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मध्यप्रदेश: भोपाल से होगी प्रदेश की 15 हजार बसों की निगरानी, सात शहरों में बनेंगे परिवहन कंट्रोल सेंटर
Sun, 25 Oct 2026 10:53 AM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Sun, 25 Oct 2026 10:53 AM IST
सार
मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत वर्ष 2030-31 तक करीब 15 हजार बसें चलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए भोपाल में मुख्य कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और सात शहरों में क्षेत्रीय कार्यालय विकसित किए जा रहे हैं, जहां से बस संचालन और यात्री सुरक्षा की निगरानी होगी।
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मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश में शहरों के साथ एक जिले से दूसरे जिले और दूसरे राज्यों तक बसों के संचालन को एक व्यवस्था के तहत लाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के लिए भोपाल में मुख्य कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाया जा रहा है। यहां से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में चलने वाली बसों की निगरानी और क्षेत्रीय कंपनियों के बीच समन्वय किया जाएगा। सरकार ने वर्ष 2030-31 तक करीब 15 हजार बसें संचालित करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा में सात क्षेत्रीय कंपनियों के कार्यालय तैयार या विस्तारित किए जा रहे हैं। इस व्यवस्था की जिम्मेदारी मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एमपीवायपीआईएल) को दी गई है। इसका मुख्यालय भोपाल के स्मार्ट सिटी परिसर में बनाया जा रहा है। यहां करीब 150 अधिकारियों और कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था होगी। मुख्यालय से क्षेत्रीय कंपनियों के साथ तालमेल रखते हुए बस संचालन, निगरानी और यात्री सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं को नियंत्रित करने की योजना है।
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सात शहरों से जुड़ेगा बस परिवहन का नेटवर्क
प्रदेश में बस सेवाओं के संचालन के लिए सात क्षेत्रीय कंपनियों का नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। इन कंपनियों के जिम्मे अलग-अलग जिलों में चलने वाली बसों की निगरानी और प्रबंधन होगा। योजना में सिटी बसों के साथ इंटरसिटी और इंटरस्टेट बस सेवाएं भी शामिल हैं। क्षेत्रीय कार्यालयों में कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की व्यवस्था विकसित की जा रही है। इनके माध्यम से संबंधित क्षेत्रों में बसों के संचालन और सुरक्षा पर नजर रखने की योजना है। इससे परिवहन सेवाओं के प्रबंधन में मुख्यालय और क्षेत्रीय इकाइयों के बीच समन्वय स्थापित किया जा सकेगा।
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भोपाल कार्यालय से आठ जिलों की बसों पर नजर
भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (बीसीएलएल) का क्षेत्रीय कार्यालय आईएसबीटी भवन में स्थापित किया जा रहा है। यहां करीब 120 अधिकारियों और कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था होगी। इस कार्यालय से भोपाल के अलावा नर्मदापुरम, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, सीहोर, हरदा और बैतूल जिलों में संचालित बसों की निगरानी और नियंत्रण किया जाएगा।
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इंदौर-उज्जैन में जनवरी तक काम पूरा करने की तैयारी
इंदौर में अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड (एआईसीटीएसएल) के मौजूदा कार्यालय का विस्तार और उन्नयन किया जा रहा है। उज्जैन सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड (यूसीटीएसएल) का कार्यालय परिवहन कार्यालय परिसर में विकसित किया जा रहा है। दोनों कार्यालयों का काम जनवरी 2027 तक पूरा होने की संभावना है। प्रत्येक कार्यालय में करीब 120 अधिकारियों और कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था प्रस्तावित है। इंदौर क्षेत्रीय कंपनी धार, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर जिलों की बसों का प्रबंधन देखेगी। वहीं, उज्जैन कार्यालय से देवास, रतलाम, शाजापुर, आगर मालवा, मंदसौर और नीमच जिलों की बसों की निगरानी की जाएगी।
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जबलपुर और ग्वालियर में मार्च 2027 तक कार्यालय तैयार करने का लक्ष्य
जबलपुर सिटी लिंक ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड (जेसीटीएसएल) का कार्यालय आईएसबीटी भवन में विकसित किया जाएगा। यहां करीब 150 अधिकारियों और कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था होगी। इसके 31 मार्च 2027 तक पूरा होने की संभावना है। जबलपुर क्षेत्रीय कंपनी नरसिंहपुर, कटनी, डिंडौरी, मंडला, सिवनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट और पांढुर्णा जिलों में बसों की निगरानी करेगी। ग्वालियर-चंबल यात्री परिवहन सेवा लिमिटेड (जीसीवायपीएसएल) का कार्यालय राजस्व मंडल परिसर, ग्वालियर में बनाया जाएगा। इसे भी 31 मार्च 2027 तक पूरा करने की संभावना है। यहां करीब 120 अधिकारियों और कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था होगी। इस कार्यालय से मुरैना, भिंड, श्योपुर, शिवपुरी, दतिया, गुना और अशोकनगर जिलों की बसों की निगरानी की जाएगी।
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सागर और रीवा में भी तैयार होंगे क्षेत्रीय केंद्र
सागर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड (एससीटीएसएल) का कार्यालय स्मार्ट सिटी के इन्क्यूबेशन सेंटर भवन में प्रस्तावित है। इसे 28 फरवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। यहां करीब 125 अधिकारियों और कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था होगी। सागर क्षेत्रीय कंपनी निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और दमोह जिलों में बसों की निगरानी करेगी। रीवा सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड (आरसीटीएसएल) का कार्यालय समदड़िया, आदर्श भवन में बनाया जाना प्रस्तावित है। इसके 31 मार्च 2027 तक पूरा होने की संभावना है। यहां करीब 150 अधिकारियों और कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था होगी। रीवा के अलावा सतना, सीधी, मैहर, सिंगरौली, शहडोल और अनूपपुर जिलों की बसों की निगरानी इस क्षेत्रीय केंद्र से की जाएगी।
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सितंबर में शुरू हुई थी सेवा
मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 25 सितंबर 2026 को पीएम ई-बस सेवा और मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का शुभारंभ किया था। इसके बाद MPYPIL के माध्यम से बसों का संचालन शुरू किया गया। अब मुख्यालय और क्षेत्रीय कार्यालयों के जरिए इस व्यवस्था को विस्तार देने की तैयारी है।
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सात शहरों से जुड़ेगा बस परिवहन का नेटवर्क
प्रदेश में बस सेवाओं के संचालन के लिए सात क्षेत्रीय कंपनियों का नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। इन कंपनियों के जिम्मे अलग-अलग जिलों में चलने वाली बसों की निगरानी और प्रबंधन होगा। योजना में सिटी बसों के साथ इंटरसिटी और इंटरस्टेट बस सेवाएं भी शामिल हैं। क्षेत्रीय कार्यालयों में कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की व्यवस्था विकसित की जा रही है। इनके माध्यम से संबंधित क्षेत्रों में बसों के संचालन और सुरक्षा पर नजर रखने की योजना है। इससे परिवहन सेवाओं के प्रबंधन में मुख्यालय और क्षेत्रीय इकाइयों के बीच समन्वय स्थापित किया जा सकेगा।
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भोपाल कार्यालय से आठ जिलों की बसों पर नजर
भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (बीसीएलएल) का क्षेत्रीय कार्यालय आईएसबीटी भवन में स्थापित किया जा रहा है। यहां करीब 120 अधिकारियों और कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था होगी। इस कार्यालय से भोपाल के अलावा नर्मदापुरम, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, सीहोर, हरदा और बैतूल जिलों में संचालित बसों की निगरानी और नियंत्रण किया जाएगा।
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इंदौर-उज्जैन में जनवरी तक काम पूरा करने की तैयारी
इंदौर में अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड (एआईसीटीएसएल) के मौजूदा कार्यालय का विस्तार और उन्नयन किया जा रहा है। उज्जैन सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड (यूसीटीएसएल) का कार्यालय परिवहन कार्यालय परिसर में विकसित किया जा रहा है। दोनों कार्यालयों का काम जनवरी 2027 तक पूरा होने की संभावना है। प्रत्येक कार्यालय में करीब 120 अधिकारियों और कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था प्रस्तावित है। इंदौर क्षेत्रीय कंपनी धार, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर जिलों की बसों का प्रबंधन देखेगी। वहीं, उज्जैन कार्यालय से देवास, रतलाम, शाजापुर, आगर मालवा, मंदसौर और नीमच जिलों की बसों की निगरानी की जाएगी।
ये भी पढ़ें- 15 पुलिस अधिकारियों की पदोन्नति निरस्त…फिर बनाए गए इंस्पेक्टर, विभागीय जांच व आपराधिक मामलों के कारण हुए पदावनत
जबलपुर और ग्वालियर में मार्च 2027 तक कार्यालय तैयार करने का लक्ष्य
जबलपुर सिटी लिंक ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड (जेसीटीएसएल) का कार्यालय आईएसबीटी भवन में विकसित किया जाएगा। यहां करीब 150 अधिकारियों और कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था होगी। इसके 31 मार्च 2027 तक पूरा होने की संभावना है। जबलपुर क्षेत्रीय कंपनी नरसिंहपुर, कटनी, डिंडौरी, मंडला, सिवनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट और पांढुर्णा जिलों में बसों की निगरानी करेगी। ग्वालियर-चंबल यात्री परिवहन सेवा लिमिटेड (जीसीवायपीएसएल) का कार्यालय राजस्व मंडल परिसर, ग्वालियर में बनाया जाएगा। इसे भी 31 मार्च 2027 तक पूरा करने की संभावना है। यहां करीब 120 अधिकारियों और कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था होगी। इस कार्यालय से मुरैना, भिंड, श्योपुर, शिवपुरी, दतिया, गुना और अशोकनगर जिलों की बसों की निगरानी की जाएगी।
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सागर और रीवा में भी तैयार होंगे क्षेत्रीय केंद्र
सागर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड (एससीटीएसएल) का कार्यालय स्मार्ट सिटी के इन्क्यूबेशन सेंटर भवन में प्रस्तावित है। इसे 28 फरवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। यहां करीब 125 अधिकारियों और कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था होगी। सागर क्षेत्रीय कंपनी निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और दमोह जिलों में बसों की निगरानी करेगी। रीवा सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड (आरसीटीएसएल) का कार्यालय समदड़िया, आदर्श भवन में बनाया जाना प्रस्तावित है। इसके 31 मार्च 2027 तक पूरा होने की संभावना है। यहां करीब 150 अधिकारियों और कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था होगी। रीवा के अलावा सतना, सीधी, मैहर, सिंगरौली, शहडोल और अनूपपुर जिलों की बसों की निगरानी इस क्षेत्रीय केंद्र से की जाएगी।
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सितंबर में शुरू हुई थी सेवा
मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 25 सितंबर 2026 को पीएम ई-बस सेवा और मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का शुभारंभ किया था। इसके बाद MPYPIL के माध्यम से बसों का संचालन शुरू किया गया। अब मुख्यालय और क्षेत्रीय कार्यालयों के जरिए इस व्यवस्था को विस्तार देने की तैयारी है।
