MP CM List: मध्यप्रदेश में कौन कब मुख्यमंत्री रहा और उनका कितना कार्यकाल रहा, जानें सब कुछ
All Chief Ministers Of Madhya Pradesh: डॉ. मोहन यादव मध्यप्रदेश के 19वें मुख्यमंत्री बन गए हैं। उन्होंने 13 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री के पद की शपथ ले ली है। मध्यप्रदेश में कौन कब मुख्यमंत्री रहा और कितना उनका कार्यकाल रहा, इस खबर में जानें...।
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मध्यप्रदेश में मोहन यादव सोहलवीं विधानसभा के मुख्यमंत्री बन गए हैं। उन्होंने 13 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री के पद की शपथ ग्रहण कर ली है। डॉ. मोहन यादव मध्यप्रदेश के 19वें मुख्यमंत्री बने हैं। अब तक कुल 18 मुख्यमंत्री प्रदेश की कमान संभाल चुके हैं। मध्यप्रदेश में कौन कब मुख्यमंत्री रहा और कितना उनका कार्यकाल रहा, इस सूची से जानिए-
| मध्यप्रदेश के माननीय मुख्यमंत्रियों/सदन के नेताओं की सूची | |||
| क्र. | नाम | कार्यकाल | विधान सभा |
| 1. | रविशंकर शुक्ल | 01/11/1956 से 31/12/1956 | पहली (1956-1957) |
| 2. | भगवंतराव मण्डलोई | 09/01/1957 से 30/01/1957
12/03/1962 से 29/09/1963 |
पहली (1956-1957)
तीसरी (1962-1967) |
| 3. | कैलाशनाथ काटजू | 31/01/1957 से 14/04/1957
15/04/1957 से 11/03/1962 |
पहली (1956-1957)
दूसरी (1957-1962) |
| 4. | द्वारिका प्रसाद मिश्र | 30/09/1963 से 08/03/1967
08/03/1967 से 29/07/1967 |
तीसरी (1962-1967)
चौथी (1967-1972) |
| 5. | विजयाराजे सिंधिया* | 30/07/1967 से 25/03/1969 | चौथी (1967-1972) |
| 6. | गोविंद नारायण सिंह | 30/07/1967 से 12/03/1969 | चौथी (1967-1972) |
| 7. | राजा नरेशचंद्र सिंह | 13/03/1969 से 25/03/1969 | चौथी (1967-1972) |
| 8. | श्यामाचरण शुक्ल | 26/03/1969 से 28/01/1972
23/12/1975 से 30/04/1977 |
चौथी (1967-1972)
पांचवीं (1972-1977) |
| 9. | प्रकाश चंद्र सेठी | 29/01/1972 से 22/03/1972
23/03/1972 से 23/12/1975 |
चौथी (1967-1972)
पांचवीं (1972-1977) |
| 10. | कैलाश जोशी | 24/06/1977 से 17/01/1978 | छठी (1977-1980) |
| 11. | वीरेंद्र कुमार सखलेचा | 18/01/1978 से 19/01/1980 | छठी (1977-1980) |
| 12. | सुंदरलाल पटवा | 20/01/1980 से 17/02/1980 | छठी (1977-1980) |
| 13. | अर्जुन सिंह | 09/06/1980 से 10/03/1985 | सातवीं (1980-1985) |
| 14. | अर्जुन सिंह | 11/03/1985 से 12/03/1985 | आठवीं (1985-1990) |
| 15. | मोतीलाल वोरा | 13/03/1985 से 13/02/1988 | आठवीं (1985-1990) |
| 16. | अर्जुन सिंह | 14/02/1988 से 23/01/1989 | आठवीं (1985-1990) |
| 17. | मोतीलाल वोरा | 25/01/1989 से 09/12/1989 | आठवीं (1985-1990) |
| 18. | श्यामाचरण शुक्ल | 09/12/1989 से 01/03/1990 | आठवीं (1985-1990) |
| 19. | सुंदरलाल पटवा | 05/03/1990 से 15/12/1992 | नौवीं (1990-1992) |
| 20. | दिग्विजय सिंह | 07/12/1993 से 01/12/1998 | दसवीं (1993-1998) |
| 21. | दिग्विजय सिंह | 01/12/1998 से 07/12/2003 | ग्यारहवीं (1998-2003) |
| 22. | उमा भारती | 08/12/2003 से 23/08/2004 | बारहवीं (2003-2008) |
| 23. | बाबूलाल गौर | 23/08/2004 से 29/11/2005 | बारहवीं (2003-2008) |
| 24. | शिवराज सिंह चौहान | 29/11/2005 से 11/12/2008 | बारहवीं (2003-2008) |
| 25. | शिवराज सिंह चौहान | 12/12/2008 से 09/12/2013 | तेरहवीं (2008 से 2013) |
| 26. | शिवराज सिंह चौहान | (14/12/2013 से 12/12/2018) | चौदहवीं (2013 से 2018) |
| 27. | कमलनाथ | (17/12/2018 से 20/03/2020) | पंद्रहवीं (2018 - 2020) |
| 28. | शिवराज सिंह चौहान | (23/03/2020 से 11/12/2023) | पंद्रहवीं (2020 - 2023) |
| 29. | मोहन यादव | (13/12/2023 से - ) | सोलहवीं (2023 - ) |
| *साधारणत: मुख्यमंत्री ही सदन का नेता होता है। लेकिन चतुर्थ विधान सभा में गोविंद नारायण सिंह के कार्यकाल में विजयाराजे सिंधिया सदन की नेता रहीं। | |||
कभी पिता-चाचा के साथ भजिए बेचते थे मोहन यादव
डॉ. मोहन यादव लगातार तीसरी बार उज्जैन जिले की उज्जैन दक्षिण विधानसभा सीट से विधायक बने हैं। पिछली सरकार में राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री थे। 1965 में गीता कालोनी निवासी पूनमचंद यादव के घर जन्मे मोहन यादव का बचपन आर्थिक तंगी में गुजरा। पिता पूनमचंद मिल में नौकरी करते थे। कमाई ज्यादा नहीं होती थी। परिवार का गुजारा करने के लिए पूनमचंद अपने भाई शंकर लाल के साथ मालीपुर इलाके में चाय-पोहे भजिए की दुकान भी चलाते थे। मोहन यहां कभी-कभी पिता-चाचा की मदद करने आते थे। 1982 में जब मोहन यादव ने छात्रसंघ का पहला चुनाव जीता उस वक्त भी वह अपनी चाय-पोहे की दुकान पर काम करते थे। चाय-पोहे की दुकान ठीक चलने लगी तो उन्होंने उसे बढ़ाकर एक रेस्टोरेंट भी डाला था।
UDA का अध्यक्ष रहते किया एमए और पीएचडी
परिवार की मदद के साथ मोहन पढ़ाई पर भी पूरा ध्यान रखते थे। परिवार की आर्थिक हालत और मोहन की प्रतिभा को देखते हुए सालिगराम नाम के शिक्षक ने उन्हें अपने साथ रख लिया। उसे पढ़ाया-लिखाया। पूरा खर्च भी उठाया। अभाव के बीच शिक्षक से मिली मदद के साथ मोहन यादव ने पीएचडी तक की शिक्षा ग्रहण की। मोहन यादव ने उज्जैन विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष रहते हुए पॉलिटिकल साइंस में एमए और इसके बाद पीएचडी भी की। 2010 में उन्हें पीएचडी की उपाधि मिली।
छात्रसंघ के सह-सचिव से राज्य के सीएम पद तक ऐसी रही राजनीतिक यात्रा
डॉ. मोहन यादव ने माधव विज्ञान महाविद्यालय से छात्र राजनीति की शुरुआत की। 1982 में वे माधव विज्ञान महाविद्यालय छात्रसंघ के सह-सचिव और 1984 में माधव विज्ञान महाविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष रहे हैं। 1984 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद उज्जैन के नगर मंत्री और 1986 में विभाग प्रमुख की जिम्मेदारी संभाली। 1988 में यादव अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद मध्यप्रदेश के प्रदेश सहमंत्री और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य रहे हैं। 1989-90 में परिषद की प्रदेश इकाई के प्रदेश मंत्री और सन 1991-92 में परिषद के राष्ट्रीय मंत्री रह चुके हैं।
1993-95 में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, उज्जैन नगर के सह खंड कार्यवाह, सायं भाग नगर कार्यवाह और 1996 में खण्ड कार्यवाह और नगर कार्यवाह रहे हैं। संघ में सक्रियता की वजह से मोहन यादव 1997 में भाजयुमो प्रदेश समिति में अपनी जगह बनाई। 1998 में उन्हें पश्चिम रेलवे बोर्ड की सलाहकार समिति के सदस्य बनाया गया। इसके बाद उन्होंने संगठन में रहकर अलग-अलग पदों पर काम किया।
