MP Budget 2025: हर नगरीय निकाय में 'गीता भवन' का होगा निर्माण, पर्यटन और संस्कृति को मिलेगा नया आयाम; जानें
MP Budget 2025: प्रदेश सरकार के इस बजट से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि इससे राज्य की सांस्कृतिक विरासत को भी मजबूती मिलेगी। मध्यप्रदेश सरकार के इस फैसले से पर्यटन और धार्मिक स्थलों के विकास को गति मिलेगी, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
विस्तार
धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों का होगा विकास
प्रदेश सरकार 14 धार्मिक और सांस्कृतिक स्मारकों के निर्माण पर 507 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है। इससे न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
ओंकारेश्वर में 'महाकाल लोक' की तर्ज पर 'महालोक' का निर्माण
उज्जैन के महाकाल लोक की सफलता को देखते हुए ओंकारेश्वर महालोक के निर्माण की योजना बनाई गई है। इसके तहत आचार्य शंकर अंतर्राष्ट्रीय अद्वैत वेदान्त संस्थान और एक संग्रहालय विकसित किया जाएगा, जिससे अद्वैत वेदान्त दर्शन के प्रसार को बल मिलेगा।
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'श्रीकृष्ण पाथेय योजना' और 'राम पथ गमन योजना' को बढ़ावा
प्रदेश सरकार ने श्रीकृष्ण पाथेय योजना के लिए 10 करोड़ रुपये तथा राम पथ गमन योजना के लिए 30 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया है। इन योजनाओं के अंतर्गत भगवान श्रीकृष्ण और भगवान श्रीराम से जुड़े धार्मिक स्थलों का संरक्षण और विकास किया जाएगा।
प्रदेश के हर नगरीय निकाय में 'गीता भवन' का निर्माण
धार्मिक ग्रंथों, साहित्य और वैज्ञानिक अनुसंधानों के अध्ययन को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपये की लागत से प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में गीता भवन का निर्माण किया जाएगा। इसमें पुस्तकालय, ई-लाइब्रेरी, सभागार और साहित्य सामग्री बिक्री केंद्र जैसी सुविधाएं होंगी।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए तीर्थ यात्रा योजना जारी
वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थ यात्रा का लाभ प्रदान करने के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अब तक 8 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिक इस योजना का लाभ उठा चुके हैं। इसके तहत दिव्यांग नागरिकों के लिए भी निःशुल्क यात्रा की सुविधा दी जाएगी।
मध्य प्रदेश सरकार ने साल 2024 के बजट में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ की थीं। इनमें प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, धार्मिक पर्यटन, साहसिक पर्यटन और विमानन सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया गया था। वर्ष 2023 में रिकॉर्ड 11 करोड़ पर्यटकों के आगमन के बाद सरकार ने पर्यटन अधोसंरचना को विकसित करने की योजना बनाई थी।
पर्यटन को सुलभ बनाने के लिए 'पीएम श्री हेली एवं वायु पर्यटन सेवा' शुरू की गई थी, जिससे धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों तक हवाई यात्रा को आसान बनाया गया। साथ ही, रीजनल कनेक्टिविटी योजना के तहत किफायती विमान सेवा को बढ़ाने की बात भी बजट में शामिल थी।
