{"_id":"67ea133fe0ea02984b094d19","slug":"eid-ul-fitr-after-offering-namaz-on-eid-ul-fitr-in-bhopal-prayers-were-offered-for-peace-and-prosperity-qaz-2025-03-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Eid ul Fitr: भोपाल में ईद उल फितर पर नमाज अदा कर अमन-चैन,खुशहाली की मांगी दुआ, काजी बोले-तालीम पर खास ध्यान दो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Eid ul Fitr: भोपाल में ईद उल फितर पर नमाज अदा कर अमन-चैन,खुशहाली की मांगी दुआ, काजी बोले-तालीम पर खास ध्यान दो
Mon, 31 Mar 2025 09:31 AM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Mon, 31 Mar 2025 09:31 AM IST
सार
Eid ul Fitr: भोपाल में आज ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जा रहा है। सुबह से ही लोग नमाज पढ़ने ईदगाह और मस्जिदों में पहुंचे। भोपाल की ताज उल मस्जिद, जामा मस्जिद और मोती मस्जिद सहित अन्य मस्जिदों में भी ईद की नमाज अदा कर प्रदेश में अमन-चैन और खुशहाली की दुआ मांगी।
विज्ञापन
भोपाल में नमाज
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजधानी भोपाल में आज ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जा रहा है। सुबह से ही लोग नमाज पढ़ने ईदगाह और मस्जिदों में पहुंचे। भोपाल की ताज उल मस्जिद, जामा मस्जिद और मोती मस्जिद सहित अन्य मस्जिदों में भी ईद की नमाज अदा कर प्रदेश में अमन-चैन और खुशहाली की दुआ मांगी। भोपाल में ईदगाह पर होने वाली मुख्य नमाज सुबह 7:30 बजे अदा की गई। हर साल की तरह इस बार भी नमाज की सूचना तोप से गोले दागकर दी गई। नमाज ए खास से पहले शहर काजी मुश्ताक अली नदवी ने तकरीर में नौजवानों से कहा कि कैरेक्टर और क्वालिटी पैदा करो। नशे से दूरी रखो, हलाल कमाई पर ध्यान दो। हलाल और हराम में फर्क करना सीखो। शहर काजी ने कहा कि अपने रोजमर्रा के खर्चों को कम करो लेकिन बच्चों की अच्छी तालीम पर खास ध्यान दो।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अलर्ट पर
ईद के त्योहार के साथ शहर में नवरात्रि का त्योहार भी धूमधाम से मनाया जा रहा है। दोनों त्योहार एक साथ होने से पुलिस भी अलर्ट मोड में आ गई है। हालांकि भोपाल शहर अपनी गंगा-जमुनी तहजीब के लिए जाना जाता है। यहां एक-दूसरे धर्म के त्योहार पर सांस्कृतिक एकता की मिसाल पेश होती आई है। होली के त्योहार पर भी सभी धर्मों में एकता दिखाई दी थी। हालांकि पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर है। भोपाल पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी के मुताबिक भोपाल में 1500 से ज्यादा जवानों को तैनात किया गया है। शहर की सभी बड़ी मस्जिदों के आसपास पुलिस व्यवस्था, पार्किंग आदि की व्यवस्था की गई है। उधर ड्रोन और सीसीटीवी के माध्यम से लगातार निगरानी की जाएगी।
यह भी पढ़ें-कल से भोपाल के सरकारी अस्पतालों में सार्थक एप पर अटेंडेंस लगाना अनिवार्य, कर्मचारी कर रहे विरोध
विज्ञापन
काली पट्टी बांधकर वक्फ अमेंडमेंट बिल का विरोध
राजधानी भोपाल के ईदगाह और अन्य मस्जिदों में नमाज पढ़ने पहुंचे मुस्लिम धर्मावलंबी बांह पर काली पट्टी बांधकर पहुंचे। वे वक्फ अमेंडमेंट बिल का विरोध कर रहे हैं। दरअसल ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने मुस्लिम समुदाय से काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण और मौन विरोध प्रदर्शन की अपील की थी। बोर्ड ने कहा था कि अगर ये बिल पारित हो गया तो मस्जिद, दरगाह, मदरसे, कब्रिस्तान और कई अन्य संस्थान उनके हाथ से चले जाएंगे।
विज्ञापन
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अलर्ट पर
ईद के त्योहार के साथ शहर में नवरात्रि का त्योहार भी धूमधाम से मनाया जा रहा है। दोनों त्योहार एक साथ होने से पुलिस भी अलर्ट मोड में आ गई है। हालांकि भोपाल शहर अपनी गंगा-जमुनी तहजीब के लिए जाना जाता है। यहां एक-दूसरे धर्म के त्योहार पर सांस्कृतिक एकता की मिसाल पेश होती आई है। होली के त्योहार पर भी सभी धर्मों में एकता दिखाई दी थी। हालांकि पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर है। भोपाल पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी के मुताबिक भोपाल में 1500 से ज्यादा जवानों को तैनात किया गया है। शहर की सभी बड़ी मस्जिदों के आसपास पुलिस व्यवस्था, पार्किंग आदि की व्यवस्था की गई है। उधर ड्रोन और सीसीटीवी के माध्यम से लगातार निगरानी की जाएगी।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें-कल से भोपाल के सरकारी अस्पतालों में सार्थक एप पर अटेंडेंस लगाना अनिवार्य, कर्मचारी कर रहे विरोध
विज्ञापन
काली पट्टी बांधकर वक्फ अमेंडमेंट बिल का विरोध
राजधानी भोपाल के ईदगाह और अन्य मस्जिदों में नमाज पढ़ने पहुंचे मुस्लिम धर्मावलंबी बांह पर काली पट्टी बांधकर पहुंचे। वे वक्फ अमेंडमेंट बिल का विरोध कर रहे हैं। दरअसल ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने मुस्लिम समुदाय से काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण और मौन विरोध प्रदर्शन की अपील की थी। बोर्ड ने कहा था कि अगर ये बिल पारित हो गया तो मस्जिद, दरगाह, मदरसे, कब्रिस्तान और कई अन्य संस्थान उनके हाथ से चले जाएंगे।
