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एमपी: डिप्टी सीएम के ओएसडी पर एक करोड़ की रिश्वत लेने का आरोप, फर्जी एफडीआर से शराब दुकानें दिलाने का दावा

Fri, 09 Oct 2026 08:37 AM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Fri, 09 Oct 2026 08:37 AM IST
सार

मध्यप्रदेश के डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के ओएसडी दीपम रायचूरा पर भोपाल में दो शराब दुकानों के ठेके दिलाने के बदले एक करोड़ रुपये लेने और फर्जी एफडीआर को मंजूरी दिलाने में मदद करने के आरोप लगे हैं। करीब 930 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के आरोपी मोहित गोगिया के नाम से वायरल बयान में ये दावे किए गए हैं। 

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MP: Deputy CM’s OSD Accused of Taking  1 Crore Bribe to Secure Liquor Shop Contracts Using Fake FDRs
दीपम रायचूरा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के ओएसडी दीपम रायचूरा पर भोपाल में दो शराब दुकानों के ठेके दिलाने के बदले एक करोड़ रुपये लेने का आरोप लगाया गया है। करीब 930 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में आरोपी मोहित गोगिया के नाम से सामने आए एक कथित बयान में ये दावे किए गए हैं। इसमें फर्जी फिक्स्ड डिपॉजिट रसीद (एफडीआर) के आधार पर शराब दुकानों के ठेके हासिल करने और बिना लाइसेंस शराब बिक्री में मदद करने के आरोप भी शामिल हैं। कथित बयान की एक कॉपी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
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तनुज सेठी के जरिए मुलाकात का दावा
कथित बयान के अनुसार, गोगिया वर्ष 2022-23 में भोपाल आया था। उसने दावा किया है कि तनुज सेठी ने उसकी मुलाकात दीपम रायचूरा से कराई थी। उसे बताया गया था कि रायचूरा आबकारी विभाग में सहायक आयुक्त हैं। इसके बाद रायचूरा ने गोगिया को दीपक दुबे से मिलवाया और कथित तौर पर कहा कि वह उनका काम देखता है। बयान में दावा किया गया है कि वर्ष 2024-25 में भोपाल के टीटी नगर क्षेत्र में शराब की दो दुकानों के ठेके जसवंत कुमार के नाम पर दिलाने में मदद की गई। इन दुकानों के लिए बैंक गारंटी के रूप में इस्तेमाल की गई फर्जी एफडीआर को मंजूरी दिलाने में भी ओएसडी की भूमिका होने का आरोप लगाया गया है। 
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दो किस्तों में एक करोड़ रुपये देने का आरोप
गोगिया के कथित बयान में दावा किया गया है कि दुकानों के ठेके दिलाने के बदले एक करोड़ रुपये दिए गए। इसमें से 50 लाख रुपये नकद दिए जाने की बात कही गई है। बयान के अनुसार, यह रकम दीपक दुबे ने होशंगाबाद रोड स्थित शालीमार फोर्ट लेजा के एक फ्लैट से ली थी। बाकी 50 लाख रुपये आईएसबीटी क्षेत्र में होटल चलाने वाले एक व्यक्ति के बैंक खाते में ट्रांसफर कराने का आरोप लगाया गया है। हालांकि उपलब्ध जानकारी में इस लेनदेन की स्वतंत्र पुष्टि करने वाले दस्तावेज सामने नहीं आए हैं।

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बिना लाइसेंस शराब बिक्री में मदद का भी आरोप
कथित बयान में यह भी दावा किया गया है कि दीपम रायचूरा ने शराब दुकानों के जरिए बिना लाइसेंस शराब उपलब्ध कराने में मदद की। बयान में एक मोबाइल नंबर का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि इस नंबर पर दोनों के बीच कॉल और चैट होती थी। 

इस मामले में दीपम रायचूरा से उनका पक्ष लेने संपर्क किया गया लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। 
 
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