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दमोह 8 मरीजों की मौत: कांग्रेस ने फर्जी डॉक्टर पर हत्या का केस दर्ज करने और 1-1 करोड़ मुआवजा देने की मांग की
Mon, 07 Apr 2025 05:19 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Mon, 07 Apr 2025 05:19 PM IST
सार
दमोह के मिशन अस्पताल में फर्जी डॉक्टर के ऑपरेशन से 8 मरीजों की मौत मामले में कांग्रेस सरकार पर हमलावर है। इस मामले में कांग्रेस ने फर्जी डॉक्टर पर हत्या का केस दर्ज करने और मृतकों के परिजनों को 1-1 करोड़ रुपए मुआवजा देने की मांग की है।
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कांग्रेस की प्रेसवार्ता
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश के दमोह में मिशन अस्पताल में फर्जी डॉक्टर के ऑपरेशन करने से सात मरीजों की मौत हो गई। इस मामले में सरकार भी एक्शन मोड में है और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वास्थ्य विभाग को फर्जी डॉक्टरों को चिन्हित करने अभियान चलाने की बात कही है। वहीं, इस मामले में अब कांग्रेस सरकार पर हमलावर है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता रवि सक्सेना ने मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली को लेकर भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने सोमवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाएं अत्यधिक खराब हो चुकी हैं, जिससे जनता की जान खतरे में है। उन्होंने दमोह जिले के फर्जी डॉक्टर मामले में सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
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सक्सेना ने कहा कि दमोह के मिशनरी अस्पताल में नरेंद्र विक्रमादित्य यादव नामक शख्स ने "डॉ. एनजॉन केम" के नाम से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल की। उसने जनवरी-फरवरी 2025 में 15 से ज्यादा हार्ट सर्जरी कीं, जिनमें से 8 मरीजों की मौत हो चुकी है। जांच में पता चला कि उसकी डिग्री और अनुभव पूरी तरह फर्जी थे। अस्पताल प्रबंधन ने बिना किसी पृष्ठभूमि जांच के उसे मरीजों की जिंदगी सौंप दी. जो अपने आप में गंभीर लापरवाही का सबूत है। आरोपी के फरार होने से सवाल और गहरा गया है कि क्या प्रभावशाली लोग इस मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं? उन्होंने सरकार से फर्जी डॉक्टरों और अस्पतालों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने और सख्त कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही पीड़ितों को एकएक करोड़ रुपए मुआवजा देने की मांग की है।
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कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की उदासीनता के कारण फर्जी डॉक्टरों और अवैध अस्पतालों का चलन बढ़ा है। उन्होंने याद दिलाया कि 2019 में कांग्रेस सरकार ने फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की थी, लेकिन भाजपा के सत्ता में आने के बाद यह अभियान ठंडे बस्ते में चला गया। इसके साथ ही, सक्सेना ने अमानक दवाओं के बढ़ते मामलों, आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़े और दवा खरीदी में घोटाले का भी जिक्र किया, जो जनता की सेहत के लिए खतरनाक साबित हो रहे हैं।
सक्सेना ने स्वास्थ्य सूचकांक में मध्यप्रदेश के 17वें स्थान पर गिरने को भी सरकार की नाकामी का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में डॉक्टरों की कमी और घटिया दवाओं के चलते जनता का जीवन खतरे में है।
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सक्सेना ने कहा कि दमोह के मिशनरी अस्पताल में नरेंद्र विक्रमादित्य यादव नामक शख्स ने "डॉ. एनजॉन केम" के नाम से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल की। उसने जनवरी-फरवरी 2025 में 15 से ज्यादा हार्ट सर्जरी कीं, जिनमें से 8 मरीजों की मौत हो चुकी है। जांच में पता चला कि उसकी डिग्री और अनुभव पूरी तरह फर्जी थे। अस्पताल प्रबंधन ने बिना किसी पृष्ठभूमि जांच के उसे मरीजों की जिंदगी सौंप दी. जो अपने आप में गंभीर लापरवाही का सबूत है। आरोपी के फरार होने से सवाल और गहरा गया है कि क्या प्रभावशाली लोग इस मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं? उन्होंने सरकार से फर्जी डॉक्टरों और अस्पतालों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने और सख्त कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही पीड़ितों को एकएक करोड़ रुपए मुआवजा देने की मांग की है।
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सक्सेना ने स्वास्थ्य सूचकांक में मध्यप्रदेश के 17वें स्थान पर गिरने को भी सरकार की नाकामी का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में डॉक्टरों की कमी और घटिया दवाओं के चलते जनता का जीवन खतरे में है।
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