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मन की बात: प्रधानमंत्री की सराहना के बाद मिली किताबों वाली दीदी को पहचान
Sat, 29 Apr 2023 09:49 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sat, 29 Apr 2023 09:49 PM IST
सार
उषा ने बताया कि पीएम के मन की बात कार्यक्रम में उनके काम को सराहना मिलने पर आत्मविश्वास बढ़ा। कुछ नया और अच्छा करने की प्रेरणा मिली। उषा ने बताया कि मन की बात कार्यक्रम में उनका जिक्र होने के बाद उनको बहुत सम्मान मिल रहा है।
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उषा दुबे किताबों वाली दीदी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 अक्टूबर 2020 को मन की बात कार्यक्रम में सिंगरौली की सरकारी स्कूल की शिक्षिका उषा दुबे की सराहना की थी, क्योंकि उन्होंने स्कूटी को मोबाइल लाइब्रेरी बनाने की पहल की थी। इसके बाद ऊषा को ना सिर्फ सिंगरौली बल्कि प्रदेश में पहचान मिली। उनको किताबों वाली दीदी के नाम से पहचान मिली।
बता दें कि कोविड काल में स्कूल बंद होने पर उषा दुबे ऑनलाइन कक्षाओं की पहुंच नहीं होने वाले बच्चों को लेकर चिंतित थीं। दुबे ने इस समस्या को हल करने के लिए अपनी स्कूटी को मोबाइल लाइब्रेरी में बदल लिया। उन्होंने घर-घर जाकर यह सुनिश्चित किया कि बच्चे पढ़ने-लिखने की आदत से दूर ना हों। उषा दुबे सरकारी स्कूल में टीचर हैं।
उषा ने बताया कि पीएम के मन की बात कार्यक्रम में उनके काम को सराहना मिलने पर आत्मविश्वास बढ़ा। कुछ नया और अच्छा करने की प्रेरणा मिली। उषा ने बताया कि मन की बात कार्यक्रम में उनका जिक्र होने के बाद उनको बहुत सम्मान मिल रहा है। उनको कई जगह कार्यक्रमों में बुलाया जाता है। उन्होंने बताया कि छुट्टियों में वे स्कूटी पर किताबें लेकर बच्चों की बीच पहुंच जाती हैं। उन्होंने पीएम के मन की बात कार्यक्रम के 100 एपिसोड पूरे होने पर कहा कि यह कार्यक्रम हर व्यक्ति को समाज और देश के लिए कुछ करने की प्रेरणा देता है। इसके 200 एपिसोड भी पूरे हो तो कम हैं।
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बता दें कि कोविड काल में स्कूल बंद होने पर उषा दुबे ऑनलाइन कक्षाओं की पहुंच नहीं होने वाले बच्चों को लेकर चिंतित थीं। दुबे ने इस समस्या को हल करने के लिए अपनी स्कूटी को मोबाइल लाइब्रेरी में बदल लिया। उन्होंने घर-घर जाकर यह सुनिश्चित किया कि बच्चे पढ़ने-लिखने की आदत से दूर ना हों। उषा दुबे सरकारी स्कूल में टीचर हैं।
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उषा ने बताया कि पीएम के मन की बात कार्यक्रम में उनके काम को सराहना मिलने पर आत्मविश्वास बढ़ा। कुछ नया और अच्छा करने की प्रेरणा मिली। उषा ने बताया कि मन की बात कार्यक्रम में उनका जिक्र होने के बाद उनको बहुत सम्मान मिल रहा है। उनको कई जगह कार्यक्रमों में बुलाया जाता है। उन्होंने बताया कि छुट्टियों में वे स्कूटी पर किताबें लेकर बच्चों की बीच पहुंच जाती हैं। उन्होंने पीएम के मन की बात कार्यक्रम के 100 एपिसोड पूरे होने पर कहा कि यह कार्यक्रम हर व्यक्ति को समाज और देश के लिए कुछ करने की प्रेरणा देता है। इसके 200 एपिसोड भी पूरे हो तो कम हैं।
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