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MP News: चीन सीमा से अंतरराष्ट्रीय बाघ तस्कर गिरफ्तार, एमपी एसटीएसएफ को 10 साल बाद मिली ये बड़ी सफलता

Fri, 05 Dec 2025 10:30 PM IST
भोपाल ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: भोपाल ब्यूरो Updated Fri, 05 Dec 2025 10:30 PM IST
सार

मध्य प्रदेश एसटीएसएफ और वन्य जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो की संयुक्त कार्रवाई में अंतरराष्ट्रीय बाघ तस्कर यांगचेन लाचुंगपा को सिक्किम से गिरफ्तार किया गया। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में बाघ और पेंगोलिन के शिकार व तस्करी के इस मामले में तस्कर की लंबे समय से तलाश थी।

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International tiger smuggler Yangchen Lachungpa arrested near China border
अंतरराष्ट्रीय बाघ तस्कर यांगचेन लाचुंगपा गिरफ्तार।

विस्तार

मध्य प्रदेश की स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) ने वन्य जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो, नई दिल्ली के साथ संयुक्त अभियान में चीन सीमा के पास से अंतरराष्ट्रीय बाघ तस्कर यांगचेन लाचुंगपा को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 2 दिसंबर को सिक्किम राज्य के मंगन जिले के लाचंग क्षेत्र में की गई। तस्कर को गंगटोक स्थित न्यायालय में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर मध्यप्रदेश लाया गया है।
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टीम को उसकी 10 साल से तलाश थी। उस पर सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में बाघ और पेंगोलिन का शिकार कर तस्करी करने का मामला दर्ज है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी इस बड़ी सफलता पर टीम को बधाई दी है।
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नेपाल के रास्ते चीन में करती थी तस्करी
एसटीएसएफ से मिली जानकारी के अनुसार, यांगचेन सतपुड़ा टाइगर रिजर्व, नर्मदापुरम में बाघ एवं पेंगोलिन का अवैध शिकार कर उनके अंगों की तस्करी करती थी। वह बाघ की हड्डियों और पेंगोलिन के स्केल को नेपाल के रास्ते चीन तक पहुंचाती थी। वर्ष 2015 में उसके खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया था, जिसके बाद से वह फरार थी। मामला गंभीर होने के कारण जांच की जिम्मेदारी एसटीएसएफ को दी गई थी। अब तक इस संगठित गिरोह के 31 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
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कई देशों तक फैला तस्करी का नेटवर्क
यांगचेन लाचुंगपा का नेटवर्क भारत के अलावा नेपाल, भूटान और चीन तक फैला हुआ है। उसके अंतरराष्ट्रीय गिरोह को देखते हुए उसके खिलाफ इंटरपोल के जरिए रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी कराया गया था। तिब्बत मूल की यांगचेन भारत के सिक्किम और दिल्ली में रहती थी। वर्ष 2017 में गिरफ्तारी के बाद उसे अंतरिम जमानत मिली थी, जिसके बाद वह फरार हो गई। 2019 में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज कर दी थी।


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देश का पहला मामला,31 आरोपियों के पूरे गिरोह पर कार्रवाई
यह देश का पहला मामला है, जिसमें शिकारियों, कूरियर, बिचौलियों और तस्करों सहित पूरे गिरोह को पकड़ा गया है। पहले पकड़े गए सभी आरोपियों को सजा भी मिल चुकी है। यांगचेन को अब नर्मदापुरम न्यायालय में पेश कर रिमांड लिया जाएगा, ताकि मामले की आगे की विवेचना की जा सके। इस सफल कार्रवाई में शामिल एसटीएसएफ टीम को उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कृत किया जाएगा।
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