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इको-फ्रेंडली दीपावली: भोपाल में बने 14 लाख मिट्टी के दीयों से रोशन होगी अयोध्या और मथुरा की दीपावली
Wed, 27 Oct 2021 04:34 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Wed, 27 Oct 2021 04:34 PM IST
सार
भोपाल के स्व-सहायता समूहों की 1000 महिलाओं ने 15 लाख इको-फ्रेंडली दीये बनाए हैं। इनका इस्तेमाल अयोध्या और मथुरा में दीपावली पर किया जाएगा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
इस बार अयोध्या और मथुरा की दीपावली में भोपाल का भी अहम योगदान रहने वाला है। भोपाल के स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने 15 लाख इको-फ्रेंडली दीये बनाए हैं, जो उत्तरप्रदेश भेजे जाएंगे। इनमें से 11 लाख दीये अयोध्या और 3 लाख दीये मथुरा भेजे जाएंगे।
भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया ने सोशल मीडिया पर बताया कि जिले के ग्रामीण इलाकों में रहने वाली महिलाओं के स्व-सहायता समूह ने 15 लाख दीये बनाए हैं। इन्हें गोबर, मुल्तानी मिट्टी और गेहूं के आटे के मिश्रण से बनाया गया है। इन्हें पवित्र दीया भी कहा जा रहा है। ये दीये इको-फ्रेंडली होने के साथ ही पर्यावरणीय सजगता का प्रतीक भी हैं। कलेक्टर ने बनाया कि इन दीयों को बनाने में 1,000 से अधिक महिलाओं ने योगदान दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में वोकल फॉर लोकल का नारा दिया था। इसके बाद मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर कई जिलों में कलेक्टरों ने आदेश जारी कर स्थानीय निर्माताओं का सामान खरीदने और उन्हें टैक्स से छूट देने के निर्देश दिए हैं। अब तक भोपाल समेत मप्र के करीब 15 जिलों में कलेक्टर इस तरह के आदेश जारी कर चुके हैं।
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भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया ने सोशल मीडिया पर बताया कि जिले के ग्रामीण इलाकों में रहने वाली महिलाओं के स्व-सहायता समूह ने 15 लाख दीये बनाए हैं। इन्हें गोबर, मुल्तानी मिट्टी और गेहूं के आटे के मिश्रण से बनाया गया है। इन्हें पवित्र दीया भी कहा जा रहा है। ये दीये इको-फ्रेंडली होने के साथ ही पर्यावरणीय सजगता का प्रतीक भी हैं। कलेक्टर ने बनाया कि इन दीयों को बनाने में 1,000 से अधिक महिलाओं ने योगदान दिया है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में वोकल फॉर लोकल का नारा दिया था। इसके बाद मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर कई जिलों में कलेक्टरों ने आदेश जारी कर स्थानीय निर्माताओं का सामान खरीदने और उन्हें टैक्स से छूट देने के निर्देश दिए हैं। अब तक भोपाल समेत मप्र के करीब 15 जिलों में कलेक्टर इस तरह के आदेश जारी कर चुके हैं।
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