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भोपाल में ईडी की कार्रवाई: मेंटाना कंपनी के चेयरमैन समेत दो गिरफ्तार, ई-टेंडर घोटाले में हैं आरोपी
Thu, 21 Jan 2021 02:02 PM IST
कुमार संभव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: कुमार संभव
Updated Thu, 21 Jan 2021 02:02 PM IST
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घोटाला
- फोटो : सोशल मीडिया
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मध्यप्रदेश में तीन हजार करोड़ रुपये के ई-टेंडर घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके तहत ईडी ने मेंटाना कंस्ट्रक्शन कंपनी के चेयरमैन श्रीनिवास राजू मेंटाना और अर्नी इंफ्रा के संस्थापक आदित्य त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया। बता दें कि श्रीनिवास राजू ई-टेंडर घोटाले का मास्टरमाइंड था, जबकि आदित्य ने उसकी मदद की थी।
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3 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में भेजा
जानकारी के मुताबिक, ईडी ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश किया। यहां से दोनों को तीन फरवरी तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। बता दें कि श्रीनिवास राजू और आदित्य त्रिपाठी की गिरफ्तारी प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट यानी पीएमएलए के तहत की गई। गौरतलब है कि इस मामले में ईडी अब तक हैदराबाद, भोपाल और बेंगलुरू में करीब 20 ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है। साथ ही, कई लोगों के बयान भी दर्ज किए गए हैं।
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ऐसे किया था फर्जीवाड़ा
गौरतलब है कि इस मामले में हैदराबाद की कई कंपनियों ने सरकार के प्रमुख अधिकारियों और मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एमपीएसईडीसी) के आईटी सेवा प्रदाताओं के साथ मिलकर ई-टेंडर में छेड़छाड़ की थी। साथ ही, बड़े ठेके हासिल कर लिए थे। इस मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण विंग (ईओडब्ल्यू) प्राथमिकी दायर की थी, जिसके बाद ईडी ने अप्रैल 2019 में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जांच शुरू कर दी।
इन कंपनियों को हुआ था फायदा
जांच में सामने आया था कि ई-टेंडर में छेड़छाड़ करके मैक्स मेंटाना, माइक्रो जेवी हैदराबाद और जीवीपीआर इंजीनियर्स लिमिटेड कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया था। जानकारी के मुताबिक, यह ठेका पांच साल के लिए दिया गया था, जिसमें बेंगलुरू की कंपनी एंट्रेस सिस्टम लिमिटेड और टीसीएस को मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के पोर्टल की देखरेख करनी थी।
मेंटाना कंपनी को मिल गया था ठेका
आर्थिक अपराध अन्वेषण विंग ने अपने आरोप पत्र में कहा था कि एंट्रेस ने पोर्टल की देखरेख के लिए भोपाल की आईटी कंपनी ओस्मो आईटी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के संचालक विनय चौधरी और वरुण चौधरी को लॉगिन पासवर्ड दे रखा था। इन दोनों ने पासवर्ड का गलत इस्तेमाल करके टेंडर में छेड़छाड़ की। इसके बदले ठेका पाने वाली कंपनियों ने उन्हें आर्थिक लाभ दिया। बताया जाता है कि ई-टेंडर में हुई छेड़छाड़ से राजू मेंटेना की कंपनी मैक्स मेंटेना जेवी को 1030 करोड़ रुपये का ठेका मिल गया था।
