{"_id":"68e53962181e7c46170b5391","slug":"cough-syrup-outrage-among-medical-organizations-over-the-arrest-of-a-doctor-after-the-death-of-children-warn-2025-10-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Cough Syrup: बच्चों की मौत के बाद डॉक्टर की गिरफ्तारी पर चिकित्सक संगठनों में आक्रोश, दी आंदोलन की चेतावनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Cough Syrup: बच्चों की मौत के बाद डॉक्टर की गिरफ्तारी पर चिकित्सक संगठनों में आक्रोश, दी आंदोलन की चेतावनी
Tue, 07 Oct 2025 09:37 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Tue, 07 Oct 2025 09:37 PM IST
सार
प्रोग्रेसिव मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन (PMTA) और जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JUDA) ने कफ सिरप से हुई बच्चों की मौत मामले में डॉ. प्रवीण सोनी की गिरफ्तारी पर गहरा आक्रोश दिखाया है,और चेतावनी दी है कि यदि डॉ. सोनी को सम्मानपूर्वक बहाल नहीं किया गया तो प्रदेशभर में आंदोलन छेड़ा जाएगा।
विज्ञापन
डॉ. प्रवीण सोनी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छिंदवाड़ा में ColdriF कफ सिरप से हुई 17 मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत के मामले ने प्रदेशभर में हड़कंप मचा दिया है। लेकिन इस मामले में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण सोनी की गिरफ्तारी और FIR दर्ज होने को लेकर अब प्रदेश के चिकित्सक संगठनों में गहरा आक्रोश है। प्रोग्रेसिव मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन (PMTA) और जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JUDA) ने इस कार्रवाई को जल्दबाजी में लिया गया अन्यायपूर्ण कदम बताया है और चेतावनी दी है कि यदि डॉ. सोनी को सम्मानपूर्वक बहाल नहीं किया गया और FIR वापस नहीं ली गई, तो प्रदेशभर में आंदोलन छेड़ा जाएगा।
दोषी डॉक्टर नहीं, वह सिस्टम है
PMTA के अध्यक्ष डॉ. राकेश मालवीय ने कहा है कि हम इस त्रासदी में जान गंवाने वाले मासूमों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। लेकिन इस पूरे प्रकरण की जिम्मेदारी जिस पर बनती है- यानी दवा निर्माता कंपनी और गुणवत्ता जांच करने वाले नियामक संस्थान उसे छोड़कर एक वरिष्ठ डॉक्टर पर कार्रवाई करना घोर अन्याय है। डॉ. प्रवीण सोनी ने एक लाइसेंस प्राप्त दवा का उपयोग किया। अगर उस दवा में ज़हर था, तो दोषी डॉक्टर नहीं, वह सिस्टम है जिसने उसे बाजार में बिकने दिया। हम मांग करते हैं कि उनकी गिरफ्तारी और FIR को तत्काल रद्द किया जाए, अन्यथा PMTA प्रदेशव्यापी आंदोलन करने को बाध्य होगी।
इस जहर को डॉक्टर कैसे पहचानता?
JUDA के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा है कि ColdriF कफ सिरप की रिपोर्ट में 48.6% Diethylene Glycol पाया गया, जो WHO मानक से 486 गुना अधिक है। यह एक इंडस्ट्रियल साल्वेंट है, जो सीधे तौर पर किडनी फेलियर का कारण बनता है। इस जहर को डॉक्टर कैसे पहचानता? डॉक्टर ने वही दवा दी जो दवा दुकानों और अस्पतालों में उपलब्ध थी। इसका कोई पूर्व संकेत या चेतावनी न डॉक्टर को मिली, न अस्पताल को। फिर डॉक्टर को क्यों जेल भेजा गया? यह तर्कहीन और अन्यायपूर्ण है। हम JUDA की ओर से स्पष्ट करते हैं अगर यह अन्याय नहीं रुका, तो हम OPD सेवाएं भी बंद करने जैसे कठोर कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- छिंदवाड़ा में दो और मौत, लगातार बढ़ रहा आंकड़ा, अब धानी और जेयूशा ने तोड़ा दम
प्रशासनिक लापरवाही को छुपाने डॉक्टर को बनाया गया बलि का बकरा
दोनों संगठनों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश का दवा नियंत्रण तंत्र पूरी तरह फेल रहा है और अब उस नाकामी को ढंकने के लिए एक निर्दोष डॉक्टर को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। हम डॉक्टर हैं, हत्यारे नहीं। हमें न्याय चाहिए, सहानुभूति नहीं।
यह भी पढ़ें- मां-बाप समझते रहे बड़ी बीमारी, पर दवा ही बनी जहर; दबे पांव आई मौत ने कलेजे के टुकड़ों को लीला
यह हैं डॉक्टरों की प्रमुख मांगें
1. डॉ. प्रवीण सोनी के विरुद्ध दर्ज FIR को तत्काल रद्द किया जाए।
2. उन्हें सम्मानपूर्वक बहाल किया जाए।
3. FDA और दवा निर्माता कंपनी पर आपराधिक मुकदमा चलाया जाए।
4. भविष्य में चिकित्सकों को इस प्रकार दोषी ठहराए जाने से पहले वैज्ञानिक और कानूनी तथ्यों का मूल्यांकन अनिवार्य किया जाए।
विज्ञापन
दोषी डॉक्टर नहीं, वह सिस्टम है
PMTA के अध्यक्ष डॉ. राकेश मालवीय ने कहा है कि हम इस त्रासदी में जान गंवाने वाले मासूमों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। लेकिन इस पूरे प्रकरण की जिम्मेदारी जिस पर बनती है- यानी दवा निर्माता कंपनी और गुणवत्ता जांच करने वाले नियामक संस्थान उसे छोड़कर एक वरिष्ठ डॉक्टर पर कार्रवाई करना घोर अन्याय है। डॉ. प्रवीण सोनी ने एक लाइसेंस प्राप्त दवा का उपयोग किया। अगर उस दवा में ज़हर था, तो दोषी डॉक्टर नहीं, वह सिस्टम है जिसने उसे बाजार में बिकने दिया। हम मांग करते हैं कि उनकी गिरफ्तारी और FIR को तत्काल रद्द किया जाए, अन्यथा PMTA प्रदेशव्यापी आंदोलन करने को बाध्य होगी।
विज्ञापन
इस जहर को डॉक्टर कैसे पहचानता?
JUDA के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा है कि ColdriF कफ सिरप की रिपोर्ट में 48.6% Diethylene Glycol पाया गया, जो WHO मानक से 486 गुना अधिक है। यह एक इंडस्ट्रियल साल्वेंट है, जो सीधे तौर पर किडनी फेलियर का कारण बनता है। इस जहर को डॉक्टर कैसे पहचानता? डॉक्टर ने वही दवा दी जो दवा दुकानों और अस्पतालों में उपलब्ध थी। इसका कोई पूर्व संकेत या चेतावनी न डॉक्टर को मिली, न अस्पताल को। फिर डॉक्टर को क्यों जेल भेजा गया? यह तर्कहीन और अन्यायपूर्ण है। हम JUDA की ओर से स्पष्ट करते हैं अगर यह अन्याय नहीं रुका, तो हम OPD सेवाएं भी बंद करने जैसे कठोर कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- छिंदवाड़ा में दो और मौत, लगातार बढ़ रहा आंकड़ा, अब धानी और जेयूशा ने तोड़ा दम
प्रशासनिक लापरवाही को छुपाने डॉक्टर को बनाया गया बलि का बकरा
दोनों संगठनों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश का दवा नियंत्रण तंत्र पूरी तरह फेल रहा है और अब उस नाकामी को ढंकने के लिए एक निर्दोष डॉक्टर को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। हम डॉक्टर हैं, हत्यारे नहीं। हमें न्याय चाहिए, सहानुभूति नहीं।
यह भी पढ़ें- मां-बाप समझते रहे बड़ी बीमारी, पर दवा ही बनी जहर; दबे पांव आई मौत ने कलेजे के टुकड़ों को लीला
यह हैं डॉक्टरों की प्रमुख मांगें
1. डॉ. प्रवीण सोनी के विरुद्ध दर्ज FIR को तत्काल रद्द किया जाए।
2. उन्हें सम्मानपूर्वक बहाल किया जाए।
3. FDA और दवा निर्माता कंपनी पर आपराधिक मुकदमा चलाया जाए।
4. भविष्य में चिकित्सकों को इस प्रकार दोषी ठहराए जाने से पहले वैज्ञानिक और कानूनी तथ्यों का मूल्यांकन अनिवार्य किया जाए।
