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रीवा में जच्चा-बच्चा के मौत का मामला : मंत्रालय के सामने धरने पर बैठे विधायक अभय मिश्रा, भोपाल पुलिस उठा ले गई

Wed, 09 Sep 2026 06:07 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Wed, 09 Sep 2026 06:07 PM IST
सार

रीवा में प्रसूता और नवजात की मौत का मामला अब भोपाल की राजनीति के केंद्र में है। कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने मंत्रालय के सामने धरना देकर स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के इस्तीफे और मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की। पुलिस ने उन्हें धरनास्थल से उठाकर ले गई ।

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Case of mother and infant deaths in Rewa: MLA Abhay Mishra sat on a protest outside the ministry; Bhopal Polic
विधायक को धरना स्थल ले जाते हुए पुलिस - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रीवा के गांधी स्मारक अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उसके नवजात बच्चे की मौत का मामला अब राजधानी तक पहुंच गया है। सेमरिया से कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा बुधवार को मंत्रालय के सामने धरने पर बैठे। वे मामले की स्वतंत्र जांच और उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। कुछ देर बाद पुलिस विधायक और उनके साथी को धरनास्थल से उठाकर ले गई। अभय मिश्रा का कहना है कि यह केवल एक महिला और उसके बच्चे की मौत का मामला नहीं है, बल्कि प्रदेश की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में जवाबदेही के संकट को दिखाता है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले में जिम्मेदार लोगों पर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए और पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए।
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विधायक बोले- सरकार को स्वास्थ्य व्यवस्था की चिंता नहीं
धरने के दौरान अभय मिश्रा ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था लगातार कमजोर हो रही है और अस्पतालों में मरीजों की परेशानियां बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार चाहे जिस विभाग से कमाई करे, लेकिन स्वास्थ्य व्यवस्था के साथ समझौता नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक, रीवा के अस्पताल में कल्पना मिश्रा की मौत के मामले में सामने आए वीडियो ने व्यवस्था की गंभीरता को उजागर किया है। विधायक ने स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि जब उनके गृह जिले के सबसे बड़े अस्पताल में ही ऐसी स्थिति है तो प्रदेश के दूसरे सरकारी अस्पतालों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
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कल्पना की मौत के बाद बढ़ा विवाद
कल्पना मिश्रा प्रसव के लिए रीवा के गांधी स्मारक अस्पताल में भर्ती हुई थीं। 26 अगस्त की रात उपचार के दौरान उनकी और उनके नवजात बच्चे की मौत हो गई। मौत के बाद परिवार ने अस्पताल के चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ पर इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए। मौत से कुछ घंटे पहले का एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें कल्पना अस्पताल के महिला वार्ड से बाहर आकर रोते हुए मदद मांगती दिखाई दे रही थीं। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह और इलाज में किसी तरह की चिकित्सकीय लापरवाही हुई या नहीं, इसका अंतिम निर्धारण जांच के बाद ही होगा।
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अस्पताल प्रबंधन पर भी हुई कार्रवाई
मामले में प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए दो डॉक्टर और दो नर्सिंग अधिकारियों को निलंबित किया गया। अस्पताल अधीक्षक को भी पद से हटाया गया। इसके बाद श्याम शाह मेडिकल कॉलेज के डीन को भी पद से हटाकर दूसरे स्थान पर भेजा गया। सरकार ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति बनाई है। इसके अलावा मजिस्ट्रियल जांच के आदेश भी दिए गए हैं।

परिवार अभी भी प्राथमिकी और स्वतंत्र जांच की मांग पर अड़ा
सरकारी कार्रवाई के बावजूद मृतका के परिजन संतुष्ट नहीं हैं। कल्पना के पिता रामशरण मिश्रा लगातार धरना-अनशन कर रहे हैं। परिवार की मांग है कि जिम्मेदार डॉक्टरों और अधिकारियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की जाए। परिजन मामले की स्वतंत्र जांच के साथ केंद्रीय जांच एजेंसी से जांच की मांग भी कर रहे हैं।


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कांग्रेस ने पकड़ा सरकार को घेरने का मुद्दा
कल्पना मिश्रा की मौत को कांग्रेस ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था का मुद्दा बना दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी रीवा पहुंचकर धरने में शामिल हो चुके हैं और स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग कर चुके हैं। अब सेमरिया विधायक अभय मिश्रा ने राजधानी में मोर्चा संभाला। उनका प्रदर्शन सीधे स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल की जवाबदेही पर केंद्रित रहा। इसी मामले को लेकर रीवा में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंत्री के आवास की ओर बढ़ने का प्रयास किया था, जहां पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आंसू गैस और पानी की बौछार का इस्तेमाल किया था।

 
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