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Cheetah Project: कूनो में गड़बड़ियों की जांच शुरू, केंद्र ने वन विभाग से मांगी रिपोर्ट, अवैध ट्रेंकुलाइजेशन
Mon, 21 Oct 2024 12:36 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Mon, 21 Oct 2024 12:36 PM IST
सार
मध्य प्रदेश मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक एवं प्रधान मुख्य सन संरक्षक वन्यजीव व्ही एन अम्बाड़े ने संचालक सिंह परियोजना शिवपुरी को पत्र लिखकर सात दिन में प्रतिवेदन देने को कहा है।
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चीता
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कूनो नेशनल पार्क में चीतों के प्रबंधन को लेकर गंभीर अनियमितताओं की जांच शुरू हो गई है। केंद्र ने मध्य प्रदेश के वन विभाग से शिकायत की जांच रिपोर्ट तलब की है। वाइल्ड लाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे ने इस संबंध में केंद्र से शिकायत की थी। अमर उजाला ने 27 सितंबर को 'MP Cheetah Project: कूनो को लेकर बड़े खुलासे, अवैध ट्रेंकुलाइजेशन से हुई 'पवन' की मौत? अब तक 110 बार किया ऐसा' शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। अब एनटीसीए ने मध्य प्रदेश के वन विभाग को पत्र लिखकर जवाब तलब किया है। इस मामले में मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक एवं प्रधान मुख्य सन संरक्षक वन्यजीव व्ही एन अम्बाड़े ने संचालक सिंह परियोजना शिवपुरी को पत्र लिखकर सात दिन में प्रतिवेदन देने को कहा है। बता दें शिकायत के अनुसार कूनो नेशनल पार्क में चीतों को अवैध रूप से 110 बार ट्रेंकुलाइज किया गया, जिसके कारण चीता पवन की मौत होने की भी आशंका जताई गई। अब इन आरोपों के बाद केंद्र सरकार ने वन विभाग से जांच रिपोर्ट तलब की है।
अवैध ट्रेंकुलाइजेशन और लापरवाही के आरोप
कूनो में चीतों को अवैधानिक रूप से 110 बार ट्रेंकुलाइज किया गया, जबकि वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 11 के तहत यह कार्य बिना अनुमति के गैरकानूनी है। कूनो के अधिकारियों द्वारा चीतों के स्वास्थ्य की उपेक्षा की गई, जिसके कारण चीते पवन की मौत हुई। अन्य मृत चीतों के मामलों में भी लापरवाही की आशंका जताई गई है।
पोस्टमार्टम प्रोटोकॉल का उल्लंघन
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि एनटीसीए द्वारा निर्धारित एसओपी के अनुसार मृत चीतों के पोस्टमॉर्टम की वीडियोग्राफी अनिवार्य है, लेकिन कूनो में इसका पालन नहीं किया गया। साथ ही, चीतों के शावकों में परजीवी (टिक्स) पाए गए, जो चीतों और शावकों की देखरेख पर सवाल उठाते हैं।
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केंद्र ने वन विभाग से मांगी रिपोर्ट
शिकायत पर केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने एनटीसीए के माध्यम से मध्य प्रदेश के वन विभाग से सात दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। इसमें कूनो नेशनल पार्क के संचालक और डीएफओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
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अवैध ट्रेंकुलाइजेशन और लापरवाही के आरोप
कूनो में चीतों को अवैधानिक रूप से 110 बार ट्रेंकुलाइज किया गया, जबकि वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 11 के तहत यह कार्य बिना अनुमति के गैरकानूनी है। कूनो के अधिकारियों द्वारा चीतों के स्वास्थ्य की उपेक्षा की गई, जिसके कारण चीते पवन की मौत हुई। अन्य मृत चीतों के मामलों में भी लापरवाही की आशंका जताई गई है।
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पोस्टमार्टम प्रोटोकॉल का उल्लंघन
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि एनटीसीए द्वारा निर्धारित एसओपी के अनुसार मृत चीतों के पोस्टमॉर्टम की वीडियोग्राफी अनिवार्य है, लेकिन कूनो में इसका पालन नहीं किया गया। साथ ही, चीतों के शावकों में परजीवी (टिक्स) पाए गए, जो चीतों और शावकों की देखरेख पर सवाल उठाते हैं।
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केंद्र ने वन विभाग से मांगी रिपोर्ट
शिकायत पर केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने एनटीसीए के माध्यम से मध्य प्रदेश के वन विभाग से सात दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। इसमें कूनो नेशनल पार्क के संचालक और डीएफओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
