मध्यप्रदेश में 'धार्मिक स्वतंत्रता विधेयक-2020' कल से लागू, 10 साल तक की सजा का है प्रावधान
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मध्यप्रदेश सरकार मंगलवार से 'धार्मिक स्वतंत्रता विधेयक-2020’ को लागू करने जा रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसकी जानकारी दी। इस विधेयक में शादी के लिए अथवा किसी अन्य कपटपूर्ण तरीके से किए गए धर्मांतरण के मामले में अधिकतम 10 साल की कैद एवं एक लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
वहीं इस विधेयक पर मध्यप्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि इस विधेयक के कानून बनने पर कोई भी व्यक्ति दूसरे को प्रलोभन, धमकी एवं बलपूर्वक विवाह के नाम पर अथवा अन्य कपटपूर्ण तरीके से प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष से उसका धर्म परिवर्तन अथवा धर्म परिवर्तन का प्रयास नहीं कर सकेगा।’’ उन्होंने कहा कि इसके बाद कोई भी व्यक्ति धर्म परिवर्तन का षड्यंत्र नहीं कर सकेगा।
सीएम शिवराज ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
इससे पहले सीएम शिवराज ने कांग्रेस के स्थापना दिवस पर राहुल गांधी की अनुपस्थित रहने पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस के लिए बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जो व्यक्ति इसका अध्यक्ष रहा है और इस पद के लिए प्रमुख दावेदार भी है वह पार्टी के स्थापना दिवस पर अनुपस्थित है। कोई नहीं जानता कि वह किस देश में है। उसकी अनुपस्थिति उसके और उसकी पार्टी के बारे में कई सवाल उठाती है।
It's so unfortunate for Congress that the person who has been its president & is also considered for the post is absent on the foundation day of the party. Nobody knows which country he is in. His absence raises several questions about him & his party:Madhya Pradesh CM SS Chouhan pic.twitter.com/T0iRDXKvoC
— ANI (@ANI) December 28, 2020
