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मंत्री विजय शाह विवाद मामला: सुप्रीम कोर्ट में एसआईटी ने सौंपी स्टेटस रिपोर्ट, कल होगी सुनवाई
Tue, 27 May 2025 09:30 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, भोपाल, मध्य प्रदेश
न्यूज डेस्क, भोपाल, मध्य प्रदेश
Published by: आनंद पवार
Updated Tue, 27 May 2025 09:30 PM IST
सार
कैबिनेट मंत्री विजय शाह के भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को “आतंकवादियों की बहन” के मामले में तीन सदस्यीय एसआईटी ने अपनी स्टेटस रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत कर दी है, जिस पर बुधवार को अगली सुनवाई होगी।
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विजय शाह मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई बुधवार को
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
मध्यप्रदेश के कैबिनेट मंत्री विजय शाह के भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी को "आतंकवादियों की बहन" कहे जाने के विवाद में गठित विशेष जांच दल (SIT) ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है। अब इस मामले की अगली सुनवाई बुधवार को शीर्ष अदालत में होगी। जानकारी के अनुसार एसआईटी द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट को अब विजय शाह के वकील और राज्य सरकार के वकील को भी उपलब्ध कराया जाएगा। बुधवार को इसी रिपोर्ट के आधार पर बहस होगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित एसआईटी में तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी शामिल हैं। इस टीम ने इंदौर जिले के मानपुर थाने से संबंधित दस्तावेज और सबूतों को जुटाकर जांच की है। रिपोर्ट में 11 मई को रायकुंडा गांव में हुए हलमा कार्यक्रम के दौरान मंच पर मौजूद व्यक्तियों के बयान भी दर्ज किए गए हैं।
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शाह के खिलाफ मानपुर थाने में FIR दर्ज
बता दें 19 मई को सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान मंत्री विजय शाह की माफी को अस्वीकार कर दिया था। शाह के वकील ने दलील दी थी कि उनके मुवक्किल ने माफी मांग ली है, जिस पर अदालत ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि “आप पूरी तरह बेनकाब हो चुके हैं। एक सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति को बोलते समय शब्दों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने तीन सदस्यीय एसआईटी गठन का आदेश दिया। इससे पहले 14 मई को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने भी मामले में संज्ञान लेते हुए FIR दर्ज करने का आदेश दिया था। कोर्ट के निर्देश पर विजय शाह के खिलाफ इंदौर के मानपुर थाने में FIR दर्ज की गई थी। इसी FIR को चुनौती देने के लिए विजय शाह सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं।
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यह है मामला
मध्यप्रदेश के मंत्री विजय शाह पर आरोप है कि उन्होंने इंदौर में एक कार्यक्रम के मंच से भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी के लिए “आतंकियों की बहन” जैसी टिप्पणी की। इस बयान को लेकर काफी विरोध हुआ और मामला अदालत तक पहुंच गया। मंत्री के बयान को लेकर न केवल सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया हुई, बल्कि इसे सेना का अपमान भी बताया गया।
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शाह के खिलाफ मानपुर थाने में FIR दर्ज
बता दें 19 मई को सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान मंत्री विजय शाह की माफी को अस्वीकार कर दिया था। शाह के वकील ने दलील दी थी कि उनके मुवक्किल ने माफी मांग ली है, जिस पर अदालत ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि “आप पूरी तरह बेनकाब हो चुके हैं। एक सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति को बोलते समय शब्दों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने तीन सदस्यीय एसआईटी गठन का आदेश दिया। इससे पहले 14 मई को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने भी मामले में संज्ञान लेते हुए FIR दर्ज करने का आदेश दिया था। कोर्ट के निर्देश पर विजय शाह के खिलाफ इंदौर के मानपुर थाने में FIR दर्ज की गई थी। इसी FIR को चुनौती देने के लिए विजय शाह सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं।
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यह है मामला
मध्यप्रदेश के मंत्री विजय शाह पर आरोप है कि उन्होंने इंदौर में एक कार्यक्रम के मंच से भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी के लिए “आतंकियों की बहन” जैसी टिप्पणी की। इस बयान को लेकर काफी विरोध हुआ और मामला अदालत तक पहुंच गया। मंत्री के बयान को लेकर न केवल सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया हुई, बल्कि इसे सेना का अपमान भी बताया गया।
