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फर्जी प्रमोशन लेटर कांडः जांच में खुली पोल, सिंगरौली की महिला इंजीनियर पर धोखाधड़ी का केस दर्ज
Sun, 09 Nov 2025 04:58 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sun, 09 Nov 2025 04:58 PM IST
सार
सिंगरौली नगर निगम में महिला सब इंजीनियर ने फर्जी प्रमोशन लेटर बनाकर खुद को पदोन्नत दिखाने की कोशिश की। जांच में सच सामने आने पर पुलिस ने उसके खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
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नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
प्रदेश के सिंगरौली नगर निगम में फर्जी प्रमोशन लेटर का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। नगर निगम में पदस्थ महिला सब इंजीनियर ने खुद को पदोन्नत दिखाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया। मामले की जांच में सच्चाई सामने आने के बाद पुलिस ने उस पर जालसाजी और धोखाधड़ी के गंभीर आरोपों में एफआईआर दर्ज की है। जानकारी के अनुसार, नगर निगम में कार्यरत महिला सब इंजीनियर शिवानी गर्ग ने अगस्त 2025 में अधिकारियों के समक्ष एक प्रमोशन आदेश प्रस्तुत किया, जिसमें लिखा था कि उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय, भोपाल से सहायक यंत्री के पद पर पदोन्नति दी गई है। इस आदेश के आधार पर उन्होंने अपने लिए नया कार्यभार सौंपने की मांग भी की थी।
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हालांकि, नगर निगम आयुक्त सविता प्रधान को आदेश की प्रामाणिकता पर संदेह हुआ। उन्होंने भोपाल स्थित नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा मुख्यमंत्री कार्यालय से इसकी पुष्टि कराई। जांच रिपोर्ट नवंबर 2025 में आई, जिसमें स्पष्ट हुआ कि ऐसा कोई प्रमोशन आदेश कभी जारी ही नहीं हुआ था और प्रस्तुत दस्तावेज पूरी तरह फर्जी थे। इसके बाद निगम प्रशासन ने पूरी रिपोर्ट बैढ़न कोतवाली पुलिस को सौंपी। पुलिस ने दस्तावेजों में हेरफेर कर सरकारी रिकॉर्ड से छेड़छाड़ करने और अनुचित लाभ लेने की नीयत से धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया है।
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हालांकि, नगर निगम आयुक्त सविता प्रधान को आदेश की प्रामाणिकता पर संदेह हुआ। उन्होंने भोपाल स्थित नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा मुख्यमंत्री कार्यालय से इसकी पुष्टि कराई। जांच रिपोर्ट नवंबर 2025 में आई, जिसमें स्पष्ट हुआ कि ऐसा कोई प्रमोशन आदेश कभी जारी ही नहीं हुआ था और प्रस्तुत दस्तावेज पूरी तरह फर्जी थे। इसके बाद निगम प्रशासन ने पूरी रिपोर्ट बैढ़न कोतवाली पुलिस को सौंपी। पुलिस ने दस्तावेजों में हेरफेर कर सरकारी रिकॉर्ड से छेड़छाड़ करने और अनुचित लाभ लेने की नीयत से धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया है।
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