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MP Budget 2023-24: पहली बार ग्रीन बजट, अप्रैल से MP में 15 साल पुराने सरकारी वाहन होंगे बेकार,EV खरीदेगी सरकार
Wed, 01 Mar 2023 05:23 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 01 Mar 2023 05:23 PM IST
सार
मध्यप्रदेश सरकार पहली बार अपने बजट में ग्रीन बजट लेकर आई है। प्रावधान किया है कि 15 साल पुराने सरकारी वाहनों को स्क्रैप किया जाएगा। इलेक्ट्रिक वाहनों का बेड़ा तैयार किया जाएगा।
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पहली बार ग्रीन बजट लाया गया।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्यप्रदेश के वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा ने बुधवार को 2023-24 का बजट पेश करते हुए ग्रीन बजट भी घोषित किया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने 15 साल पुराने वाहनों को हटाने और उन्हें स्क्रैप करने की नीति जारी की है। राज्य सरकार अप्रैल 2023 से इसे लागू करेगी। लगभग एक हजार सरकारी वाहनों का संचालन बंद किया जाएगा। इनके स्थान पर इलेक्ट्रिक वाहन खरीदे जाएंगे।
देवड़ा ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2070 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन वाला देश बनाने का संकल्प लिया है। प्रकृति के साथ प्रगति ही हमारा भी मूल-मंत्र है। प्रदेश में अंकुर अभियान के तहत अब तक 38 लाख से अधिक पौधे लगाए गए हैं। वहीं, इंदौर नगर निगम ने इंदौर ग्रीन बॉन्ड जारी कर 244 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इसका इस्तेमाल सोलर पॉवर प्रोजेक्ट लगाने में किया जाएगा। इससे जो सोलर प्लांट बनेगा, उससे हर महीने पांच करोड़ रुपये की बचत होगी।
ये भी पढ़ें- MP Budget 2023-24: युवा शक्ति के सपनों को मिलेंगे पंख, एक लाख से अधिक पदों पर भर्तियों की घोषणा
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सांची बनेगी प्रदेश की पहली सोलर सिटी
देवड़ा ने बताया कि अगले वित्त वर्ष में 2.10 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में जंगलों के बेहतरीकरण पर कार्य किया जाएगा। प्रदेश में दस साल पहले सिर्फ 491 मेगावॉट बिजली नवकरणीय ऊर्जा स्रोतों से बनती थी। आज यह 12 गुना बढ़कर 5,875 मेगावॉट हो चुकी है। चार हजार करोड़ रुपये की 750 मेगावॉट क्षमता की सोलर एवं विंड एनर्जी हाइब्रिड प्रोजेक्ट स्थापित किया जा रहा है। नीमच, आगर और शाजापुर जिलों में 1,500 मेगावॉट की सौर परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी पर स्थित बांध के बैकवॉटर पर 3,600 करोड़ रुपये की लागत से दुनिया के सबसे बड़े 600 मेगावॉट के फ्लोटिंग सोलर पार्क की स्थापना की जा रही है। सांची को प्रदेश की पहली सोलर सिटी के तौर पर विकसित किया जा रहा है।
ये भी पढ़ें- MP Budget 2023-24: महिलाओं को शिवराज 'मामा' का साथ, 1.02 लाख करोड़ रुपये की योजनाएं घोषित
टाइगर ही नहीं अब हम चीता स्टेट भी, पर्यटन बढ़ाने के लिए बनाए लैंड बैंक
वित्तमंत्री देवड़ा ने कहा कि मध्यप्रदेश में निजी क्षेत्र के माध्यम से टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए लैंड बैंक और हेरिटेज संपत्तियों का बैंक बनाया गया है। 15 रोप-वे बनाए जा रहे हैं, ताकि पर्यटन स्थलों की पहुंच सुगम व रोमांचक बनाई जा सके। कूनो नेशनल पार्क में नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से 20 चीतों को लाकर बसाया गया है। इससे हमारा प्रदेश अब टाइगर स्टेट होने के साथ ही चीता स्टेट भी हो गया है।
औद्योगिक निवेश, पर्यटन आदि को आकर्षित करने के लिए वायु मार्ग के परिवहन के विस्तार की आवश्यकता है। ग्वालियर और खजुराहो में विमानतल के विस्तार और विकास के कार्य प्रगति पर हैं। रीवा तथा उज्जैन की हवाई पट्टियों को हवाई अड्डे के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्रदेश के धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक हेलीकॉप्टर सेवाओं से सुगम पहुंच बनाने की योजना प्रस्तावित है। हवाई पट्टियों के विस्तार के लिए 80 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
ये भी पढ़ें- MP Budget 2023-24: मध्यप्रदेश में बढ़ेंगी एमबीबीएस और नर्सिंग की सीटें, 200 नए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बनेंगे
जनजातीय विकास के सहारे सत्ता में वापसी का लक्ष्य
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पिछले दो साल में जनजातीय विकास पर फोकस बढ़ाया है। फिर चाहे पेसा कानून को लागू करने का मसला हो या हर साल बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के तौर पर मनाने का। इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार ने इस साल के बजट में जनजातीय विकास को प्राथमिकता दी है।
यह किए हैं प्रमुख प्रावधान
कृषि क्षेत्र में विकास को रफ्तार देने की कवायद
स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर को सुधारने पर है शिवराज का पूरा जोर
बजट में स्कूली शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए लंबे-चौड़े प्रावधान किए गए हैं। सबसे महत्वपूर्ण है सीएम राइज स्कूलों के लिए 3,230 करोड़ रुपये का प्रावधान। इसके जरिये उच्च गुणवत्ता और संसाधनों से संपन्न सरकारी स्कूलों की स्थापना की जा रही है। राज्य सरकार ने तय किया है कि करीब पांच हजार स्कूलों में टॉप करने वाली प्रत्येक छात्रा को स्कूटी दी जाएगी।
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देवड़ा ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2070 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन वाला देश बनाने का संकल्प लिया है। प्रकृति के साथ प्रगति ही हमारा भी मूल-मंत्र है। प्रदेश में अंकुर अभियान के तहत अब तक 38 लाख से अधिक पौधे लगाए गए हैं। वहीं, इंदौर नगर निगम ने इंदौर ग्रीन बॉन्ड जारी कर 244 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इसका इस्तेमाल सोलर पॉवर प्रोजेक्ट लगाने में किया जाएगा। इससे जो सोलर प्लांट बनेगा, उससे हर महीने पांच करोड़ रुपये की बचत होगी।
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सांची बनेगी प्रदेश की पहली सोलर सिटी
देवड़ा ने बताया कि अगले वित्त वर्ष में 2.10 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में जंगलों के बेहतरीकरण पर कार्य किया जाएगा। प्रदेश में दस साल पहले सिर्फ 491 मेगावॉट बिजली नवकरणीय ऊर्जा स्रोतों से बनती थी। आज यह 12 गुना बढ़कर 5,875 मेगावॉट हो चुकी है। चार हजार करोड़ रुपये की 750 मेगावॉट क्षमता की सोलर एवं विंड एनर्जी हाइब्रिड प्रोजेक्ट स्थापित किया जा रहा है। नीमच, आगर और शाजापुर जिलों में 1,500 मेगावॉट की सौर परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी पर स्थित बांध के बैकवॉटर पर 3,600 करोड़ रुपये की लागत से दुनिया के सबसे बड़े 600 मेगावॉट के फ्लोटिंग सोलर पार्क की स्थापना की जा रही है। सांची को प्रदेश की पहली सोलर सिटी के तौर पर विकसित किया जा रहा है।
ये भी पढ़ें- MP Budget 2023-24: महिलाओं को शिवराज 'मामा' का साथ, 1.02 लाख करोड़ रुपये की योजनाएं घोषित
टाइगर ही नहीं अब हम चीता स्टेट भी, पर्यटन बढ़ाने के लिए बनाए लैंड बैंक
वित्तमंत्री देवड़ा ने कहा कि मध्यप्रदेश में निजी क्षेत्र के माध्यम से टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए लैंड बैंक और हेरिटेज संपत्तियों का बैंक बनाया गया है। 15 रोप-वे बनाए जा रहे हैं, ताकि पर्यटन स्थलों की पहुंच सुगम व रोमांचक बनाई जा सके। कूनो नेशनल पार्क में नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से 20 चीतों को लाकर बसाया गया है। इससे हमारा प्रदेश अब टाइगर स्टेट होने के साथ ही चीता स्टेट भी हो गया है।
औद्योगिक निवेश, पर्यटन आदि को आकर्षित करने के लिए वायु मार्ग के परिवहन के विस्तार की आवश्यकता है। ग्वालियर और खजुराहो में विमानतल के विस्तार और विकास के कार्य प्रगति पर हैं। रीवा तथा उज्जैन की हवाई पट्टियों को हवाई अड्डे के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्रदेश के धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक हेलीकॉप्टर सेवाओं से सुगम पहुंच बनाने की योजना प्रस्तावित है। हवाई पट्टियों के विस्तार के लिए 80 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
ये भी पढ़ें- MP Budget 2023-24: मध्यप्रदेश में बढ़ेंगी एमबीबीएस और नर्सिंग की सीटें, 200 नए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बनेंगे
जनजातीय विकास के सहारे सत्ता में वापसी का लक्ष्य
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पिछले दो साल में जनजातीय विकास पर फोकस बढ़ाया है। फिर चाहे पेसा कानून को लागू करने का मसला हो या हर साल बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के तौर पर मनाने का। इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार ने इस साल के बजट में जनजातीय विकास को प्राथमिकता दी है।
यह किए हैं प्रमुख प्रावधान
- पेसा कानून के जरिये जनजातीय समुदाय को जल, जंगल और जमीन का अधिकार दिया है।
- 665 करोड़ रुपये सीएम राइज स्कूल के लिए
- 50 करोड़ रुपये आदिवासी इलाकों में सिकल सेल एनिमिया के उन्मूलन अभियान के लिए
- 728 करोड़ रुपये जनजातीय छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति
- 300 करोड़ रुपये आहार अनुदान योजना के लिए। इसमें बैगा, भारिया, सहरिया महिलाओं को पोषण भत्ते के तौर पर हर महीने एक हजार रुपये दिए जाते हैं।
- 200 करोड़ रुपये अजजा विद्यार्थियों को आवास उपलब्ध कराने के लिए।
- 60 करोड़ रुपये जनजातीय युवाओं को रोजगारमूलक योजनाओं के लिए।
- 10 करोड़ देवारण्य योजना के लिए।
कृषि क्षेत्र में विकास को रफ्तार देने की कवायद
- 13,000 करोड़ रुपये की ऊर्जा सब्सिडी। सिंचाई में बिजली की खपत के लिए सब्सिडी।
- 1500 करोड़ रुपये सहकारी बैंकों को अंशपूंजी। डिफॉल्टर किसानों के ऋणों के समाधान में यह राशि खर्च होगी।
- 3,200 करोड़ रुपये किसानों को सम्मान निधि के रूप में 4,000 रुपये प्रतिवर्ष आर्थिक सहायता के तौर पर।
- 2,000 करोड़ रुपये फसल बीमा योजना के लिए। प्राकृतिक आपदा से नुकसान की भरपाई हेतु।
- 1,491 करोड़ रुपये पशुपालन एवं गौ संवर्धन आदि योजनाओं के लिए
- 80 करोड़ रुपये प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं के कम्प्यूटरीकरण के लिए
- प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना और मोटे अनाज को बढ़ावा देने की योजना भी महत्वपूर्ण है।
स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर को सुधारने पर है शिवराज का पूरा जोर
बजट में स्कूली शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए लंबे-चौड़े प्रावधान किए गए हैं। सबसे महत्वपूर्ण है सीएम राइज स्कूलों के लिए 3,230 करोड़ रुपये का प्रावधान। इसके जरिये उच्च गुणवत्ता और संसाधनों से संपन्न सरकारी स्कूलों की स्थापना की जा रही है। राज्य सरकार ने तय किया है कि करीब पांच हजार स्कूलों में टॉप करने वाली प्रत्येक छात्रा को स्कूटी दी जाएगी।
- 3,230 करोड़ रुपये सीएम राइज स्कूलों के लिए।
- 277 करोड़ रुपये पीएम श्री योजना के जरिये मौजूदा स्कूलों को आदर्श बनाने के लिए।
- 400 करोड़ रुपये प्रदेश में 25 मेडिकल कॉलेज विकसित करने के लिए।
- 734 करोड़ रुपये प्रदेश में स्किल डेवलपमेंट करने तकनीकी कॉलेज बनाने के लिए।
- 687 करोड़ रुपये कॉलेजों को विकसित करने के लिए
- 25 करोड़ रुपये नए नर्सिंग कॉलेज बनाने के लिए
- 350 करोड़ रुपये एकात्म धाम के लिए। ओंकारेश्वर में आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास के माध्यम से आचार्य शंकर के जीवन दर्शन के प्रसार और आदिगुरु शंकराचार्य की मूर्ति की स्थापना के लिए।
- मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के तहत अब वायुयान से भी यात्रा कराई जाएगी।
- संत रविदास स्मारक के विकास से पर्यटन व रोजगार में वृद्धि का लक्ष्य
- श्री महाकाल महालोक परिसर के विकास से पर्यटन एवं रोजगार में वृद्धि का लक्ष्य।
- इसी तरह श्री देवी महालोक, रामराजा लोक और दिव्य वनवासी राम लोक को भी विकसित करने की योजना है।
- 18,242 करोड़ रुपये 28 हजार मेगावॉट बिजली की समेकित क्षमता के लिए।
- 900 किमी लंबा नर्मदा प्रगति पथ जो नर्मदा नदी के समांतर चलेगा।
- 299 किमी लंबा अटल प्रगति पथ जो चंबल नदी के समांतर चलेगा।
- विंध्य एक्सप्रेस वे विकसित होगा। भोपाल को सिंगरौली से सड़क मार्ग से जोड़ा जाएगा।
- 11,049 करोड़ रुपये प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर खर्च होंगे।
- 10,182 करोड़ रुपये सड़कों के अपग्रेडेशन और मरम्मत पर खर्च होंगे।
