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MP CABINET: औद्योगिक संवर्धन नीति के तहत सात नई नीतियों को मंजूरी, पांच साल में 20 लाख रोजगार अवसर सृजित होंगे

Tue, 11 Feb 2025 09:30 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, भोपाल, मध्य प्रदेश
न्यूज डेस्क, भोपाल, मध्य प्रदेश Published by: आनंद पवार Updated Tue, 11 Feb 2025 09:30 PM IST
सार

डॉ. मोहन कैबिनेट ने ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट (जीआईएस) से पहले प्रदेश को विकसित बनाने के लिए औद्योगिक संवर्धन नीति 2025 को स्वीकृति दी। इसके तहत अगले पांच साल में करीब 20 लाख नवीन रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

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MP CABINET: Seven new policies approved under Industrial Promotion Policy, 20 lakh employment opportunities wi
डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी भोपाल में 24-25 फरवरी को ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट (जीआईएस) आयोजित हो रही है। इससे प्रदेश में प्रदेश में निवेश लाने और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए मंगलवार को डॉ. मोहन यादव की कैबिनेट ने मंगलवार को कई नीतियों को स्वीकृति दी है। कैबिनेट ने प्रदेश को विकसित एवं समृद्ध बनाने के लिए औद्योगिक संवर्धन नीति-2025 की स्वीकृति दी। इसके अंतर्गत 10 सेक्टर विशिष्ट नीतियों यथा कृषि, डेयरी एवं खाद्य प्रसंस्करण नीति, टेक्सटाइल नीति, परिधान, फुटवियर, खिलौने और सहायक उपकरण नीति, एयरोस्पेस और रक्षा उत्पादन प्रोत्साहन नीति, फार्मास्यूटिकल्स नीति, बायोटेक्नोलॉजी नीति, मेडिकल डिवाईसेस नीति, ईव्ही विनिर्माण नीति, नवकरणीय ऊर्जा उपकरण विनिर्माण नीति, और हाई वेल्यू-एड विनिर्माता नीति को स्वीकृति दी गई है। 
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यह है औद्योगिक संवर्धन नीति-2025 का उद्देश्य
औद्योगिक संवर्धन नीति 2025 का उदेश्य मध्य प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने और उद्योगों के योगदान को राज्य के जीडीपी में वित्तीय वर्ष 2023-24 में 2.9 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2030 तक लगभग 6 लाख करोड़ रुपये करना है। निवेशकों को एक समग्र औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र प्रदान करने के लिए विश्व स्तरीय औद्योगिक अधोसंरचना का विकास करना, एनवायरनमेंटली सस्टेनेबल इंडर्स्टियल ग्रोथ और संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देना, राज्य में रोजगार के अवसरों को बढ़ाना, विशेष रूप से रोजगार-गहन क्षेत्रों पर जोर देते हुए अगले पांच वर्षों में लगभग 20 लाख नवीन रोजगार के अवसर सृजित करना, निवेशक सुविधा में सुधार करना और राज्य में व्यापार करने की प्रक्रिया को सरल बनाना और प्रदेश की योजनाओं को उद्योगों की आवश्यकताओं के साथ संरेखित करके भविष्य के लिए प्रशिक्षित कार्यबल तैयार करना है। इसके अंतर्गत वृहद और मेगा स्तर की औद्योगिक इकाई को निवेश प्रोत्साहन सहायता, सामान्य सहायता और अतिरिक्त सहायता के प्रावधान शामिल किए गए हैं। 
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विद्युत टैरिफ प्रतिपूर्ति 1 रुपये प्रति यूनिट
- कृषि, डेयरी एवं खाद्य प्रसंस्करण नीति में विद्युत टैरिफ प्रतिपूर्ति 1 रुपये प्रति यूनिट 5 वर्षों के लिए प्रदाय की जाएगी। गुणवत्ता प्रमाणन के लिए प्रोत्साहन, 50% अथवा 5 लाख जो भी कम हो 5 वर्षों के लिए प्रदाय किया जाएगा। इसके साथ ही 75 करोड़ से अधिक का निवेश करने वाले खाद्य प्रसंस्करण इकाईया सीसीआईपी अंतर्गत कस्टामाईज्ड पैकेज के लिए पात्र होंगी।
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टर्म लोन पर 5% अनुदान सुविधा 
- टेक्सटाइल नीति के अंतर्गत  संयंत्र और मशीनरी के लिए गए टर्म लोन पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान सुविधा 5 वर्षों के लिए अधिकतम 50 करोड़ रुपये प्रदाय की जाएगी। अपेरल प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना पर 25 प्रतिशत सहायता अधिकतम 50 लाख रुपये प्रदाय की वित्तीय सहायता प्रदाय की जाएगी। साथ ही 500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने वाली मेगा श्रेणी की इकाईयां सीसीआईपी अंतर्गत कस्टमाईज्ड पैकेज के लिए पात्र होंगी।

प्रति कर्मचारी पांच हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे 
- परिधान, फुटवियर, खिलौने और सहायक उपकरण नीति में रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रति कर्मचारी 5 हजार रुपये प्रति माह 5 वर्षों तक, कुल 10 वर्षों की अवधि में प्रदान किए जाएंगे। प्रशिक्षण और कौशल विकास के लिए 13 हजार रुपये प्रति नए कर्मचारी के लिए 5 वर्षों तक प्रदान किया जाएगा। टर्म लोन पर 5% ब्याज अनुदान, अधिकतम 50 करोड़ रुपये दिया जाएगा। विकास शुल्क में 25% की रियायत देने के साथ स्टांप ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क सहायता में 100 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। विद्युत टैरिफ रियायत के रूप में 1 रुपये प्रति यूनिट, अधिकतम 5 वर्षों के लिए प्रदान की जाएगी। अपेरल प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना पर 25 प्रतिशत सहायता अधिकतम 50 लाख रुपये प्रदाय की वित्ती सहायता प्रदाय की जायेगी। इसके साथ ही 75 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने वाली मेगा श्रेणी की इकाइयां कस्टमाइज्ड पैकज के लिए पात्र होंगी।

विकास शुल्क में 25% की रियासत 
- एयरोस्पेस और रक्षा उत्पादन प्रोत्साहन नीति में विकास शुल्क में 25% की रियायत दी जाएगी। गुणवत्ता प्रमाणन  के रूप मे 50% या 10 लाख रुपये की प्रतिपूर्ति, जो भी कम हो की जाएगी। साथ ही 500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने वाली मेगा श्रेणी की इकाइयां कस्टमाइज्ड पैकज के लिए पात्र होगी। 

250 करोड़ से अधिक निवेश पर कस्टमाइज्ड पैकेज
- नवकरणीय ऊर्जा उपकरण विनिर्माण नीति में विकास शुल्क में 50% की रियायत दी जायेगी गुणवत्ता प्रमाणन लागत का 50% या 1 लाख रुपये जो भी कम हो, की प्रतिपूर्ति की जाएगी। 250 करोड़ से अधिक का निवेश करने वाली मेगा श्रेणी की इकाइयां सीसीआईपी अंतर्गत कस्टमाइज्ड पैकज के लिए पात्र होंगी।

प्रमाणन लागत पर दी जाएगी 1 करोड़ रुपये तक की सहायता
- फार्मास्यूटिकल्स नीति के अंतर्गत गुणवत्ता प्रमाणन लागत का 50% या 1 करोड़ रुपये 5 वर्षों के लिए प्रदान किया जायेगा। अतिरिक्त निवेश पर 2 वर्षों का स्लैक अवधि प्रोत्साहन के रूप में दिया जाएगा। परीक्षण सुविधा की स्थापना में हुए व्यय का 50% पूंजी अनुदान अधिकतम 1 करोड़ रुपये प्रदान किया जाएगा। साथ ही 250 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने वाली मेगा श्रेणी की इकाइयां सीसीआईपी अंतर्गत कस्टमाइज्ड पैकज के लिए पात्र होगी।

1 करोड़ रुपये तक का अनुदान 
- बायोटेक्नोलॉजी नीति में इन-हाउस आर एंड डी के लिए यंत्र-संयंत्र एवं भवन का 50 प्रतिशत ईएफसीआई में सम्मिलित होगा। परीक्षण सुविधा की स्थापना में हुए व्यय का 50% पूंजी अनुदान अधिकतम 1 करोड़ रुपये प्रदान किए जाएंगे।  बायोटेक्नोलॉजी पार्क निजी औद्योगिक पार्क के समान सुविधा के लिए पात्र होंगे। 250 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने वाली मेगा श्रेणी की इकाइयां सीसीआईपी अंतर्गत कस्टमाइज्ड पैकज के लिए पात्र होंगी।

यहां मिलेगी कई सुविधाएं 
- मेडिकल डिवाइसेस नीति में आर एंड डी सुविधाएं विकसित करने के लिए 50 प्रतिशत ईएफसीआई में सम्मिलित होगा। परीक्षण सुविधा की स्थापना पर 50% पूंजी अनुदान अधिकतम 1 करोड़ रुपये प्रदान किया जाएगा। 500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने वाली मेगा श्रेणी की इकाइयां सीसीआईपी अंतर्गत कस्टमाइज्ड पैकज के लिए पात्र होंगी।

विकास शुल्क में 25% की रियासत 
- ईवी विनिर्माण नीति के बैटरी परीक्षण सहित को ईएफसीआई अंतर्गत मान्य किया जाएगा (अधिकतम यंत्र - संयंत्र एवं भवन का 50 प्रतिशत निवेश)। गुणवत्ता प्रमाणन के लिए 50 प्रतिशत प्रतिपूर्ति या 1 लाख रुपये प्रति मॉडल जो भी कम हो, अधिकतम 10 लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे।  एमपीआईडीसी द्वारा लगाए गए विकास शुल्क में 25% की रियायत दी जाएगी। 500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने वाली मेगा श्रेणी की इकाइयां सीसीआईपी अंतर्गत कस्टमाइज्ड पैकेज के लिए पात्र होंगी।


13 हजार रुपये राशि प्रति नए कर्मचारी सहायता 
- हाई वेल्यू-एड विनिर्माता नीति के अंतर्गत प्रशिक्षण और कौशल विकास के लिए सहायता के रूप में 13 हजार रुपये प्रति नए कर्मचारी 5 वर्षों तक प्रदान किया जाएगा। गुणवत्ता प्रमाणन लागत का 50% या 1 लाख रुपये की प्रतिपूर्ति, जो भी कम हो प्रदान की जाएगी। 75 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने वाली मेगा श्रेणी की इकाइयां सीसीआईपी अंतर्गत कस्टमाइज्ड पैकज के लिए पात्र होंगी।
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