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MP Ayushman Scam: निजी अस्पतालों से करोड़ों की वूसली के आरोप में सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी निलंबित, उठे सवाल
Sat, 07 Jan 2023 05:15 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sat, 07 Jan 2023 05:15 PM IST
सार
स्वास्थ्य संचालनालय की तरफ से सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी को निलंबित करने के आदेश जारी किए गए है। यह आदेश उप संचालक स्वास्थ्य सेवाएं की तरफ से जारी किए गए है। आशीष महाजन मध्य प्रदेश आयुष्मान निरायम में लिपिक के पद पर पदस्थ था।
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आयुष्मान योजना
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना में फर्जीवाड़े को लेकर स्वास्थ्य संचालनालय ने करोड़ों रुपये की वसूली के आरोप में सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी आशीष महाजन को निलंबित कर दिया है। विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। इसे करोड़ों रुपये के घोटाले में छोटे कर्मचारी पर कार्रवाई कर भ्रष्ट अधिकारियों को बचाने की कवायद बताया जा रहा है।
स्वास्थ्य संचालनालय की तरफ से सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी को निलंबित करने के आदेश जारी हुए है। यह आदेश उप संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं, की तरफ से जारी किए गए है। आशीष महाजन मध्यप्रदेश आयुष्मान निरायम में लिपिक पद पर पदस्थ था। आदेश के अनुसार उसके खिलाफ दलाली, वेंडरों से लेन-देन, निजी अस्पतालों से डरा-धमकाकर करोड़ों रुपये की अवैध वसूली, फिरौती वसूली की शिकायत मिली है। आदेश के अनुसार आशीष महाजन पर लगे आरोपों की गंभीरता को देखते हुए निलंबित किया गया है। यह आयुष्मान योजना घोटाले में पहली कार्रवाई है।
करोड़ों रुपये का घोटाला सामने आया था
प्रदेश में आयुष्मान योजना में करोड़ों रुपये का घोटाला सामने आया था। कई निजी अस्पतालों ने फर्जी मरीज बनाकर योजना के तहत भुगतान लेने का मामला सामने आया था। इस मामले में कुछ निजी अस्पतालों पर कार्रवाई हुई, लेकिन आयुष्मान योजना के अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसे लेकर कार्रवाई की मांग लगातार उठ रही है।
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निजी अस्पताल को भुगतान से जुड़े वीडियो भी हुआ था वायरल
एक अधिकारी के नाम पर निजी अस्पताल को भुगतान के लिए रिश्वत लेने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसकी जांच के लिए एक कमेटी गठित की गई है। हालांकि, अभी मामले में कोई रिपोर्ट नहीं आई है। हेल्थ विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के कार्रवाई नहीं करने पर आयुष्मान योजना में घोटाले की जांच के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी शिकायत की गई। इसमें आरोप लगाया कि केंद्र की तरफ से आयुष्मान योजना में मिले करोड़ों रुपए के बजट को अधिकारी नियमानुसार भुगतान कर मनमर्जी से कर रहे है। इसमें बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। आयुष्मान योजना पात्र परिवार को प्रति वर्ष पांच लाख रुपए तक का किसी भी अस्पताल में स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करती है।
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स्वास्थ्य संचालनालय की तरफ से सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी को निलंबित करने के आदेश जारी हुए है। यह आदेश उप संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं, की तरफ से जारी किए गए है। आशीष महाजन मध्यप्रदेश आयुष्मान निरायम में लिपिक पद पर पदस्थ था। आदेश के अनुसार उसके खिलाफ दलाली, वेंडरों से लेन-देन, निजी अस्पतालों से डरा-धमकाकर करोड़ों रुपये की अवैध वसूली, फिरौती वसूली की शिकायत मिली है। आदेश के अनुसार आशीष महाजन पर लगे आरोपों की गंभीरता को देखते हुए निलंबित किया गया है। यह आयुष्मान योजना घोटाले में पहली कार्रवाई है।
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करोड़ों रुपये का घोटाला सामने आया था
प्रदेश में आयुष्मान योजना में करोड़ों रुपये का घोटाला सामने आया था। कई निजी अस्पतालों ने फर्जी मरीज बनाकर योजना के तहत भुगतान लेने का मामला सामने आया था। इस मामले में कुछ निजी अस्पतालों पर कार्रवाई हुई, लेकिन आयुष्मान योजना के अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसे लेकर कार्रवाई की मांग लगातार उठ रही है।
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निजी अस्पताल को भुगतान से जुड़े वीडियो भी हुआ था वायरल
एक अधिकारी के नाम पर निजी अस्पताल को भुगतान के लिए रिश्वत लेने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसकी जांच के लिए एक कमेटी गठित की गई है। हालांकि, अभी मामले में कोई रिपोर्ट नहीं आई है। हेल्थ विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के कार्रवाई नहीं करने पर आयुष्मान योजना में घोटाले की जांच के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी शिकायत की गई। इसमें आरोप लगाया कि केंद्र की तरफ से आयुष्मान योजना में मिले करोड़ों रुपए के बजट को अधिकारी नियमानुसार भुगतान कर मनमर्जी से कर रहे है। इसमें बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। आयुष्मान योजना पात्र परिवार को प्रति वर्ष पांच लाख रुपए तक का किसी भी अस्पताल में स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करती है।
