है, और अगर आधी आबादी की बात आती है तो मुद्दे भी हमसे को-रिलेटेड होने चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे लिए हमें अच्छा पेयजल मुहैया कराया जाये। हमारे बच्चों के लिए अच्छे प्लेग्राउंड हो। इसके साथ ही महिलाओं के के सोशल स्ट्रक्चर, उनकी सिक्योरिटी पर बात होनी चाहिए।
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सड़क बनवाने के लिए करना पड़ा संघर्ष
वहीं एक और महिला ने अपनी बात रखते हुए कहा कि हम भोपाल में साल 1996 से रह रहे है, लेकिन हमारे इलाके में पार्क अधूरा बना पड़ा है, इसपर जल्दी कार्य होना चाहिए। जिससे की हम अपने बच्चों को वहां लेकर जा सके। इसी कड़ी में एक और महिला ने अपनी बात रखते हुए कहा कि हम जिस कॉलोनी में रहते है, ये 45 एकड़ में फैली हुई है। लेकिन अफसोस की बात ये है कि ये राजधानी भोपाल की पिछड़ी कॉलोनी में से एक है। यहां सड़कें बहुत संघर्ष करने के बाद बनी है, लेकिन पानी की बहुत ज्याद दिक्कत है।
