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Bhopal: एम्स में विद्यार्थी हिन्दी में पढ़ पाएंगे डाक्टरी की पढ़ाई, प्रथम वर्ष के स्टूडेंट को मिलेगा फायदा
Sun, 02 Feb 2025 08:01 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Sun, 02 Feb 2025 08:01 PM IST
सार
AIIMS: गांधी मेडिकल कॉलेज के बाद एम्स भोपाल में डॉक्टरी की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी को हिंदी में पुस्तक मिल पाएगी। नई क्लिनिकल और फिजियोलॉजी आधारित पुस्तक का विमोचन किया गया है। प्रथम वर्ष के एमबीबीएस, नर्सिंग और पैरामेडिकल छात्रों को फायदा मिलेगा।
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एम्स भोपाल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजधानी भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज के बाद एम्स भोपाल में डॉक्टरी की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी को हिंदी में पुस्तक मिल पाएगी। एम्स भोपाल के फिजियोलॉजी विभाग के अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. वरुण मल्होत्रा और संत हृदाराम मेडिकल कॉलेज की प्रोफेसर डॉ. ज्योति केसवानी द्वारा लिखित नई क्लिनिकल और फिजियोलॉजी आधारित पुस्तक का विमोचन किया गया है। एसएलसी इंडिया पब्लिशर्स द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक का उद्देश्य प्रथम वर्ष के एमबीबीएस, नर्सिंग और पैरामेडिकल छात्रों को चिकित्सा शिक्षा में भाषा के अंतर को पाटते हुए परीक्षा में उत्कृष्टता प्राप्त करने में मदद करना है।
क्लिनिकल और शारीरिक अवधारणा होगी सरल
यह पुस्तक एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आई है, क्योंकि यह अब हिंदी में उपलब्ध है, जो पहली बार जटिल क्लिनिकल और शारीरिक अवधारणाओं को पाठकों के लिए सरल और सुलभ बना रही है। समावेशिता और प्रभावी शिक्षण के दृष्टिकोण से, पुस्तक में 81 विशिष्ट क्लिनिकल संरचनाओं, परीक्षा की तैयारी के लिए आवश्यक शरीर-क्रिया विज्ञान आधारित प्रश्न और उत्तर शामिल हैं, जो छात्रों को व्यावहारिक समस्याओं को हल करने में सहायक होंगे। इस पुस्तक की प्रस्तावना और आमुख एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक डॉ. अजय सिंह ने कहा है, जिसमें उन्होंने चिकित्सा शिक्षा को और अधिक समावेशी बनाने पर जोर दिया है।
चिकित्सा शिक्षा होगी और सुलभ
डॉ. अजय सिंह ने पुस्तक के महत्व पर कहा है कि हमारा लक्ष्य चिकित्सा शिक्षा को और अधिक समावेशी और सुलभ बनाना है। हिंदी में इस पुस्तक को जारी करके, हम भाषा की खाई को पाटने और एमबीबीएस और नर्सिंग के प्रथम वर्ष के छात्रों को जटिल चिकित्सा अवधारणाओं को समझने में सहूलियत देने का प्रयास कर रहे हैं। यह पुस्तक छात्रों की परीक्षा में मदद करेगी और उनके भविष्य के चिकित्सा करियर के लिए एक मजबूत नींव तैयार करेगी।
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क्लिनिकल और शारीरिक अवधारणा होगी सरल
यह पुस्तक एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आई है, क्योंकि यह अब हिंदी में उपलब्ध है, जो पहली बार जटिल क्लिनिकल और शारीरिक अवधारणाओं को पाठकों के लिए सरल और सुलभ बना रही है। समावेशिता और प्रभावी शिक्षण के दृष्टिकोण से, पुस्तक में 81 विशिष्ट क्लिनिकल संरचनाओं, परीक्षा की तैयारी के लिए आवश्यक शरीर-क्रिया विज्ञान आधारित प्रश्न और उत्तर शामिल हैं, जो छात्रों को व्यावहारिक समस्याओं को हल करने में सहायक होंगे। इस पुस्तक की प्रस्तावना और आमुख एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक डॉ. अजय सिंह ने कहा है, जिसमें उन्होंने चिकित्सा शिक्षा को और अधिक समावेशी बनाने पर जोर दिया है।
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चिकित्सा शिक्षा होगी और सुलभ
डॉ. अजय सिंह ने पुस्तक के महत्व पर कहा है कि हमारा लक्ष्य चिकित्सा शिक्षा को और अधिक समावेशी और सुलभ बनाना है। हिंदी में इस पुस्तक को जारी करके, हम भाषा की खाई को पाटने और एमबीबीएस और नर्सिंग के प्रथम वर्ष के छात्रों को जटिल चिकित्सा अवधारणाओं को समझने में सहूलियत देने का प्रयास कर रहे हैं। यह पुस्तक छात्रों की परीक्षा में मदद करेगी और उनके भविष्य के चिकित्सा करियर के लिए एक मजबूत नींव तैयार करेगी।
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