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Bhopal: इस सीजन में ठंड ने तोड़े कई रिकॉर्ड, पिछले सालों के मुकाबले लंबी चली ठंड, अब कड़ाके की ठंड से राहत

Mon, 17 Feb 2025 04:18 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Mon, 17 Feb 2025 04:18 PM IST
सार

Mp Weather: मध्य प्रदेश में इस सीजन में ठंड ने कई रिकॉर्ड तोड़े हैं। वहीं पिछले सालों के मुकाबले ज्यादा दिनों तक कड़ाके की ठंड पड़ी। अब पूरी तरह तेज ठंड से रात मिल गई है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 10 दिन तक ऐसा ही मौसम बना रहेगा। उसके बाद तापमान और बढ़ेगा। 

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Bhopal: This season the cold broke many records, the cold lasted longer than in the previous years, now there
भोपाल का मौसम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश में इस सीजन में ठंड ने कई रिकॉर्ड तोड़े लेकिन अब ठंड से पूरी तरह राहत मिल गई है। नवंबर से शुरू हुई दिसंबर और जनवरी में कड़ाके ठंड रही। फरवरी माह के शुरुआती दौर में भी न्यूनतम तापमान 5 डिग्री तक दर्ज किया गया। वर्तमान में कोई भी सिस्टम एक्टिव नहीं है। इससे दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिली है। मौसम विभाग के सीनियर वैज्ञानिक वेद प्रकाश ने बताया कि अब प्रदेश का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से ऊपर ही दर्ज किया जाएगा। बारिश होने की भी कोई संभावना नहीं है। अगले 10 दिन तक ऐसा ही मौसम बना रहेगा। उसके बाद तापमान में और बढ़ोतरी होगी। वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष ठंड ज्यादा पड़ी है।
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नवंबर-दिसंबर और जनवरी में टूटे ठंड के रिकॉर्ड 
इस सीजन में नवंबर और दिसंबर में कड़ाके की ठंड पड़ी। ठंड ने कई रिकॉर्ड तोड़ दिए। नवंबर की बात करें तो भोपाल में 36 साल का रिकॉर्ड टूटा। इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर में भी पारा सामान्य से 7 डिग्री तक नीचे रहा। जबकि दिसंबर में भी ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ा। स्थिति यह रही कि पूरे प्रदेश में जनवरी से भी ठंडा दिसंबर रहा। भोपाल समेत कई शहरों में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए। 9 दिन शीतलहर चली।
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भोपाल में दिसंबर की ठंड ने 58 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। जनवरी में शुरुआत 10 से 15 दिन तक कड़ाके की ठंड का दौर रहा, लेकिन उसके बाद थोड़ी ठंड से राहत मिली। ठंड के दो दौर आए, जबकि तीन बार मावठा गिरा। मौसम वैज्ञानिक डॉ. वेद प्रकाश सिंह ने बताया, जनवरी में ठंड का असर जरूर रहा, लेकिन पिछले 10 साल के ट्रेंड के अनुसार तेज सर्दी नहीं पड़ी। पश्चिमी विक्षोभ की स्ट्रॉन्ग एक्टिविटी नहीं होने से तेज बारिश का दौर नहीं रहा। न ही ओले गिरे, जबकि जनवरी में ओला-बारिश का दौर भी रहता है।
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20 साल बाद इतनी खींचा ठंडी का मौसम
मध्य प्रदेश मौसम विभाग भी कहना है कि मध्यप्रदेश में इस साल ठंड का मौसम ज्यादा खिंचा। मध्यप्रदेश में ऐसा 20 साल बाद हुआ कि 3 माह के सर्दी के सीजन में 2 माह से ज्यादा कड़ाके की ठंड पड़ी। मौसम विभाग के आंकड़े बता रहे हैं कि 3 माह में मध्यप्रदेश में नवबंर, दिसंबर और जनवरी के कुल 90 दिनों में से 70 दिन सर्दी का जोर रहा। फरवरी में भी एक सप्ताह कड़ाके की ठंड देखने को मिली। इस दौरान 65 दिन तो ऐसे रहे, जब कड़ाके की ठंड पड़ी। मौसम विभाग के अनुसार मध्यप्रदेश में इतनी लंबी सर्दी का मौसम 20 साल बाद खिंचा है।


टूटेगा ट्रेंड इस बार फरवरी में नहीं होगी बारिश
मध्य प्रदेश में पिछले 10 साल में फरवरी माह के मौसम पर नजर डालें तो फरवरी महीने में रातें ठंडी और दिन गर्म रहते हैं। बारिश का ट्रेंड भी रहता है। इस बार भी ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान है। लेकिन बारिश की कोई संभावना नहीं है। जबकि भोपाल, इंदौर और उज्जैन में दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार रहेगा, जबकि रात में 10 से 14 डिग्री के बीच रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, फरवरी में सबसे ज्यादा ग्वालियर ठिठुरता है। पिछले साल यहां न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री तक पहुंचा था, लेकिन इससे पहले 5 डिग्री के नीचे ही रहा है। जबलपुर में दिन में गर्मी और रात में ठंड रहती है।
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