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भोपाल में बाघ का खौफ: तीन शावकों के साथ शहर के बाहरी इलाकों में घूमती दिखी बाघिन
Sun, 15 Dec 2024 07:54 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sun, 15 Dec 2024 07:54 PM IST
सार
भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में बाघ के मूवमेंट की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे संबंध क्षेत्र के स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई है। बाघ के मूवमेंट के बाद लोग रात के समय घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं।
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भोपाल के आसपास बाघ का मूवमेंट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक बार फिर बाघ का मूवमेंट देखा गया है, जिससे शहर में खौफ का माहौल बन गया है। बाघिन अपने तीन शावकों के साथ शहर के बाहरी इलाकों में घूमती नजर आई है, जिसके बाद वन विभाग ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। शनिवार रात करीब 1.40 बजे मेनडोरा रोड के पास बाघिन और उसके शावकों के घूमने की खबर मिली। बाघिन को 13 गेट क्षेत्र में घूमते हुए देखा गया। इसका कार सवार लोगों ने वीडियो बना लिया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर इलाके की सुरक्षा बढ़ा दी। वहीं, पिछले कुछ समय में भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में बाघ के मूवमेंट की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे संबंध क्षेत्र के स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई है। बाघ के मूवमेंट के बाद लोग रात के समय घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। वन विभाग ने बताया कि बाघ और उसके शावकों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। विभाग ने इलाके में गश्त तेज कर दी है और स्थानीय लोगों से अपील की है कि रात में जंगल की तरफ रोड पर ना घूमें।
वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट राशिद नूर खान ने इस घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि भोपाल के पास यह इलाका बाघों के लिए एक महत्वपूर्ण आवास है। यहां बाघ प्रजनन करते हैं और कई बार बाघिन शावकों के साथ देखी जा चुकी है। यह क्षेत्र रातापानी और खिवनी नेशनल पार्क के बीच स्थित है, जिसे बाघों के लिए एक कॉरिडोर के रूप में जाना जाता है। उन्होंने कहा कि वन विभाग और प्रशासन को इस इलाके में वाहनों के संचालन पर कड़ी निगरानी रखनी चाहिए और बाघों के आवास क्षेत्र में लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। इसके साथ ही नगर निगम द्वारा लगाए गए स्ट्रीट लाइट्स पर भी सवाल उठाए गए हैं, क्योंकि ये लाइट्स रात में पैदल चहलकदमी बढ़ा रही हैं, जो बाघों के मूवमेंट को प्रभावित कर सकती है।
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वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट राशिद नूर खान ने इस घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि भोपाल के पास यह इलाका बाघों के लिए एक महत्वपूर्ण आवास है। यहां बाघ प्रजनन करते हैं और कई बार बाघिन शावकों के साथ देखी जा चुकी है। यह क्षेत्र रातापानी और खिवनी नेशनल पार्क के बीच स्थित है, जिसे बाघों के लिए एक कॉरिडोर के रूप में जाना जाता है। उन्होंने कहा कि वन विभाग और प्रशासन को इस इलाके में वाहनों के संचालन पर कड़ी निगरानी रखनी चाहिए और बाघों के आवास क्षेत्र में लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। इसके साथ ही नगर निगम द्वारा लगाए गए स्ट्रीट लाइट्स पर भी सवाल उठाए गए हैं, क्योंकि ये लाइट्स रात में पैदल चहलकदमी बढ़ा रही हैं, जो बाघों के मूवमेंट को प्रभावित कर सकती है।
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