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Bhopal: मंत्री शाह के जांच के लिए गठित एसआईटी पर सवाल, नेता प्रतिपक्ष बोले-शाह के अधीन काम कर चुके हैं अधिकारी
Tue, 20 May 2025 08:08 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Tue, 20 May 2025 08:08 PM IST
सार
मंत्री विजय शाह के द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित बयान देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मध्यप्रदेश सरकार ने एसआईटी गठित की है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने टीम के अधिकारियों को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
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नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
ऑपरेशन सिंदूर की सफला के बाद देश में विवादित बयान को लेकर जंग छिड़ी हुई है। कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित बयान देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मध्यप्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित की है। एसआईटी टीम में सागर रेंज के आईजी प्रमोद वर्मा को मुखिया बनाया गया है। वर्मा के अलावा एक महिला और एक पुरुष आईपीएस को इस टीम में शामिल किया गया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एसआईटी में शामिल दो अफसरों पर सवाल उठाए हैं।
दो अधिकारी मंत्री शाह के साथ किया काम
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एक्स पर लिखा कि कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए गए आपत्तिजनक बयान के मामले में मंत्री विजय शाह के खिलाफ सरकार ने जो तीन सदस्यीय SIT गठित की है, उसकी निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।सिंघार ने आगे लिखा कि सूत्रों से पता चला है। SIT में शामिल IG प्रमोद वर्मा 2010 में SP खरगोन थे। उसी वक्त विजय शाह जिले के प्रभारी मंत्री थे। डी कल्याण चक्रवर्ती 2018 में SP खरगोन थे। उस समय विजय शाह वन मंत्री थे। नेता प्रतिपक्ष ने आगे लिखा कि सरकार पर सवाल उठते हैं, क्या सुप्रीम कोर्ट को रिपोर्ट देने के नाम पर सरकार आंख मिचौली खेल रही है? या फिर SIT की निष्पक्षता सिर्फ दिखावा बनकर रह गई है?
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एक दिन पहले गठित हुई एसआईटी
सुप्रीम कोर्ट के बाद डीजीपी कैलाश मकवाना ने सोमवार रात को जांच के लिए एसआईटी का गठन कर इसका आदेश जारी कर दिया। तीन सदस्यीय एसआईटी में 1. प्रमोद वर्मा, आईजी सागर जोन, 2. कल्याण चक्रवर्ती, डीआईजी, 3. एसएएफ, वाहिनी सिंह, एसपी, डिंडौरी शामिल हैं। ये तीनों आईपीएस अधिकारी विजय शाह मामले की जांच करेंगे। गौरतलब है कि मंत्री विजय शाह ने 12 मई को महू के रायकुंडा गांव में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कर्नल सोफिया कुरैशी को आतंकवादियों की बहन बताया था। इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर मंत्री के खिलाफ 14 मई को महू के मानपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। जिसके खिलाफ विजय शाह सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे।
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दो अधिकारी मंत्री शाह के साथ किया काम
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एक्स पर लिखा कि कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए गए आपत्तिजनक बयान के मामले में मंत्री विजय शाह के खिलाफ सरकार ने जो तीन सदस्यीय SIT गठित की है, उसकी निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।सिंघार ने आगे लिखा कि सूत्रों से पता चला है। SIT में शामिल IG प्रमोद वर्मा 2010 में SP खरगोन थे। उसी वक्त विजय शाह जिले के प्रभारी मंत्री थे। डी कल्याण चक्रवर्ती 2018 में SP खरगोन थे। उस समय विजय शाह वन मंत्री थे। नेता प्रतिपक्ष ने आगे लिखा कि सरकार पर सवाल उठते हैं, क्या सुप्रीम कोर्ट को रिपोर्ट देने के नाम पर सरकार आंख मिचौली खेल रही है? या फिर SIT की निष्पक्षता सिर्फ दिखावा बनकर रह गई है?
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एक दिन पहले गठित हुई एसआईटी
सुप्रीम कोर्ट के बाद डीजीपी कैलाश मकवाना ने सोमवार रात को जांच के लिए एसआईटी का गठन कर इसका आदेश जारी कर दिया। तीन सदस्यीय एसआईटी में 1. प्रमोद वर्मा, आईजी सागर जोन, 2. कल्याण चक्रवर्ती, डीआईजी, 3. एसएएफ, वाहिनी सिंह, एसपी, डिंडौरी शामिल हैं। ये तीनों आईपीएस अधिकारी विजय शाह मामले की जांच करेंगे। गौरतलब है कि मंत्री विजय शाह ने 12 मई को महू के रायकुंडा गांव में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कर्नल सोफिया कुरैशी को आतंकवादियों की बहन बताया था। इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर मंत्री के खिलाफ 14 मई को महू के मानपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। जिसके खिलाफ विजय शाह सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे।
