फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Bhopal: Private schools are forcing students to buy books and uniforms from their favourite shops, Congress se

Bhopal: निजी स्कूल किताब-ड्रेस अपनी चहेती दुकानों से खरीदने को कर रहे मजबूर, कांग्रेस ने CS को भेजी शिकायत

Thu, 03 Apr 2025 07:43 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Thu, 03 Apr 2025 07:43 PM IST
सार

कांग्रेस ने निजी स्कूलों की शिकायत मुख्य सचिव से की है। कांग्रेस का आरोप है कि निजी स्कूल अभिभावकों को मजबूर कर रहे हैं कि वे स्कूलों द्वारा तय की गई दुकानों से महंगी यूनिफार्म और किताबें खरीदें। 

विज्ञापन
Bhopal: Private schools are forcing students to buy books and uniforms from their favourite shops, Congress se
पीसीसी में प्रेसवार्ता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

एमपी कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि निजी स्कूलों द्वारा नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी का कहना है कि अत्यंत महंगी किताबें और यूनिफार्म निजी स्कूल अपनी चहेती  दुकानों से खरीदने के लिए कह रहे हैं। त्रिपाठी ने पीले चावल के साथ मुख्य सचिव अनुराग जैन को एक  पत्र भेजा है। पत्र के माध्यम से त्रिपाठी ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निजी स्कूलों की अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई करने के तत्काल निर्देश जारी करने की मांग की है ।
विज्ञापन


आरटीई नियमों का उल्लंघन
विवेक त्रिपाठी ने कहा कि निजी स्कूलों द्वारा की जा रही अनुचित शुल्क वसूली, महंगी निजी प्रकाशनों की किताबों की अनिवार्यता, तथा आरटीई नियमों के उल्लंघन जैसी गंभीर समस्याओं को कांग्रेस द्वारा समय समय पर उजागर किया गया। जिसकी विधिवत शिकायत हमारे द्वारा शासन एवं प्रशासन के जिम्मेदार व्यक्तियों को लगातार की जा रही हैं परन्तु  अधिकारी शिक्षा माफियाओं के दबाव में कोई कार्रवाई नहीं कर रहें । जिसके कारण मध्यप्रदेश के पीड़ित अभिभावकों में रोष व्याप्त हैं।
विज्ञापन


यह भी पढे़-प्रॉपर्टी टैक्स में 10 प्रतिशत, पानी और ठोस-अपशिष्ट पर 15 प्रतिशत टैक्स की हुई बढ़ोतरी
विज्ञापन
विज्ञापन


कांग्रेस की शासन से मांग 
1. NCRT की किताबों को 1st क्लास से ही अनिवार्य किया जाए , वहीं नर्सरी केजी-1 केजी 2 की किताबों में 5 वर्ष तक किसी भी बदलाव पर अंकुश लगे ताकि बार-बार अभिभावकों पर महंगी किताबों का आर्थिक बोझ न पड़े।
2. स्कूलों द्वारा चुनिंदा दुकानों से खरीददारी कराने पर रोक लगे और इस पर सख्त कार्रवाई की जाए। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा पोर्टल पर किताबों की सूची तत्काल डाली जाएं । 
3. नियम विरुद्ध मनमाने ढंग से फीस बढ़ाने वाले स्कूलों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई हो 10% का नियम कढ़ाई से लागू हो । 
4. कांग्रेस सरकार की योजना RTE ( शिक्षा का अधिकार अधिनियम ) के तहत गरीब बच्चों को अनिवार्य रूप से प्रवेश दिया जाए और इसके पालन की निगरानी हो जिसके लिए जिला और प्रदेश स्तर पर उचित शिकायतें निवारण प्रकोष्ठ बनें । 

5.  जिला कलेक्टर कार्यालय में एक विशेष दिन शिक्षा के क्षेत्र से संबंधित शिकायतों की जनसुनवाई की जाएं । 

जबलपुर कलेक्टर की कार्रवाई का दिया उदाहरण
विवेक त्रिपाठी ने कहा कि हाल ही में जबलपुर कलेक्टर द्वारा निजी स्कूलों पर की गई कार्रवाई एक महत्वपूर्ण कदम है , जिससे शिक्षा माफियाओं पर अंकुश लगा है। कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि ऐसी कार्रवाई पूरे प्रदेश में सुनिश्चित होनी चाहिए, ताकि अन्य जिलों में निजी स्कूलों की मनमानी रोकी जा सके और छात्रों व अभिभावकों को राहत मिले , निजी स्कूलों के खिलाफ दर्ज सीएम हेल्पलाइन में शिकायतों का 15 कार्य दिवस में निराकरण कर उचित कार्यवाही करें । 

यह भी पढे़-भोपाल नगर निगम बजट से पहले निगम मुख्यालय की लागत बढ़ाने पर हंगामा, वन नेशन-वन इलेक्शन का विरोध

पीले चावल देकर सरकार को चेतावनी
विवेक त्रिपाठी ने पीले चावल के साथ मुख्य सचिव अनुराग जैन को स्मरण पत्र भेजकर सांकेतिक रूप से सरकार को चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो कांग्रेस प्रदेशभर में व्यापक आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा कोई व्यापार नहीं, बल्कि समाज का अधिकार है, इसके व्यवसाय कारण का हम पुरजोर विरोध करेंगे और कांग्रेस हर स्तर पर छात्रों व अभिभावकों के अधिकारों की लड़ाई लड़ेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed