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मध्यप्रदेश: 140 विधानसभा में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, मैदान के बीच होगा हेलीपैड;13,790 करोड़ के प्रस्ताव मंजूर
Tue, 22 Sep 2026 03:42 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Tue, 22 Sep 2026 03:42 PM IST
सार
मध्यप्रदेश कैबिनेट ने मंगलवार को मोहन कैबिनेट में कई अहम प्रस्तावों पर मोहर लगी। इसमें 140 विधानसभा क्षेत्र में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने का निर्णय लिया गया है। जिसके बीच में हैलीपैड भी बनाया जाएगा।
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मोहन कैबिनेट की बैठक
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए। सरकार ने बुनियादी सुविधाओं, सिंचाई, बिजली, खेल, न्याय व्यवस्था और प्रशासन को मजबूत करने के लिए 13,790 करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय प्रस्तावों को मंजूरी दी। प्रदेश के 140 विधानसभा क्षेत्रों में मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे। इसके अलावा 2,800 मेगावाट बिजली खरीदने, दो जिलों में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के नए कार्यालय खोलने और इंदौर के शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय में 13 नए पद बनाने का फैसला भी हुआ।
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अब हर विधानसभाा में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स
कैबिनेट ने प्रदेश के 140 विधानसभा क्षेत्रों में खेल परिसर बनाने के लिए 962 करोड़ 50 लाख रुपये की सैद्धांतिक मंजूरी दी है। इनका नाम मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स रखा जाएगा। जहां 10 एकड़ जमीन उपलब्ध होगी, वहां करीब सात करोड़ रुपये की लागत से इंडोर और आउटडोर खेल सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यहां खिलाड़ियों के लिए कोच समेत अन्य जरूरी व्यवस्थाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। वहीं, बाकी 90 विधानसभा क्षेत्रों में पहले से बने स्टेडियम में सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा। नई योजना से स्थानीय स्तर पर खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और खेल सुविधाएं मिल सकेंगी।
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मैदान के बीच बनेगा हैलीपैड
वहीं, इस योजना में नई सुविधा भी जोड़ी गई हैं। इन स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स के मैदान के बीच में हैलीपैड भी बनाया जाएगा। अभी कई जगह हैलीपैड की सुविधा नहीं हैं। इसका उद्देश्य एयर एंबुलेंस सेवा के लिए सुविधा और पहुंच का जनता तक पहुंचाना है। इससे 24 घंटे सातों दिन हेलीपैड एयरएंबुलेंस के लिए उपलब्ध होगा। अभी कई जगह हैलीपैड का तुरंत निर्माण करना होता था। इससे ग्रामीण इलाकों की जनता को बड़ी राहत मिलेगी।
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राजगढ़ और नीमच में सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी
राजगढ़ जिले की सुठालिया सिंचाई परियोजना को अगले पांच साल के लिए जारी रखने के लिए 262 करोड़ 63 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। इससे करीब 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई की सुविधा विकसित होगी। नीमच जिले की जावद-नीमच दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 4,197 करोड़ 58 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। इस योजना के तहत पाइप और दबाव वाली सिंचाई व्यवस्था से खेतों तक पानी पहुंचाया जाएगा। इससे पानी की बचत के साथ खेती की उत्पादकता बढ़ाने का लक्ष्य है। राजगढ़ की पार्वती-रिन्सी सिंचाई परियोजना को भी अगले पांच साल तक जारी रखने के लिए 507 करोड़ 23 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। इसके तहत बांध बनाकर करीब 48 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित की जाएगी।
2037 तक बिजली की जरूरत के लिए 2,800 मेगावाट खरीदेंगे
प्रदेश में बढ़ती बिजली की मांग को देखते हुए कैबिनेट ने 2,800 मेगावाट ताप विद्युत खरीदने की प्रक्रिया को मंजूरी दी है। बिजली की खरीद प्रतिस्पर्धी निविदा के जरिए की जाएगी। इसमें मध्यप्रदेश में चल रही, निर्माणाधीन और प्रस्तावित नई ताप विद्युत परियोजनाओं से बिजली लेने का विकल्प रहेगा। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2037 तक बढ़ने वाली बिजली की जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध रखना है।
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ग्राम न्यायालयों के लिए 554 करोड़ रुपये
कैबिनेट ने ग्राम न्यायालय योजना को वर्ष 2026 से 2031 तक जारी रखने के लिए 554 करोड़ 61 लाख रुपये मंजूर किए हैं। इस राशि से ग्राम न्यायालयों के न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन-भत्ते तथा कार्यालय का खर्च पूरा किया जाएगा। इन न्यायालयों में स्थानीय स्तर पर कानून के अनुसार मामलों का निपटारा किया जाता है।
विधिक सहायता के लिए 524 करोड़
मध्यप्रदेश विधिक सहायता तथा विधिक सलाह बोर्ड की योजना को अगले पांच साल तक जारी रखने के लिए 524 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इसके अलावा परिवार न्यायालयों की योजना के लिए 1,000 करोड़ रुपये और मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से संबंधित योजना के लिए 2,015 करोड़ 60 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।
रजिस्ट्रियों और जमीन के रिकॉर्ड से जुड़ी योजनाएं भी जारी रहेंगी
वाणिज्यिक कर विभाग की छह योजनाओं को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए कुल 969 करोड़ 87 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। इसमें ई-रजिस्ट्री, स्टांप की बिक्री और लागत, विभागीय संपत्तियों के रखरखाव, डिजिटल भूमि रिकॉर्ड और जिला व उप पंजीयक कार्यालयों के भवन से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।
इंदौर डेंटल कॉलेज में 13 नए पद
कैबिनेट ने इंदौर के शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय में 13 नए शिक्षकीय पद बनाने को मंजूरी दी है। इनमें एक प्राध्यापक, 10 सह-प्राध्यापक और दो सहायक प्राध्यापक के पद शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य बीडीएस की सीटें 63 से बढ़ाकर 100 और एमडीएस की सीटें 35 से बढ़ाकर 44 करना है। इन नए पदों पर हर साल करीब 3 करोड़ 78 लाख रुपये का खर्च आने का अनुमान है।
मैहर, सिंगरौली और पांढुर्णा में नए पीएचई कार्यालय
नवगठित मैहर और पांढुर्णा जिलों में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के जिला कार्यालय खोलने को मंजूरी दी गई है। दोनों कार्यालयों में पांच-पांच नए स्थायी पद बनाए जाएंगे। कार्यालय सहायक के लिए दो-दो कर्मचारियों को आउटसोर्स के जरिए रखा जाएगा। इसी तरह सिंगरौली जिले के चितरंगी ब्लॉक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का अनुविभागीय कार्यालय खोला जाएगा। यहां तीन नए स्थायी पद बनाए जाएंगे और एक कार्यालय सहायक को आउटसोर्स के जरिए रखा जाएगा।
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अब हर विधानसभाा में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स
कैबिनेट ने प्रदेश के 140 विधानसभा क्षेत्रों में खेल परिसर बनाने के लिए 962 करोड़ 50 लाख रुपये की सैद्धांतिक मंजूरी दी है। इनका नाम मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स रखा जाएगा। जहां 10 एकड़ जमीन उपलब्ध होगी, वहां करीब सात करोड़ रुपये की लागत से इंडोर और आउटडोर खेल सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यहां खिलाड़ियों के लिए कोच समेत अन्य जरूरी व्यवस्थाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। वहीं, बाकी 90 विधानसभा क्षेत्रों में पहले से बने स्टेडियम में सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा। नई योजना से स्थानीय स्तर पर खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और खेल सुविधाएं मिल सकेंगी।
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मैदान के बीच बनेगा हैलीपैड
वहीं, इस योजना में नई सुविधा भी जोड़ी गई हैं। इन स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स के मैदान के बीच में हैलीपैड भी बनाया जाएगा। अभी कई जगह हैलीपैड की सुविधा नहीं हैं। इसका उद्देश्य एयर एंबुलेंस सेवा के लिए सुविधा और पहुंच का जनता तक पहुंचाना है। इससे 24 घंटे सातों दिन हेलीपैड एयरएंबुलेंस के लिए उपलब्ध होगा। अभी कई जगह हैलीपैड का तुरंत निर्माण करना होता था। इससे ग्रामीण इलाकों की जनता को बड़ी राहत मिलेगी।
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राजगढ़ और नीमच में सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी
राजगढ़ जिले की सुठालिया सिंचाई परियोजना को अगले पांच साल के लिए जारी रखने के लिए 262 करोड़ 63 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। इससे करीब 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई की सुविधा विकसित होगी। नीमच जिले की जावद-नीमच दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 4,197 करोड़ 58 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। इस योजना के तहत पाइप और दबाव वाली सिंचाई व्यवस्था से खेतों तक पानी पहुंचाया जाएगा। इससे पानी की बचत के साथ खेती की उत्पादकता बढ़ाने का लक्ष्य है। राजगढ़ की पार्वती-रिन्सी सिंचाई परियोजना को भी अगले पांच साल तक जारी रखने के लिए 507 करोड़ 23 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। इसके तहत बांध बनाकर करीब 48 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित की जाएगी।
2037 तक बिजली की जरूरत के लिए 2,800 मेगावाट खरीदेंगे
प्रदेश में बढ़ती बिजली की मांग को देखते हुए कैबिनेट ने 2,800 मेगावाट ताप विद्युत खरीदने की प्रक्रिया को मंजूरी दी है। बिजली की खरीद प्रतिस्पर्धी निविदा के जरिए की जाएगी। इसमें मध्यप्रदेश में चल रही, निर्माणाधीन और प्रस्तावित नई ताप विद्युत परियोजनाओं से बिजली लेने का विकल्प रहेगा। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2037 तक बढ़ने वाली बिजली की जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध रखना है।
ये भी पढ़ें- एमपी पुलिस में अब वर्दी वाली रील बंद! AI पर सरकारी फाइल डाली तो एक्शन, 30 दिन में बतानी होगी सोशल मीडिया कमाई
ग्राम न्यायालयों के लिए 554 करोड़ रुपये
कैबिनेट ने ग्राम न्यायालय योजना को वर्ष 2026 से 2031 तक जारी रखने के लिए 554 करोड़ 61 लाख रुपये मंजूर किए हैं। इस राशि से ग्राम न्यायालयों के न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन-भत्ते तथा कार्यालय का खर्च पूरा किया जाएगा। इन न्यायालयों में स्थानीय स्तर पर कानून के अनुसार मामलों का निपटारा किया जाता है।
विधिक सहायता के लिए 524 करोड़
मध्यप्रदेश विधिक सहायता तथा विधिक सलाह बोर्ड की योजना को अगले पांच साल तक जारी रखने के लिए 524 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इसके अलावा परिवार न्यायालयों की योजना के लिए 1,000 करोड़ रुपये और मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से संबंधित योजना के लिए 2,015 करोड़ 60 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।
रजिस्ट्रियों और जमीन के रिकॉर्ड से जुड़ी योजनाएं भी जारी रहेंगी
वाणिज्यिक कर विभाग की छह योजनाओं को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए कुल 969 करोड़ 87 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। इसमें ई-रजिस्ट्री, स्टांप की बिक्री और लागत, विभागीय संपत्तियों के रखरखाव, डिजिटल भूमि रिकॉर्ड और जिला व उप पंजीयक कार्यालयों के भवन से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।
इंदौर डेंटल कॉलेज में 13 नए पद
कैबिनेट ने इंदौर के शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय में 13 नए शिक्षकीय पद बनाने को मंजूरी दी है। इनमें एक प्राध्यापक, 10 सह-प्राध्यापक और दो सहायक प्राध्यापक के पद शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य बीडीएस की सीटें 63 से बढ़ाकर 100 और एमडीएस की सीटें 35 से बढ़ाकर 44 करना है। इन नए पदों पर हर साल करीब 3 करोड़ 78 लाख रुपये का खर्च आने का अनुमान है।
मैहर, सिंगरौली और पांढुर्णा में नए पीएचई कार्यालय
नवगठित मैहर और पांढुर्णा जिलों में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के जिला कार्यालय खोलने को मंजूरी दी गई है। दोनों कार्यालयों में पांच-पांच नए स्थायी पद बनाए जाएंगे। कार्यालय सहायक के लिए दो-दो कर्मचारियों को आउटसोर्स के जरिए रखा जाएगा। इसी तरह सिंगरौली जिले के चितरंगी ब्लॉक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का अनुविभागीय कार्यालय खोला जाएगा। यहां तीन नए स्थायी पद बनाए जाएंगे और एक कार्यालय सहायक को आउटसोर्स के जरिए रखा जाएगा।
