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मध्यप्रदेश: पहले थप्पड़ कांड से चर्चा, अब EOW की छापेमारी... 11 साल बाद फिर सुर्खियों में PWD इंजी KK सिंगारे
Thu, 03 Sep 2026 01:15 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Thu, 03 Sep 2026 01:15 PM IST
सार
करीब 11 साल पहले दतिया में कलेक्टर से विवाद को लेकर सुर्खियों में आए पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री केके सिंगारे एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार उनके बालाघाट, छिंदवाड़ा और भोपाल स्थित ठिकानों पर ईओडब्ल्यू की आय से अधिक संपत्ति के मामले में छापेमारी हुई है।
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ईओडब्ल्यू की चल रही कार्रवाई
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
लोक निर्माण विभाग के प्रभारी कार्यपालन यंत्री केके सिंगारे 11 साल बाद ईओडब्ल्यू की छापेमारी के बाद फिर चर्चा में आ गए हैं। 11 साल पहले सिंगारे दतिया में कार्यपालन यंत्री के पद पर पदस्थ थे और तत्कालीन कलेक्टर प्रकाश जांगड़े पर उन्हें थप्पड़ मारने का आरोप लगा था। घटना के बाद इंजीनियरों ने विरोध प्रदर्शन और आंदोलन किया था। अब ईओडब्ल्यू के छापे से फिर केके सिंगारे चर्चा में हैं। ईओडब्ल्यू ने गुरुवार को आय से अधिक संपत्ति के मामले में केके सिंघारे के बालाघाट, छिंदवाड़ा और भोपाल स्थित ठिकानों पर एक साथ छापा मारा है। बालाघाट स्थित सरकारी आवास की शुरुआती तलाशी में करीब 2.5 लाख रुपये नकद, स्कॉर्पियो और एक दर्जन से अधिक संदिग्ध खाली लिफाफे मिलने की जानकारी सामने आई है। तीनों स्थानों पर संपत्ति, बैंक खातों, वाहनों और दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
ये भी पढ़ें- मध्यप्रदेश: बालाघाट में बच्चों की मौत के बाद सीएमएचओ हटाए गए, डिंडौरी से डॉ. मनोज पांडेय संभालेंगे जिम्मेदारी
बता दें केके सिंगारे करीब 14 महीने से बालाघाट में कार्यपालन यंत्री के पद पर पदस्थ थे। इस दौरान कुछ ठेकेदारों ने निर्माण कार्यों के बिल के भुगतान में कमीशन मांगने के आरोप लगाए थे। सिविल कांट्रेक्टर एसोसिएशन ने भी इस संबंध में प्रशासन और विभागीय अधिकारियों से शिकायत की थी। कार्रवाई नहीं होने पर एसोसिएशन के महासचिव युनुस पप्पा खान ने 13 जुलाई को ईओडब्ल्यू में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद गुरुवार को ईओडब्ल्यू ने सिंगारे के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। शिकायतकर्ता युनुस पप्पा खान का आरोप है कि सिंगारे ठेकेदारों के भुगतान में कमीशन की मांग करते थे। उन्होंने ठेकेदार छोटुलाल ठाकरे के 30 लाख रुपये के भुगतान में 10 लाख रुपये कमीशन लिए जाने का आरोप लगाया। शिकायतकर्ता के अनुसार इस मामले की शिकायत पहले प्रशासन और विभाग के अधिकारियों को भी की गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर ईओडब्ल्यू को शिकायत की गई।
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बैरिकेड्स को लेकर हुआ था विवाद
11 साल पहले 2015 में बैरिकेड्स नहीं लगाए जाने को लेकर कलेक्टर और इंजीनियर सिंगारे के बीच विवाद हुआ था। इंजीनियर संघ का आरोप था कि कलेक्टर ने सिंगारे को थप्पड़ मारा और बाद में उन्हें थाने में बैठाया गया। घटना को लेकर प्रदेशभर के इंजीनियरों ने कलेक्टर और एसपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए आंदोलन किया था। दरअसल दतिया में सप्तमी पर चैरी माता के होने वाले भंडारे और मेले के आयोजन की तैयारी देखने कलेक्टर और एसपी पहुंचे थे। एसपी ने भीड़ को नियंत्रत करने के लिए बैरिकेड बनाने के लिए सिंगारे को कहा था, लेकिन उन्होंने ज्यादा रात होने की बात कहकर बैरिकेड लगाने की बात कहकर मना कर दिया था। इस बात को लेकर एसपी और सिंगारे के बीच बहस हो गई थी। इस दौरान कलेक्टर पर सिंगारे ने थप्पड़ मारने का आरोप लगाया था।
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बता दें केके सिंगारे करीब 14 महीने से बालाघाट में कार्यपालन यंत्री के पद पर पदस्थ थे। इस दौरान कुछ ठेकेदारों ने निर्माण कार्यों के बिल के भुगतान में कमीशन मांगने के आरोप लगाए थे। सिविल कांट्रेक्टर एसोसिएशन ने भी इस संबंध में प्रशासन और विभागीय अधिकारियों से शिकायत की थी। कार्रवाई नहीं होने पर एसोसिएशन के महासचिव युनुस पप्पा खान ने 13 जुलाई को ईओडब्ल्यू में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद गुरुवार को ईओडब्ल्यू ने सिंगारे के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। शिकायतकर्ता युनुस पप्पा खान का आरोप है कि सिंगारे ठेकेदारों के भुगतान में कमीशन की मांग करते थे। उन्होंने ठेकेदार छोटुलाल ठाकरे के 30 लाख रुपये के भुगतान में 10 लाख रुपये कमीशन लिए जाने का आरोप लगाया। शिकायतकर्ता के अनुसार इस मामले की शिकायत पहले प्रशासन और विभाग के अधिकारियों को भी की गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर ईओडब्ल्यू को शिकायत की गई।
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बैरिकेड्स को लेकर हुआ था विवाद
11 साल पहले 2015 में बैरिकेड्स नहीं लगाए जाने को लेकर कलेक्टर और इंजीनियर सिंगारे के बीच विवाद हुआ था। इंजीनियर संघ का आरोप था कि कलेक्टर ने सिंगारे को थप्पड़ मारा और बाद में उन्हें थाने में बैठाया गया। घटना को लेकर प्रदेशभर के इंजीनियरों ने कलेक्टर और एसपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए आंदोलन किया था। दरअसल दतिया में सप्तमी पर चैरी माता के होने वाले भंडारे और मेले के आयोजन की तैयारी देखने कलेक्टर और एसपी पहुंचे थे। एसपी ने भीड़ को नियंत्रत करने के लिए बैरिकेड बनाने के लिए सिंगारे को कहा था, लेकिन उन्होंने ज्यादा रात होने की बात कहकर बैरिकेड लगाने की बात कहकर मना कर दिया था। इस बात को लेकर एसपी और सिंगारे के बीच बहस हो गई थी। इस दौरान कलेक्टर पर सिंगारे ने थप्पड़ मारने का आरोप लगाया था।
