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Bhopal: कल से भोपाल के सरकारी अस्पतालों में सार्थक एप पर अटेंडेंस लगाना अनिवार्य, कर्मचारी कर रहे विरोध

Mon, 31 Mar 2025 08:31 AM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Mon, 31 Mar 2025 08:31 AM IST
सार

भोपाल में 1 अप्रैल से सरकारी अस्पतालों में सार्थक एप पर ऑनलाइन अटेंडेंस के आधार पर कर्मचारियों का वेतन तैयार किया जाएगा। MP का भोपाल पहला जिला होगा जहां स्वास्थ्य विभाग अस्पतालों में कागज रहित उपस्थिति दर्ज करवाएगा। कर्मचारी इसका विरोध कर रहे हैं।

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Bhopal: From tomorrow it is mandatory to mark attendance on the Sarthak app in Bhopal's government hospitals,
सार्थक एप - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 राजधानी भोपाल जिले में एक अप्रैल से सभी सरकारी अस्पतालों में सार्थक एप पर ऑनलाइन अटेंडेंस के आधार पर कर्मचारियों का वेतन तैयार किया जाएगा। मध्य प्रदेश का भोपाल पहला जिला होगा जहां स्वास्थ्य विभाग अपने सभी अस्पतालों और कार्यालयों में कागज रहित उपस्थिति दर्ज करवाएगा। जिला प्रशासन ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। अप्रैल के पहले दिन से सार्थक एप पर अटेंडेंस लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। पर्यावरण की सुरक्षा और कागजों की बचत करने यह व्यवस्था बनाई गई है। इधर कर्मचारी इसका विरोध कर रहे हैं। कर्मचारी संगठनों का कहना है क इससे सिर्फ कर्मचारियों को परेशान करने का रास्ता निकाला गया है। 
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कर्मचारी बोले- केवल भोपाल में ही क्यों
समस्त स्वास्थ्य कर्मचारी अधिकारी संघ के अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह कौरव ने कहा है कि इस ऐप के माध्यम से कर्मचारियों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने ने कहा कि यह व्यावस्था केलव भोपाल जिलें में ही क्यों लागू की जा रही है। उन्होंने कहा है कि किसी भी जिले में सार्थक एप शुरू नही  हुआ है लेकिन भोपाल में निरंतर दबाव बनाया जा रहा है। जिससे कर्मचारी स्वयं को डरा हुआ समझ रहे हैं, क्योंकि सार्थक एप लिए कोई संसाधन स्थाई नहीं है। कौरव ने बताया कि इसे लेकर स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ल को ज्ञापन दिया गया है।
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पर्यावरण सुरक्षा को बढ़ावा देना उद्देश्य
अधिकारियों का कहाना है कि कागज के उपयोग को कम कर पर्यावरण सुरक्षा को बढ़ावा दिया जा सके, इसी उद्देश्य से लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत भोपाल के अस्पतालों और कार्यालयों में कागज आधारित उपस्थिति के स्थान पर सार्थक एप के माध्यम से अटेंडेंस मान्य की जाएगी। जिससे मैदानी कर्मचारियों और अधिकारियों को उपस्थिति दर्ज कराने हेतु मुख्यालय आने की आवश्यकता नहीं होगी। वे अपने कार्य स्थल से सीधे अपनी उपस्थिति दर्ज करवा सकेंगे। इससे कर्मचारी अपने कार्य स्थल पर अधिक समय तक कार्य कर सकेंगे। साथ ही मुख्यालय तक आने जाने में खर्च होने वाले ईंधन की भी बचत होगी।

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पहले भी कर्मचारी कर चुके हैं विरोध
गौरतलब है कि जिला प्रशासन ने भोपाल के सभी अस्पतालों में सार्थक एप से उपस्थिति अनिवार्य की थी। इसके बाद कर्मचारी विरोध में खड़े हो गए थे। फिर दो माह पूर्व सीएमएचओ ने फिर आदेश जारी किया तब भी कर्मचारियों ने इसका विरोध किया था। नतीजतन कलेक्टर ने ऑनलाइन उपस्थिति के फायदे गिनाते हुए फिर यह आदेश जारी किया है। प्रशासन का मानना है कि यह व्यवस्था मरीजों का हित और कागजों पर होने वाले शासन के खर्च की बचत होगी। इसलिए सार्थक एप से उपस्थिति जरूरी की गई है।
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